06/02/2026
तुम घमंड हो वैभव उन बिहार के लड़कों का जिनके अंदर भ्रष्ट बिहार के खेल प्रबंधन सरकार ने क्रिकेट को मार दिया आज तुम उसे जिंदा कर रहे हो उनके सपनों को जी रहे हो पूरा कर रहे हो इसीलिये तुम हर बिहारी को अपना लगते हो...
तुम्हारे सफ़लता में बिहारी पागल हो जाता है
एक 14 साल का बच्चा बिहार के कलंक को धो रहा है बिहार को दुनिया में गर्व महसूस करवा रहा है
वैभव सूर्यवंशी का हर एक रन ,हर एक चौका और छक्का बिहार की भ्रष्ट व्यवस्था के लिए थप्पड़ होता है,
जैसे वैभव सूर्यवंशी का हर एक रन मारकर बिहार के भ्रष्ट खेल प्रबंधन सरकार को थप्पड़ मारता है क्यों बिहार के लड़के क्रिकेट में नहीं है
क्यों आज तक बिहार में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं है
बिहार का कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में क्यों नहीं खेलता था
बिहार को स्टेडियम बनाने के लिए 1995 से 2000 के बीच 50 हज़ार करोड़ मिला था वह पैसा भ्रष्टाचारी नेता खा गया,
अभी भी बेशरम सरकार बिहार को एक भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नहीं दिया है
बिहार के गली-गली में टैलेंट है मैं बिहारी होने के नाते बता रहा हूं क्रिकेट हमारे अंदर भी है लेकिन सुविधा कुछ नहीं है
ऐसे लाखों युवा हैं जो क्रिकेट के पागल हैं जो देश के लिए वर्ल्ड कप जीत सकते हैं बिहार में वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी फेंक हुआ है बस उसे मंच नहीं मिल रहा है
क्यों बिहारियों का मजाक उड़ाया जाता है बिहारी और क्रिकेट हो नहीं सकता वह लोग मजदूर करेगा सिर्फ,
अगर आज बिहार का क्रिकेट प्रबंधन सरकार सही से काम करेगी, सैकड़ों वैभव सूर्यवंशी बिहार से निकलेगा
Vaibhav Suryavanshi
कितना भी Run's मारे इसके चेहरे पर मुस्कान में ही रहता
वहां कितनी भी बैटिंग करता रहे, इसके चेहरे पर थकान नजर नहीं आता
100 मारने के बाद भी यह बिल्कुल वैसे दिखता है जैसे अभी मैदान पर बल्लेबाजी करने आया हो
बिल्कुल शांत कोई अग्रेशन नहीं पता है क्यों क्योंकि उसे पता है अभी यह मेरी शुरुआत है ज्वाला और गुस्सा आग उसके अंदर भरा हुआ है क्योंकि वह बिहारी है
बस दिखता नहीं है क्योंकि उससे करोडो लोगों का सपना पूरा करना है बिहार के लिए सबका नजरिया बदलना है
बिहारी वैभव सूर्यवंशी आज 175 रन 15 छक्के 15 चौके अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में मार दिया एक भी छक्का ऐसा नहीं जो 90 मीटर प्लस नहीं हो
Vaibhav Suryavanshi जिया हो बिहार के लाला बाबू साहब बिहार वाले दुनिया जलता रहे बिहारी अपना जलवा दिखाता रहे
हम बिहारी हैं हमारा अंदाज़ अलग होता है हम ख़रे वहाँ होते हैं जहाँ बात बड़े होते हैं
vaibhav suryavanshi शाबाश शेर ऐसे ही खेलता रहो.