17/09/2025
कृषि सुपरवाइजर किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सरकारी अधिकारी होते हैं... उनका उचित सम्मान खेती को नई ऊंचाई तक ले जाएगा.
आप गांव में रहते हैं और खेती करते हैं तो एक बार इनसे मिलिए जरूर...इनसे मिलने में फायदा ही है....
ये आपको बताएंगे कि मिट्टी की जांच कैसे होती है और इससे आपकी कितनी बचत होगी...आपको सही बीजों और दवाइयों के बारे में बताएंगे...आपको सरकारी योजनाओं के बारे में बताएंगे....फसल बीमा की पूरी जानकारी देंगे....आप मुलक में बीमा के बारे में पूछते फिरते हो पर इनसे बात नहीं करते हैं ! बगल में छोरा--गांव में ढिंढोरा' वाली कहावत साबित करते हो !
अभी हाल यह है कि अधिकतर किसान इनसे मिलते नहीं हैं, इनकी सलाह नहीं लेते हैं....उनको लगता है कि वे सब जानते हैं ! ....इस चक्कर में न मिट्टी चेक करवाते हैं और न सही बीज-दवा का इस्तेमाल कर पाते हैं.
जब ये सुपरवाइजर किसी बड़े अधिकारी या वैज्ञानिक के लिए गांव में कोई प्रोग्राम करवाते हैं तो बहुत मिन्नतें करके कुछ लोग इकट्ठे हो पाते हैं....उनको जीमने या फालतू की पंचायती में इकठ्ठा करना आसान है पर उनके धंधे के भले के लिए, परिवार के लिए जोड़ना मुश्किल है.
ऐसे में बहुत से सुपरवाइजर उदासीन हो जाते हैं और जैसे तैसे अपना टाइम निकालते हैं...जबकि ये विज्ञान के विद्यार्थी हैं, मेहनती हैं....पर करें क्या जब किसान ही इनसे बात नहीं करते.
आज और अभी एक काम करिए....पता कर लीजिये कि आपके गांव के कृषि सुपरवाइजर कौन हैं....उनसे मिल लीजिये... अभी इतना ही काफी है...फिर कुछ युवा और शिक्षित जागरूक किसान एक जगह इनको बुलाइए और इनका सम्मान कीजिए....अभी इनसे कुछ डिमांड मत करिए....इस सम्मान के बाद इनसे रहा नहीं जायेगा और ये गांव के लिए अपने आप बहुत कुछ करने में लग जाएंगे.
देखिये ....लोकतंत्र मजबूत करने का काम केवल सरकार का नहीं होता है...यह जिम्मेदारी जागरूक लोगों की होती है....पूरी दुनिया में जहां लोकतंत्र मजबूत है...वह वहां के जागरूक नागरिकों के कारण है. केवल वोट देना लोकतंत्र नहीं है, उसके बाद इस तंत्र को सही दिशा में चलाना जरूरी होता है वर्ना यह एक चुनावी खेल बन जाता है और हम सब आज उसका खामियाजा भुगत रहे हैं.
शुभ होगा....ज्यादा बारिश से खेती को हुए नुकसान की भरपाई फसल बीमा योजना से करवाएंगे...हम सब मिलकर.