02/07/2025
हम और इस देश और देश के बाहर भी बहुत सारे लोग आपका बहुत सम्मान करते हैं चाहे वह कविता के लिए हो गीत के लिए हो या भगवान राम की कहानी को अपने-अपने राम के रूप में इतनी सरलता से लोगों के बीच पहुंचाने के लिए हो हमारा मानना है कि आपके पास एक अद्भुत ज्ञान है शास्त्रों का बारीकी से अध्ययन और उसको सरलता से लोगों के बीच पहुंचाने की एक उन्नत कला आपके अंदर है
लेकिन आपकी यह टिप्पणी कि सारे ब्राह्मणों का काम दो गैर ब्राह्मणों के लिखे से चल रहा है इस पर असहमति जरूर है महर्षि वाल्मीकि और महर्षि वेदव्यास दोनों ब्राह्मण कुल से नहीं है यह किस आधार पर बोला जा रहा है
महर्षि वाल्मीकि
1-महर्षि वाल्मीकि जी के पिता ऋषि प्राचेता जो कि ब्रह्मा जी के पुत्र थे
2- स्कंद पुराण के नागर खंड में महर्षि वाल्मीकि जी को ब्राह्मण बताया गया है जिसमें लिखा गया है कि महर्षि वाल्मीकि जी का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था
महर्षि वेदव्यास
1 - महर्षि वेदव्यास के पिता पराशर ऋषि जो एक ब्राह्मण ऋषि थे
2 - भागवत पुराण के 9वें स्कंध के 21वें अध्याय में पराशर ऋषि के वंश और उनके पुत्र वेदव्यास के बारे में वर्णन किया गया है। इस अध्याय में पराशर ऋषि को वशिष्ठ ऋषि के वंशज (जो कि ब्रह्मा जी के पुत्र थे) के रूप में वर्णित किया गया है और उनके ब्राह्मण होने का साफ उल्लेख है।
3 - मत्स्य पुराण, वायु पुराण, और ब्रह्म पुराण इनमें भी महर्षि वेदव्यास एक महान और ब्राह्मण ऋषि के रूप में ही वर्णित है
अब अगर मेरी बात आप तक पहुंचती है तो आपसे या जिनको भी जानकारी हो इस विषय पर मैं उन सब से यह जरूर जानना चाहूंगा कि किस आधार पर महर्षि वाल्मीकि और महर्षि वेदव्यास जी की जाती पर ऊल जलूल टिप्पणी की जाती है।
नोट : जिनको भी इस विषय पर जानकारी हो वह अपना पक्ष जरूर रखे लेकिन मान्यताओं और कहानियों के अनुसार नहीं वेद पुराण में लिखित किसी साक्ष्य के साथ ।
प्रभात पांडेय
प्रभात पांडेय