31/08/2026
मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित भगवान शिव के पवित्र धाम मणिमहेश (कैलाश) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कठिन तीर्थयात्रा है।
मुख्य बातें और रूट की जानकारी:
दूरी और मुख्य पड़ाव: यह यात्रा मुख्य रूप से भरमौर से शुरू होती है। भरमौर से आगे हड़सर (Hadsar) तक वाहन जाते हैं, जहाँ से आगे की पैदल यात्रा शुरू होती है। हड़सर से आगे सुंदर व दुर्गम रास्तों से होते हुए धनछो (Dhanchho) पहला मुख्य ठहराव स्थल है। धनछो में रात्रि विश्राम और खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था मिलती है।
गौरी कुंड और शिव के दर्शन: धनछो से आगे चढ़ाई चढ़ने पर गौरी कुंड आता है, जिसे माता पार्वती का स्नान स्थल माना जाता है। यहाँ महिलाएँ स्नान करती हैं। इसके बाद करीब और आगे चलने पर मणिमहेश झील और पवित्र मणिमहेश कैलाश चोटी के दर्शन होते हैं। झील के पास ही बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखला और भगवान शिव का शिवलिंग रूपी पत्थर स्थित है।
यात्रा का मौसम और तैयारी:
यह यात्रा अगस्त और सितंबर के महीनों में होती है जब मौसम साफ रहता है, लेकिन पहाड़ पर अचानक बारिश या ठंड बढ़ सकती है।
यात्रा के लिए गर्म कपड़े, रेनकोट, मजबूत ट्रैकिंग जूते, और छड़ी (Walking Stick) ज़रूर साथ रखें।
अधिक ऊँचाई (High Altitude) होने के कारण कई बार सांस लेने में दिक्कत या चक्कर आ सकते हैं, इसलिए रास्ते में पर्याप्त पानी और ग्लूकोज या ड्राई फ्रूट्स अपने पास रखें।
हर हर महादेव 🛕🚩👏