25/06/2025
चक्रधरपुर: प्रकृति के आंचल में छिपे रत्न
चक्रधरपुर, झारखंड के मनोरम परिदृश्य में बसा एक ऐसा शहर है जहाँ प्रकृति अपने सबसे अद्भुत रूपों में प्रकट होती है। यहाँ की हरियाली, झरनों की कलकल और शांत झीलों का सौंदर्य पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेता है। इस प्राकृतिक स्वर्ग का केंद्र बिंदु है बर्टन लेक, जिसे चक्रधरपुर का हृदय भी कहा जा सकता है, और यह 0 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, क्योंकि यह शहर के भीतर ही है। बर्टन लेक की शांत जलधाराएँ और आसपास का हरा-भरा वातावरण मन को असीम शांति प्रदान करता है।
बर्टन लेक से अपनी यात्रा शुरू करते हुए, सबसे पहले हम पंप डैम चक्रधरपुर की ओर बढ़ते हैं, जो बर्टन लेक के नीचे की तरफ स्थित है और मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर है। यह पहाड़ों से घिरा एक और खूबसूरत स्थल है, जहाँ आप प्रकृति की गोद में कुछ पल बिता सकते हैं।
पूर्व की ओर चाईबासा रोड में 11 किलोमीटर दूर, हमें सराईड झरना मिलता है। पहाड़ों के बीच से गिरता इसका पानी एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है, जो आँखों को सुकून देता है।
उत्तर की ओर टोकलो तरह 12 किलोमीटर का सफर तय करके हम बाघमारा डैम पहुँचते हैं। यह भी पहाड़ों में स्थित एक शांत और सुरम्य स्थान है, जहाँ सूर्योदय और सूर्यास्त के नज़ारे बेहद captivating होते हैं।
पश्चिम की ओर रांची रोड में बर्टन लेक से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है नकटी डैम। आगे इसी दिशा में लोटा झरना 31 किमी, हिरणी फॉल 44 किमी और पंचघाघ 67 किमी दूर हैं। ये सभी पहाड़ों के बीच छिपे खूबसूरत स्थल हैं, जहाँ प्रकृति की सुंदरता अपने चरम पर होती है।
दक्षिण की ओर सोनुवा तरह 34 किलोमीटर की दूरी पर हमें पाँसुआ डैम मिलता है। पहाड़ों में स्थित यह बांध भी अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
इस प्रकार, चक्रधरपुर अपने बर्टन लेक के केंद्र से निकलकर, कई किलोमीटर के दायरे में फैले प्राकृतिक चमत्कारों का एक समूह प्रस्तुत करता है। यहाँ हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ खास है, चाहे वह शांत झीलें हों, गरजते झरने हों या पहाड़ों की गोद में बसे बांध हों। चक्रधरपुर सचमुच प्रकृति का एक अनमोल उपहार है।
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