निषाद एकता मंच तहसील चकिया जिला चंदौली उत्तर प्रदेश

  • Home
  • India
  • Chakia
  • निषाद एकता मंच तहसील चकिया जिला चंदौली उत्तर प्रदेश

निषाद एकता मंच तहसील चकिया जिला चंदौली उत्तर प्रदेश Nishad Party

28/10/2024

भाग गए रणछोड़ सभी,
देख अभी तक खड़ा हूँ मैं
क्या हुआ विजय न चूम सका,
क्षमता भर अपनी लड़ा हूँ मैं।

ग्लानि जो खुद से हार गए,
वैसा बेचारा नही हूँ मैं
जाके कह दो विषम लक्ष्य से,
हारा नही हूँ मैं।

प्रत्यंचा टूट गई तो क्या
फिर से पिनाक मैं बाँधूंगा
अड़चन आएंगी आने दो
अंतिम साँसों तक साधूंगा
कब तक चूकेंगे साध्य मेरे
भाग्य सहारा नहीं हूँ मैं
जाके कह दो विषम लक्ष्य से हारा नहीं हूँ मैं।

जितना संघर्ष कठिन होगा
उतनी ही प्यारी जय होगी
फिर तूफानों में भी लड़ने में
काया वो निर्भय होगी
मजधारों का ही राही हूँ
देख किनारा नही हूँ मैं
जाके कह दो विषम लक्ष्य से हारा नही हूँ मैं।

जीवन तो है बस इतना ही
हम जीते हैं या मरते हैं
बेकार बैठने से अच्छा
जो शुरूआत तो करते हैं

कम से कम अपनी आकांक्षाओं,
का हत्यारा नही हूँ मैं
जाके कह दो विषम लक्ष्य से, हारा नही हूँ मैं।

जब मेहनत सफल नही होती,
हिम्मतें दांव दे जाती है

विश्राम नही दूंगा खुद को,
ये हार बहुत सिखलाती है
गिरकर उठने का आदी हूँ,
ठोकर का मारा नहीं हूँ मैं।

जाके कह दो विषम लक्ष्य से, हारा नहीं हूँ मैं।

साभार AK Majhawar

05/12/2023
02/02/2023

सादर अवगत कराना है कि 29 अगस्त 1977 के शासनादेश में भारत सरकार के संविधान में सूचीबद्ध अनुसूचित जाति के 66 जातियों के समूह का उल्लेख किया गया है जिसकी सूची नं0-1 संलग्न है। सन् 1961 में सेन्सस ऑफ इण्डिया 1961 एपेनडिस्क टू सेन्सस मैनुअल पार्ट (एक) उत्तर प्रदेश में उल्लेख किया गया है कि केन्द्र सरकार से इन अनुसूचित जातियों के समूह के पर्यायवाची व जेनरिक नामों का जनगणना करने के सम्बन्ध में जारी है। जिसकी सूची सरकार द्वारा प्रकाशित है जिसमें अनुसूचित जातियाँ के नाम के आगे उनके प्रर्यायवाची और जेनेरिक नाम दिए गये हैं। इस सम्बन्ध में क्रम संख्या 51 पर मझवार की पर्यायवाची जेनेरिक नाम केवट, मल्लाह आदि क्रम संख्या 57 पर पासी की भर राजभर आदि और क्रम संख्या-63 पर शिल्पकार में प्रजापति कुम्हार आदि उल्लेखित हैं तथा उसके गाइड लाइन जिन बिन्दुओं के आधार पर बनाए गए हैं, उसमें उनका जो व्यवसाय है- फिशरमैन, क्राफ्टमैन, हण्टर, फारेस्टिव आदि उल्लिखित है, जिसमें सूची नं0-2 संलग्न है। उपरोक्त आशय का पत्र दिनांक 18-12-2021 को मा० मुख्यमंत्री दिया गया और देश के अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जन जातियों के व्यक्तियों को उनके उपनाम, सरनेम लगाने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है जिसमें सूची न०-3 संलग्न है। इसी क्रम में दिनांक 20-12-2021 को मा मुख्यमंत्री जी द्वारा रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इण्डिया जनगणना आयुक्त भारत सरकार नई दिल्ली से मझवार जाति उनके पर्यायवाची उपनाम को मझवारअनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र जारी करने की दिशानिर्देश और मार्गदर्शन की माँग किया गया, जिसमें सूची नं0-4 संलग्न है। जिसके क्रम में विशेष सचिवध्महारजिस्ट्रार जनगणना, भारत सरकार के पत्र दिनांक 18-01-2022 को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जति मझवार के पर्यायवाची उपनाम के विषय में सहकारिता एवं सामाजिक न्याय मंत्रालय, भारत सरकार को एक पत्र लिखा कि जनगणना विभाग उत्तर प्रदेश के सन् 1961 में सेन्सस ऑफ इण्डिया 1961 एपेनडिस्क टू सेन्सस मैनुअल पार्ट (एक) उत्तर प्रदेश में उपरोक्त पर्यायवाची उपनाम उपजातियां क्रम संख्या-51 पर मझवार की पर्यायवाची जाति केवट, मल्लाह आदि का नाम अंकित है, जिसमें सूची नं0-5 संलग्न है। 30 सालों से उनके हक अधिकार न मिलने से ये जातिया समाज व विकास की मुख्य धारा से पिछड़ते चले गये। पिछली सरकार ने जाते-जाते दिनांक 31-12-2016 को राज्यपाल द्वारा अधिसूचना जारी कर उपरोक्त जातियों को पिछड़ी जाति से निकाल दिया, जिसमें सूची नं0-6 संलग्न है। जबकि सन् 1961 में सेन्सस ऑफ इण्डिया 1961 एपेनडिस्क टू सेन्सस मैनुअल पार्ट (एक) सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों की सूची जो प्रकाशित है, उसमें उपरोक्त जातियाँ पूर्ववत् सम्मिलित हैं। यहाँ यह कहना न्याय संगत होगा कि उपरोक्त जातियाँ अनुसूचित जाति से हैं एवं उपरोक्त सेन्सस रिपोर्ट एवं केन्द्र सरकार के अनुसूचित जातियों की सूची को देखते हुए उपरोक्त जातियों को मझवार तरमाली पासी, शिल्पकार का अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र निर्गत कराया जाना न्याय संगत होगा।

आप अवगत है कि आरक्षण के मुद्दे का मामला केन्द्र सरकार द्वारा हल किया जाता है। उत्तराखण्ड उत्तर प्रदेश का पार्ट रहा है जहां पर शासनादेश के माध्यम से बताया गया कि संविधान में सूचीबद्ध शिल्पकार जाति नहीं बल्कि जातियों का समूह है। तहसील स्तर पर शिल्पकार के उपजातियों के समूह को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता था। ऐसे में उत्तराखण्ड सरकार ने शिल्पकार के पर्यायवाची जातियाँ (कुम्हार, प्रजापति आदि) का वर्णन करते हुए शासनादेश जारी करके उनको शिल्पकार अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है, जिसमे सूची नं0-7 संलग्न है। उत्तर प्रदेश में भी मामला परिभाषित करने का ही है क्योंकि जब एक बार राष्ट्रपति एवं केन्द्र सरकार ने मान लिया कि केवट, मलाह आदि है तो इस समय उत्तर प्रदेश में हमे पिछड़ी जाति में शामिल किया गया जो गैर संवैधानिक है। उपरोक्त जातियों को पिछड़ी से हटाकर और केन्द्र सरकार संसद वा सहकारिता एवं सामाजिक न्याय मंत्रालय से संवैधानिकः एव न्यायोचित तरीके से मझवार, तुरहा, पासी, शिल्पकार जाति को परिभाषित करके उनके पर्यायवाची उपनाम केवट, मल्लाह, बिन्द, कहार कश्यप, तुरहा, बायम रैकवार, धिवर, प्रजापति, भर राजभर आदि को अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र उत्तर प्रदेश में दिलाने की कृपा करें। जिससे कि इन जातियों को सवैधानिक संरक्षण तथा सुरक्षा मिल सके तथा इस समाज को भी विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके।

उपरोक्त आरक्षण संबंधित मुद्दे को सांसद ई० प्रवीण कुमार निषाद द्वारा केंद्र सहकारिता एवं सामाजिक न्याय मंत्रालय में मार से संबंधित उत्तर प्रदेश के संबंध में जवाब मांगा गया था। जवाब में 26 जुलाई 2022 को माननीय मंत्री ए. नारायण स्वामी ने लिखित रूप से जब दिया है कि मझवार 1950 से ही उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अनुसूचित जाति मेंअधिसूचित है और इनके उपनामध्पर्यायवाचीध्सीनोनिम्स के लोगों को राज्य सरकार जांच कराएं और इनका अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र जारी करें तथा अनुसूचित जाति की सुविधा प्रदान करें।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इन पुकारू पर्यायवाची उपनाम केवट, मल्लाह, बिन्द, कहार, कश्यप, तुरैहा, बाथम, रैकवार, धिवर, प्रजापति, भर, राजभर आदि जातियों को उत्तर प्रदेश सरकार में मझवार, तुरैहा, पासी, शिल्पकार जाति के नाम से अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र निर्गत कराया जाए जो सरकार की मंशा है। कृपया केन्द्र सरकार से आप माननीय जी मांग रखकर इन जातियों को संसद या सहकारिता एवं सामाजिक न्याय मंत्रालय से परिभाषित कराकर इनके मूल जाति व समूह मझवार, तुरैहा, पासी, शिल्पकार अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र निर्गत कराए जाने की कृपा करें।

संलग्नक यथोक्त

02/02/2023

Jai nishad Raj 🙏🙏

Address

Chakia
232103

Telephone

+918075822695

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when निषाद एकता मंच तहसील चकिया जिला चंदौली उत्तर प्रदेश posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share