मस्ती की पाठशाला

मस्ती की पाठशाला Gudhanathawatan

शिक्षा मानव का एक महत्वपूर्ण आभूषण होता है लेकिन सही और सच्ची सीख से आज भी ज्यादातर लोग महरूम है। जागरूकता एवं जानकारी के अभाव में कई लोग आज भी शोषित पीड़ित है और तथाकथित उच्च वर्ग उन दीन हीन लोगों को नजरअंदाज कर सभ्य होने का ढोंग करते है।

19/06/2026

भीमलत महादेव

19/06/2026

रामगढ़-विषधारी के बाणगंगा व भीमलत क्षेत्र में जंगल सफारी की तैयारी, देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए जल्दी खुलेगा टाइगर रिजर्व का जोन नंबर तीन। हाड़ौती के साथ साथ मेवाड़ के लोगों को भी मिलेगा टाइगर रिजर्व का लाभ।
#रामगढ़_विषधारी_टाइगर_रिजर्व

अच्छी बात
19/06/2026

अच्छी बात

राजस्थान में बना चार टाइगर रिजर्व का विस्तृत टाइगर कॉरिडोर, बाघ-बघेरों सहित अन्य वन्यजीवों को मिलेगा प्राकृतिक गलियारा।

मध्यप्रदेश की तरह राजस्थान में भी बाघ गलियारे को विकसित करने की आवश्यकता।

एक ही पर्यटन जोन में हुए चार टाइगर रिजर्व, बढ़ेगा इको टूरिज्म।

(पृथ्वी सिंह राजावत)

बूंदी। अभी हाल ही में मध्यप्रदेश के पेंच, कान्हा, बांधवगढ़ व पन्ना टाइगर रिजर्व के लिए मध्यप्रदेश शासन व केंद्र सरकार ने 600 करोड़ की योजना तैयार की है जिसपर काम शुरू हो गया है। इसी तरह राजस्थान के भी चार टाइगर रिजर्व एक दूसरे से जुड़े होने से राज्य में 4730 वर्ग किलोमीटर व करीब 400 किलोमीटर लंबा एक विस्तृत टाइगर रिजर्व बनकर उभरा है। रणथंभौर व मुकुन्दरा-हिल्स टाइगर रिजर्व के बीच रामगढ़- विषधारी तो दूसरी तरफ धौलपुर-करोली टाइगर रिजर्व बनने से चारों टाइगर रिजर्व की सीमाएं एक दूसरे से मिल गई है। इस बाघ गलियारे में राज्य का जैवविविधता से अतिसमृद्ध चंबल घांटी व अरावली व विंध्याचल का इलाका शामिल है। इस वृहत टाइगर कॉरिडोर के बनने से रणथंभौर में बढ़ते बाघों को नया इलाका मिलने की उम्मीद बढ़ी है और हाड़ौती के जंगलों में फिर से बाघों की दहाड़ सुनाई देने लगी है। चारों टाइगर रिजर्व की सीधी कनेक्टिविटी होने से अब मेवाड़ व मालवा क्षेत्र में भी बाघों की सहज आवाजाही मध्यप्रदेश तक संभव हो सकेगी। राज्य के धौलपुर, करोली, सवाईमाधोपुर, बून्दी, कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ व झालावाड़ जिलों में यह टाइगर कॉरिडोर फैला हुआ है। मध्यप्रदेश की तरह इस टाइगर कॉरिडोर को विकसित करने के लिए भी राज्य एवं केंद्र सरकार को जल्दी बजट जारी कर काम शुरू करवाना देश के वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
(फ़ोटो- AI से बनाया गया है)

भीमलत
19/06/2026

भीमलत

रामगढ़-विषधारी के बाणगंगा व भीमलत क्षेत्र में जंगल सफारी की तैयारी, देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए जल्दी खुलेगा टाइगर रिजर्व का जोन नंबर तीन। हाड़ौती के साथ साथ मेवाड़ के लोगों को भी मिलेगा टाइगर रिजर्व का लाभ।
#रामगढ़_विषधारी_टाइगर_रिजर्व

हमारा भीमलत अब बनेगा बाघों का नया घर...
19/06/2026

हमारा भीमलत अब बनेगा बाघों का नया घर...

भीमलत में जंगल सफारी की तैयारी पूरी, एंट्री गेट, चेक पोस्ट व ट्रेक निर्माण कार्य अंतिम चरण में।
टाइगर रिजर्व बनने के बाद पहली बार भीमलत व बाणगंगा क्षेत्र में टाइगर सफारी के लिए बना आकर्षक एंट्री गेट।

(पृथ्वी सिंह राजावत)

बूंदी। रामगढ विषधारी टाइगर रिजर्व के भीमलत बफर क्षेत्र के जोन के नंबर 3 में वन विभाग ने जंगल सफारी शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। विभाग ने बूंदी-चित्तौड़ मार्ग पर एंट्री गेट, गॉर्ड चौकी व ट्रेक निर्माण का कार्य लगभग पूरा कर लिया है और जल्दी ही पर्यटकों के लिए यह जोन खोल दिया जाएगा। वर्तमान में वन विभाग की बेबसाइट पर बून्दी जिले में तीन रूट पर सफारी की बुकिंग हो रही है जिनमें भीमलत जंगल सफारी भी शामिल है लेकिन अभी तक भीमलत में सफारी शुरू नहीं हो सकी थी। टाइगर रिजर्व के बफर जोन में एन टी सी ए ने तीन सफारी रूटों पर टाइगर सफारी की स्वीकृति प्रदान की है जिनमें से टाइगर हिल, सूरज छतरी व भीमलत शामिल है।

भीमलत बफर जोन बनगा टाइगर सफारी का प्रमुख केंद्र

टाइगर रिजर्व की नवगठित भोपतपुरा रेंज में उपरमाल के पठार पर 800 हेक्टेयर के विशाल वन क्षेत्र को भेड़ियों व गिद्धों के संरक्षण क्षेत्र के रूप में चिह्नित कर काम शुरू कर दिये हैं। टाइगर रिजर्व के कोर प्रशासन ने बफर जोन में आने वाले इन महत्वपूर्ण जंगलों को बाघों के साथ साथ अन्य वन्यजीवों के अनुकूल बनाने की पूरी तैयारी कर ली है तथा उम्मीद है कि जल्दी ही इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे। योजना के तहत टाइगर रिजर्व क्षेत्र की भोपातपुरा रेंज में भीलवाड़ा जिले के बांका, भोपातपुरा, जलिन्द्री, सुंठी, भड़क्या माताजी का नाला, सीताकुंड तथा बून्दी जिले के भीमलत व मुंदेड़ वन खंड को इनके संरक्षण के लिए सबसे अच्छे जंगल माना गया है। यहां पर भीमलत की प्राकृतिक वादियां, बाणगंगा नदी के पास भाला का जंगल, भोपातपुरा के पास भड़क्या माताजी का जंगल व गरड़दा व अभयपुरा बांधो के बीच मुंदेड़ का पठार भेड़ियों व गिद्धों के संरक्षण स्थल के रूप में विकसित होंगे। इस क्षेत्र में भीमलत टाइगर सफारी शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटक बाघों के साथ साथ भेड़ियों व गिद्धों का भी दीदार कर सकेंगे।

जंगल मे लगे सोलर पैनल, विकसित हुए ग्रासलैंड

योजना के तहत चिह्नित जंगलों में करीब 800 हेक्टेयर के पठारी भूभाग में घास के मैदान विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं जिसके सकारात्मक परिणाम नजर आने लगे हैं। वन्यजीवों की पेयजल व्यवस्था के लिए जंगल मे सोलर पैनल लगाकर नलकूपों से पानी की आपूर्ति की जा रही है इसी तरह विलायती बम्बूलों व लेंटाना को हटाकर ग्रासलैंड विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। वर्तमान में इन जंगलों में पैंथर, चिंकारा, भेड़िए, सियार, लोमड़ी, अजगर, नीलगाय, सेही, गिद्ध व भालुओं की मौजूदगी दर्ज की गई है। बाघिन आरवीटी-8 भी भीमलत तक जाती रहती है। यहां बड़ी संख्या में देशी विदेशी पक्षियों की भी उपस्थित साल भर बनी रहती है।

वन नाका व चौकियां बनी, कैमरों से होगी निगरानी

प्रस्तावित वन्यजीव संरक्षण व टूरिज्म योजना की क्रियान्विति के लिए वन विभाग ने बून्दी व भीलवाड़ा जिले की सीमा पर 20 वां मील घांटे पर मूंदेड़ वन नाका व एंट्री गेट पर चौकी बनाई है ताकि 24 घण्टे मोनिटरिंग की जा सके। लवकुश वाटिका के बाहर पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए सुविधाघर बनाए जा रहे हैं।

भीमलत जाने वाले वाहनों को भी देनी होगी एंट्री फीस

टाइगर रिजर्व के इस बफर जोन में टाइगर सफारी शुरू होने के साथ ही भीमलत महादेव स्थान पर जाने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटक वाहनों को भी टाइगर रिजर्व के नियमानुसार एंट्री फीस देनी होगी। इसके लिए विभाग जल्दी ही शुल्क निर्धारित कर स्थानीय इको डेवलपमेंट कमेटी की देखरेख में वाहनों के प्रवेश की योजना बना रहा है। भीमलत महादेव स्थल पर बारिश के दिनों में आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं द्वारा प्लास्टिक के उपयोग व यहां अस्थायी दुकानें लगाने वालों पर भी विभाग पाबंदी लगाने की तैयारी में है।....
टाइगर रिजर्व के भीमलत बफर जोन में सफारी शुरू करने व इस क्षेत्र को बाघों के अनुकूल बनाने के लिए एंट्री गेट व अन्य आवश्यक कार्य कराए गए हैं और जल्दी ही यहां सफारी शुरू करवाने के प्रयास कर रहे हैं।

अरुण कुमार डी, उपवन संरक्षक एवं उपक्षेत्र निदेशक, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व (कोर), बूंदी #रामगढ़_विषधारी_टाइगर_रिजर्व

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14/06/2026

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राजस्थान का चौथा एवं तेजी से उभरता टाइगर रिजर्व है बूंदी का रामगढ़-विषधारी #रामगढ़_विषधारी_टाइगर_रिजर्व

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