30/04/2021
मित्रों, मेरे गाँव #बींझबायला का स्थापना दिवस है
#बींझबायला
यह गांव बीकानेर संभाग के बड़े गाँवो में से एक है गांव की नींव एक शदी से भी पुरानी है जाहिर है यह गांव अपना इतिहास रखता है ! आज के ही दिन गांव की नींव आशाराम जी गोदारा ने विधीविधान से रखी ।अपने छोटे पुत्र बींझाराम व बांया जी ( मंदिर ) के नाम से गांव का नामकरण किया ।विक्रमी संवत 1905 को गांव की स्थापना की गयी।
सभी ग्रामवासियों को बधाई एंव ढेरों शुभकामनाएं
हाथ खड़ा कर गांव का मुखिया चुनने में की परम्परा भी इस गांव ने निभाई है पहले सरपंच के तौर पर चौधरी चूनीराम महिया को माना जाता है ! बाद में इस गांव ने दो पंचायत समिति प्रधान और 1 जिला प्रमुख क्रमशः चौधरी गंगाराम मण्डा, स. जय सिंह सोखल और चौधरी सुरजाराम मोर के रूप ने दिये दो बार लगातार सरपंच बनने का मौका चौधरी श्योपत राम मोर को मिला उक्त सभी लोग कॉंग्रेस के कद्दावर नेताओ में से एक थे बाद में चौ. गंगाराम मण्डा का परिवार ने कॉंग्रेस छोड़ दी ! इस गांव में अब तक 10 से अधिक सरपंच चुने गए
विभिन्न धर्मो वाला यह गाँव धार्मिक सदभावना का प्रतीक है हिन्दू मुसलमान सिख ईसाई सभी अपनी आजिविका को लेकर एक दूसरे पर निर्भर है !
हक़ीक़त यह भी है कि राजनीतिक वर्चस्व रखने वाला यह गांव हमेशा से उपेक्षाओं का शिकार रहा है , जितना बड़ा गाँव है , जितनी बड़ी आबादी यहाँ निवास करती है उस प्रकार की सरकारी सुविधाओं की प्राप्ति हमारे गाँव को नही हुई है फ़िर भी यह गाँव श्रीगंगानगर जिले में बेहतरीन गांवों से एक है
सदैव गाँव में शांति प्रिय माहौल रहा है , अलग अलग दलों में राजनीति करने वालों में भी वैचारिक मतभेद है , कोई झगड़ा नही है ,
आज इतना ही .... कभी फिर लिखेंगे गाँव और क्षेत्र के वो पहलू जिन्हें किसी ने छूने की कोशिश तक नही की जो गाँव व आमजन के लिए बड़ी जरूरत रही है लेकिन आज भी अभाव है आपकी नजर में कोई सुविधा नही इस गाँव मे वह भी कॉमेंट बॉक्स में लिख सकते है