19/06/2026
अगले जनम मोहे हुड्डा ही कीजै..
विजेन्दर सिंह हुड्डा.. देश के चर्चित 3700 करोड़ की ठगी के बाइक बोट घोटाले में आरोपी, यूपी पुलिस के 5 लाख रूपये के वान्टेड थे. फरार होकर विदेश चले गये, डेढ़-दो साल बाद "दिव्य वापिसी" की तो UPSTF उन्हें भूल चुकी थी. अदालत ने उन्हें खड़े-खड़े आरोपी के किरदार से केस का "मुख्य मददगार" बना दिया. ना जमानत और ना कोई आरोप.
फिर हुड्डा ने राजनीति में एंट्री की. चौधरी चरणसिंह की पुरानी "लोकदल" के रातोंरात राष्ट्रीय महासचिव बन गये. मेरठ-बिजनौर में 6-8 महीने सिर्फ विजेन्दर सिंह के ही होर्डिग्स नेशनल हाइवेज और एक्सप्रेसवे पर देखे गये. करोड़ों रूपया सियासी जमीन तैयार करने में पानी की तरह खर्च किया.
मगर लोकसभा चुनाव आते-आते उनका सेन्ट्रल सत्ता बैकअप कमजोर पड़ गया. इस वक्त तक बीजेपी के हाथ जयंत चौधरी आ चुके थे. लोकदल से बड़े पद को हुड्डा ने रातोंरात ठोकर मारी और बिजनौर लोकसभा सीट से बसपा के उम्मीदवार बन गये. चुनाव लड़ा, हारे.
और फिर एक दिन पता चला कि हुड्डा हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी के मालिक बन गये है. कुछ महीने पहले UPSTF ने उनकी यूनिवर्सिटी में छापा मारकर फर्जी डिग्रियां बांटने का धंधा पकड़ा. हुड्डा और उनके कई करीबी जेल गये. हुड्डा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच हुई. छापेमारी हुई. मगर फिर धीरे से सब चुप हो गये.
अब हुड्डा ने फिर शानदार रिटर्न किया और न्यूज-27 चैनल की लांचिंग कर दी. हुड्डा के साथ अब यूपी बीजेपी के कई बड़े नेता और मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विराजमान है.