Bijainagar -बिजयनगर

Bijainagar -बिजयनगर बिजयनगर भारतीय राज्य राजस्थान के अजम?

09/09/2024

लगभग 35 वर्ष बाद इस तरह से आई हमारे क्षेत्र की लाइफलाइन
खारी नदी ...

नगरवासियों और आस पास के ग्रामीणों में उत्साह

आज आपको बताते है  #राजपुताने की एक रोचक बात जो शायद ही किसको पता हो हमारे पूरे भारत वर्ष में  #राजपूताना को छोड़ कर ऐसा ...
20/11/2022

आज आपको बताते है #राजपुताने की एक रोचक बात जो शायद ही किसको पता हो हमारे पूरे भारत वर्ष में #राजपूताना को छोड़ कर ऐसा कोई राज्य नहीं है जहां मुगलों के नाम से जगह ना हो केवल राजपूताना (राजस्थान) ही ऐसी जगह है जहां कोई भी जिला मुगलों के नाम से नहीं है यही बात #राजपूतों का बलिदान और उनकी वीरता दर्शाने के लिए काफी है।

!! अब एक एक जिलों का परिचय करवाती हु!!

#अजमेर:- अजमेर 27 मार्च1112 में चौहान राजपूत वंश के तेइसवें शासक अजयराज चौहान ने बसाया!!

#बीकानेर:- बीकानेर का पुराना नाम जांगल देश, राव बीका जी राठौड़ के नाम से बीकानेर पड़ा!

#गंगानगर:- महाराजा गंगा सिंह जी से गंगानगर पड़ा!

#जैसलमेर:- जैसलमेर ,महारावल जैसलजी भाटी ने बसाया

#उदयपुर: - महाराणा उदय सिंह सिसोदिया जी ने बसाया उनके नाम से उदयपुर पड़ा!!

#बाड़मेर:- बाड़मेर को राव बहाड़ जी ने बसाया!!

#जालौर:- जालौर की नींव 10वी शताब्दी में परमार राजपूतों के द्वारा रखी गई! बाद में चौहान, राठौड़, सोलंकी आदि राजवंशो ने शासन किया!!

#सिरोही:-राव सोभा जी के पुत्र, शेशथमल ने सिरानवा हिल्स की पश्चिमी ढलान पर वर्तमान शहर सिरोही की स्थापना की थी। उन्होंने वर्ष 1425 ईसवी में वैशाख के दूसरे दिन (द्वितिया) पर सिरोही किले की नींव रखी।

#डूंगरपुर:- वागड़ के राजा डूंगरसिंह ने ई. 1358 में डूंगरपुर नगर की स्थापना की। बाबर के समय में उदयसिंह वागड़ का राजा था जिसने मेवाड़ के महाराणा के संग्रामसिंह के साथ मिलकर खानुआ के मैदान में बाबर का मार्ग रोका था।

#प्रतापगढ़:- प्रताप सिंह महारावत ने बसाया!

#चित्तौड़:- स्वाभिमान, शौर्य ,त्याग, वीरता ,राजपुताना की शान चित्तौड़, सिसोदिया (गहलोत)वंश ने बहुत शासन किया बप्पा रावल, महाराणा प्रताप सिंह जी यहाँ षासन किया!!

#हनुमानगढ़ :-भटनेर दुर्ग 285 ईसा में भाटी वंश के राजा भूपत सिंह भाटी ने बनवाया इस लिए इसे भटनेर कहाँ जाता है। मंगलवार को दुर्ग की स्थापना होने कारण हनुमान जी के नाम पर हनुमानगढ़ कहा जाता है।

#जोधपुर:-राव जोधा ने 12 मई, 1459 ई. में आधुनिक जोधपुर शहर की स्थापना की।

#राजसमंद:- शहर और जिले का नाम मेवाड़ के राणा राज सिंह द्वारा 17 वीं सदी में निर्मित एक कृत्रिम झील, राजसमन्द झील के नाम से लिया गया है।

#बूंदी:-इतिहास के जानकारों के अनुसार 24 जून 1242 में हाड़ा वंश के राव देवा ने इसे मीणा सरदारों से जीता और बूंदी राज्य की स्थापना की। कहा जाता है कि बून्दा मीणा ने बूंदी की स्थापना की थी, तभी से इसका नाम 'बूंदी' हो गया।

#सीकर:-सीकर जिले को "वीरभान" ने बसाया ओर "वीरभान का बास" सीकर का पुराना नाम दिया।

#पाली:- महाराणा प्रताप का ननिहाल एवं महाराणा उदयसिंह का ससुराल है। पाली मूलतया पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा बसाया गया है।

#भीलवाड़ा:-किवदंती है कि इस शहर का नाम यहां की स्‍थानीय जनजाति भील के नाम पर पड़ता है जिन्‍होंने 16वीं शताब्‍दी में अकबर के खिलाफ मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप की मदद की थी। तभी से इस जगह का नाम भीलवाड़ा पड़ गया।

#करौली:-इसकी स्‍थापना 955 ई. के आसपास राजा विजय पाल ने की थी जो भगवान कृष्‍ण के वंशज है।

#सवाई_माधोपुर:-राजा माधोसिंह ने ही शहर बसाया और इसका नाम सवाई माधोपुर दिया।

#जयपुर:-जयपुर शहर की स्थापना सवाई जयसिंह ने 1727 में की। सवाई प्रताप सिंह से लेकर सवाई मान सिंह द्वितीय तक कई राजाओं ने शहर को बसाया।

#नागौर:-नागौर दुर्ग भारत के प्राचीन क्षत्रियों द्वारा बनाये गये दुर्गों में से एक है। माना जाता है कि इस दुर्ग के मूल निर्माता नाग क्षत्रिय थे। नाग जाति महाभारत काल से भी कई हजार साल पुरानी थी। यह आर्यों की ही एक शाखा थी तथा ईक्ष्वाकु वंश से किसी समय अलग हुई।

#अलवर:-कछवाहा राजपूत राजवंश द्वारा शासित एक रियासत थी, जिसकी राजधानी अलवर नगर में थी। रियासत की स्थापना 1770 में प्रभात सिंह प्रभाकर ने की थी।
#धौलपुर:- मूल रूप से यह नगर ग्याहरवीं शताब्दी में राजा धोलन देव ने बसाया था। पहले इसका नाम धवलपुर था, अपभ्रंश होकर इसका नाम धौलपुर में बदल गया।

#झालावाड़:-झालावाड़ गढ़ भवन का निर्माण राज्य के प्रथम नरेश महाराजराणा मदन सिंह झाला ने सन 1840 में करवाया था।

#दौसा:-बड़गूजरों द्वारा करवाया गया था। बाद में कछवाहा शासकों ने इसका निर्माण करवाया।

राजपूतों ने हमेशा शत्रुओं को पछाड़ा है, ना कभी किसी से हारे हमेशा विजय रहे, अपने क्षत्रिय धर्म पर अटल रहे.
कुछ युद्ध हारे है।जो नगण्य है.

बिजयनगर के 102वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
19/11/2021

बिजयनगर के 102वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

17/11/2021

विजयनगर अथवा बिजयनगर भारतीय राज्य राजस्थान के अजमेर जिले का एक कस्बा एवं नगरपालिका है। यह खारी नदी के तट पर स्थित .....

बिजयनगर - विकिपीडिया
17/11/2021

बिजयनगर - विकिपीडिया

Bijainagar is a municipality in the Ajmer district of the Indian state of Rajasthan. This city is situated along the Khari River close to the southern border of Ajmer District.

हाल के नगरपालिका चुनावों में बहुमत प्राप्त करके भाजपा ने बनाया बोर्डअनिता मेवाड़ा बनी नगर की पहली महिला अध्यक्षा  निर्दली...
15/02/2021

हाल के नगरपालिका चुनावों में बहुमत प्राप्त करके
भाजपा ने बनाया बोर्ड

अनिता मेवाड़ा बनी नगर की पहली महिला अध्यक्षा
निर्दलीय चुनाव लड़कर भाजपा को समर्थन देकर
उपाध्यक्ष बने प्रीतम बडोला

13 फरवरी को नगरपालिका कार्यालय में
पदभार ग्रहण करते हुए श्रीमती अनिता मेवाड़ा और प्रीतम बडोला

राष्ट्रपुत्र प्रधानसेवक प्रधानमंत्री अजेय जन नेता लोकप्रिय जनसेवकनरेंद्र दामोदर दास मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकाम...
17/09/2020

राष्ट्रपुत्र
प्रधानसेवक
प्रधानमंत्री
अजेय जन नेता
लोकप्रिय जनसेवक
नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

नए थानाधिकारी सुनील बेड़ा उर्फ नए सिंघम लॉक डाउन की पालना सुनिश्चित करवाते हुए
09/08/2020

नए थानाधिकारी सुनील बेड़ा उर्फ नए सिंघम

लॉक डाउन की पालना सुनिश्चित करवाते हुए

श्री राम जन्मभूमि अयोध्या धाम राम लला भूमिपूजन की हार्दिक बधाई
05/08/2020

श्री राम जन्मभूमि अयोध्या धाम
राम लला भूमिपूजन की हार्दिक बधाई

* * :  बिजयनगर में  35,000 लोगों की जांच, सिर्फ 200 को साधारण सर्दी,जुकाम, बाकी  34,800 के शरीर में कढ़ी-कचोरी, कलाकंद, ...
06/04/2020

* * :

बिजयनगर में 35,000 लोगों की जांच, सिर्फ 200 को साधारण सर्दी,जुकाम, बाकी 34,800 के शरीर में कढ़ी-कचोरी, कलाकंद, आलू-बड़ा और गुलाबजामुन की कमी पाई गई, चिकित्सा विभाग में हड़कम्प, विधायक को बुलानी पड़ी आपातकालीन मीटिंग 😜😁🤣

वैसे तो बिजयनगर के चटोरो को कढ़ी-कचौरी खाने का कोई reason नहीं चाहिए होता पर lockdown के चलते सभी बिजयनगर वासियों को यह नसीब नहीं हो पा रहा और उसी के साथ craving बड़ी ज़बर्दस्त हो रही होगी!
कढ़ी के साथ पालक वाले पकौड़ा, कचौड़ी, समोसा, कोफता खाने का स्वाद लाजवाब होता है। मिर्चीबड़ा, दही बड़ा, दाल-पकवान, छोले-भटूरे, चने के साथ आलू की टिक्किया खाने के लिए जी ललचा जाता है। पता नहीं, #बिजयनगर के हवा पानी की तासीर में कुछ ऐसी विशेषता है कि चाट खाने का आनंद आ जाता है।
पिपली चौराहा, रेलवे फाटक, सथाना बाजार यहां तक कि बिजयनगर के सभी बाजारों में चाट-पकौड़ा की दुकानें जरूर मिलेगी। #पीपली चौराहा में #ओम चाट भंडार और #अग्रवाल के यहां मनपसंद नाश्ता करने का अवसर कौन छोड़कर जायेगा। #सब्ज़ी मंडी में मशहूर दुकानें हैं जहां हर समय खाने के शौकीन लोगों की भीड़ लगी रहती है।
आलू प्याज की #कचौड़ी धनिया पत्ती की चटनी के साथ लेकिन मूंग मोगर दाल की कचौड़ी स्वाद कढ़ी के साथ निराला होता है।
अरोड़ा जी का खमण ढोकला जब जीरा, चाट मसाला और चटनी के साथ सामने परोसा जाता है तो दूसरी बार फिर खाने का मन हो जाता है।
मिर्चीबड़ा या कोफता दही या पोदीना चटनी के साथ खाने में स्वादिष्ट जायकेदार लगता है। वैसे ही खाओ तो और ज्यादा अच्छा लगता है।
दाल पकवान सिर्फ समाज के कारीगरों का कमाल है। पकवान के ऊपर मोगर चने की मिक्स दाल, बारीक कटा हुआ प्याज, लाल मिर्च पाउडर की चटनी तली हुई हरी मिर्च, गरम मसाला के साथ खाने का टेस्ट मजेदार होता है। यह भी सब्ज़ी मंडी में अरोड़ा जी के लाजवाब मिलता है , और सथाना बाजार में भी।
बहुत सालों से सथाना बाजार में लगने वाली चौपाटी में तिवाड़ी जी के ठेले पर आलू की टिक्किया छोला चटनी खाने का स्वाद पूरे देश में घूमने के बाद भी कहीं नहीं मिला। और शर्मा जी की नवरत्न टिकिया के तो कहने ही क्या
पांच बत्ती के नुक्कड़ पर दोपहर को बद्री जी गोपाल जी तिवाड़ी की आलू टिकिया का ठेला दस बजे तक सारा माल खत्म करने के बाद वापस लौट आता है । हर रोज़ मिलने वाली इस चाट का एक ही स्वाद एक ही रंग होता था और कोई फर्क नहीं।
आजकल सथाना बाजार में अग्रवाल जी का फ़ूड कार्नर भी बहुत फेमस हो रहा है ।

और रेलवे फाटक पर मिलने वाले कचोरे का स्वाद तो नसीराबाद के कचोरे को भी फेल कर देता है ।

कालूराम बस्तीराम की दही कचोरी और बर्फ कलाकंद तो मुंह मे पानी ला ही देता है , साथ ही विश्वप्रसिद्ध गुलाबजामुन तो मुंह मे जाते ही घुल जाते हैं।

बजरंगी चौराहे पर और स्टेशन के बाहर मिलने वाले
आलू के कोफ्ते शाम का एक परफेक्ट स्नैक होता है , 7 बजे तक समापन समारोह हो जाता है ।

दिन में दो-तीन बार ऐसा नाश्ता करने के बाद दिन का खाना नहीं खा पाता हूँ और यहां तक कि शाम को अगर खा लिया तो रात को हल्का-फुल्का डिनर करने पर मजबूर हो जाता हूँ। क्या करूँ, चाट खाने की बचपन की आदत हैऔर चटोरापन छूटता नहीं है। जो खाने के शौकीन होते हैं वो तो खायेंगे ही।🤤😬👌🙆‍♂️

#कढ़ीकचोरी #कचौरा , #गुलाबजामुन, #दालपकवान
#कलाकंद #दहीकचोरी #आलूबड़ा

Address

Bijainagar
305624

Telephone

+919829087987

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bijainagar -बिजयनगर posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Bijainagar -बिजयनगर:

Share