Saidapur Gowasa

Saidapur Gowasa About Saidapur Gowasa

Saidapur Gowasa is a Village in Narhat Block in Nawada District of Bihar State, India.

23/02/2022

About Saidapur Gowasa

Saidapur Gowasa is a Village in Narhat Block in Nawada District of Bihar State, India.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने कहा है कि मां-बाप की सेवा नहीं करने वालों को जेल भेजा जाएगा। प्रथमतः तो यह सबकुछ ...
14/06/2019

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने कहा है कि मां-बाप की सेवा नहीं करने वालों को जेल भेजा जाएगा। प्रथमतः तो यह सबकुछ बड़ा ही मानवीय लगता है, पर मिनट भर सोचने पर ही यह विरोधाभाषी प्रतीत होने लगता है। पलायन को बिहारियों की नियति बना देने वाले नीतीश बाबू को क्या नहीं मालूम कि दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र में दिन-रात मेहनत कर और दुत्कार भरी जिंदगी जी रहे लोग अपने मां-बाप की सेवा भला ख़ाक करेंगे ! पढ़े-लिखों को भी तो पेट मे अन्न बिहार से बाहर निकलने पर ही नसीब हो पाता है। ऐसे में महाराज की यह घोषणा जले पर नमक छिड़कने से कम है क्या ?? आप विश्वास कीजिये, आज लाख दुख-कष्ट सह कर भी बिहारी माता-पिता नहीं चाहते कि उनके बच्चे काम-काज छोड़कर उनकी सेवा के लिए घर वापस आ जांय। और हां, जो बच्चे किसी मजबूरी की वजह से बाहर नहीं जा सके हैं, उनके माता-पिता इसी बात की चिंता में मरे जाते हैं।
नीतीश बाबू, चाटुकारों के कुचक्र को भेदकर बाहर निकलिए और ज़मीनी हक़ीक़त को देखिए। पब्लिक ने आपको केवल सड़क बनाने और समाज सुधार के सिगुफों के लिए बार-बार नहीं चुना है। व्यवस्था को रोजगार सृजनात्मक बनाइये। पलायन रोकिए। मां-बाप की सेवा तभी होगी जब उनके बच्चे उनके करीब होंगे।

11/04/2019

सैदापुर के भाइयों आज बूथ पर जाकर भाई " चंदन " का अभिनंदन जरूर कीजिये

13/10/2017

भूमिहार के दो आगे भूमिहार,
भूमिहार के दो पीछे भूमिहार,
बढ ना पाये तीनों भूमिहार।
कुंठित रह गये भीतर-भीतर।
बढ ना जाये अगला भूमिहार,
खींच रहा है पिछला भूमिहार।
बाहर खूब दिखावा करते,
कुढ़ते रहते भीतर भीतर।
जहां खड़ा था पहला भूमिहार।
वही खड़ा हैं अब भी भूमिहार।
भारत का दुर्भाग्य देखिये।
सुधर नहीं पाते हैं भूमिहार।
सूद्र-गवार आगे हो गये।
एक नहीं हो पाये ज्ञानी भूमिहार।।।।।।
जय जय परशुराम.
कडवा है पर है तो सच..

21/09/2017

सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते.
╔══════════════════╗
║ •||जय माता दी||• ║
╚══════════════════╝
सुख, शान्ति एवम समृद्धि की
मंगलमयी
कामनाओं के साथ
आप एवं आप के परिवार जनो को नवरात्रि की हार्दिक मंगल कामनायें । माँ अम्बे आपको सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करे। जय माँ भवानी।।
•||नवरात्रि||•
की
" हार्दिक " शुभकामनाएं !!!
🙏

“हर उस बेटे को समर्पित जो घर से दूर है”बेटे भी घर छोड़ जाते हैंजो तकिये के बिना कहीं…भी सोने से कतराते थे…आकर कोई देखे तो...
17/09/2017

“हर उस बेटे को समर्पित जो घर से दूर है”
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं
जो तकिये के बिना कहीं…भी सोने से कतराते थे…
आकर कोई देखे तो वो…कहीं भी अब सो जाते हैं…
खाने में सो नखरे वाले..अब कुछ भी खा लेते हैं…
अपने रूम में किसी को…भी नहीं आने देने वाले…
अब एक बिस्तर पर सबके…साथ एडजस्ट हो जाते हैं…
बेटे भी घर छोड़ जाते हैं.!!
घर को मिस करते हैं लेकिन…कहते हैं ‘बिल्कुल ठीक हूँ’…
सौ-सौ ख्वाहिश रखने वाले…अब कहते हैं ‘कुछ नहीं चाहिए’…
पैसे कमाने की जरूरत में…वो घर से अजनबी बन जाते हैं
लड़के भी घर छोड़ जाते हैं।
बना बनाया खाने वाले अब वो खाना खुद बनाते है,
माँ-बहन-बीवी का बनाया अब वो कहाँ खा पाते है।
कभी थके-हारे भूखे भी सो जाते हैं।
लड़के भी घर छोड़ जाते है।
मोहल्ले की गलियां, जाने-पहचाने रास्ते,
जहाँ दौड़ा करते थे अपनों के वास्ते,,,
माँ बाप यार दोस्त सब पीछे छूट जाते हैं
तन्हाई में करके याद, लड़के भी आँसू बहाते है
लड़के भी घर छोड़ जाते हैं
नई नवेली दुल्हन, जान से प्यारे बहिन- भाई,
छोटे-छोटे बच्चे, चाचा-चाची, ताऊ-ताई ,
सब छुड़ा देती है साहब, ये रोटी और कमाई।
मत पूछो इनका दर्द वो कैसे छुपाते हैं,
बेटियाँ ही नही साहब, बेटे घर छोड़ जाते हैं

17/09/2017

परमात्मा की लाठी...

एक साधु वर्षा के जल में प्रेम और मस्ती से भरा चला जा रहा था..... कि इस साधु ने एक मिठाई की दुकान को देखा जहां एक कढ़ाई में गरम दूध उबला जा रहा था तो मौसम के हिसाब से दूसरी कढ़ाई में गरमा गरम जलेबियां तैयार हो रही थी साधु कुछ क्षणों के लिए वहाँ रुक गया..... शायद भूख का एहसास हो रहा था या मौसम का असर था.... साधु हलवाई की भट्ठी को बड़े गौर से देखने लगा साधु कुछ खाना चाहता था लेकिन साधु की जेब ही नहीं थी तो पैसे भला कहां से होते.... साधु कुछ पल भट्ठी से हाथ सेंकने के बाद चला ही जाना चाहता था..... कि नेक दिल हलवाई से रहा न गया और एक प्याला गरम दूध और कुछ जलेबियां साधु को दें दी... मलंग ने गरम जलेबियां गरम दूध के साथ खाई और फिर हाथों को ऊपर की ओर उठाकर हलवाई के लिऐ प्रार्थना की..... फिर आगे चल दिया..... साधु बाबा का पेट भर चुका था दुनिया के दु:खों से बेपरवाह वे फिर इक नए जोश से बारिश के गंदले पानी के छींटे उड़ाता चला जा रहा था....... वह इस बात से बेखबर था कि एक युवा नव विवाहिता जोड़ा भी वर्षा के जल से बचता बचाता उसके पीछे चला आ रहें है ......एक बार इस मस्त साधु ने बारिश के गंदले पानी में जोर से लात मारी..... बारिश का पानी उड़ता हुआ सीधा पीछे आने वाली युवती के कपड़ों को भिगो गया उस औरत के कीमती कपड़े कीचड़ से लथपथ हो गये..... उसके युवा पति से यह बात बर्दाश्त नहीं हुई.....

इसलिए वह आस्तीन चढ़ाकर आगे बढ़ा और साधु के कपड़ो से पकड़ कर कहने लगा अंधा है...... तुमको नज़र नहीं आता तेरी हरकत की वजह से मेरी पत्नी के कपड़े गीले हो गऐ हैं और कीचड़ से भर गऐ हैं..... साधु हक्का-बक्का सा खड़ा था.... जबकि इस युवा को साधु का चुप रहना नाखुशगवार गुजर रहा था..... महिला ने आगे बढ़कर युवा के हाथों से साधु को छुड़ाना भी चाहा.... लेकिन युवा की आंखों से निकलती नफरत की चिंगारी देख वह भी फिर पीछे खिसकने पर मजबूर हो गई.....

राह चलते राहगीर भी उदासीनता से यह सब दृश्य देख रहे थे लेकिन युवा के गुस्से को देखकर किसी में इतनी हिम्मत नहीं हुई कि उसे रोक पाते और आख़िर जवानी के नशे मे चूर इस युवक ने एक जोरदार थप्पड़ साधु के चेहरे पर जड़ दिया बूढ़ा मलंग थप्पड़ की ताब ना झेलता हुआ.... लड़खड़ाता हुऐ कीचड़ में जा पड़ा..... युवक ने जब साधु को नीचे गिरता देखा तो मुस्कुराते हुए वहां से चल दीया.....बूढे साधु ने आकाश की ओर देखा और उसके होठों से निकला वाह मेरे भगवान कभी गरम दूध जलेबियां और कभी गरम थप्पड़.... लेकिन जो तू चाहे मुझे भी वही पसंद है........यह कहता हुआ वह एक बार फिर अपने रास्ते पर चल दिया....दूसरी ओर वह युवा जोड़ा अपनी मस्ती को समर्पित अपनी मंजिल की ओर अग्रसर हो गया..... थोड़ी ही दूर चलने के बाद वे एक मकान के सामने पहुंचकर रुक गए......वह अपने घर पहुंच गए थे.... वे युवा अपनी जेब से चाबी निकाल कर अपनी पत्नी से हंसी मजाक करते हुए ऊपर घर की सीढ़ियों तय कर रहा था....बारिश के कारण सीढ़ियों पर फिसलन हो गई थी अचानक युवा का पैर फिसल गया और वह सीढ़ियों से नीचे गिरने लगा....महिला ने बहुत जोर से शोर मचा कर लोगों का ध्यान अपने पति की ओर आकर्षित करने लगी जिसकी वजह से काफी लोग तुरंत सहायता के लिये युवा की ओर लपके..... लेकिन देर हो चुकी थी युवक का सिर फट गया था और कुछ ही देर मे ज्यादा खून बह जाने के कारण इस नौजवान युवक की मौत हो चुकी थी कुछ लोगों ने दूर से आते साधु बाबा को देखा तो आपस में कानाफुसी होने लगीं कि निश्चित रूप से इस साधु बाबा ने थप्पड़ खाकर युवा को श्राप दिया है.... अन्यथा ऐसे नौजवान युवक का केवल सीढ़ियों से गिर कर मर जाना बड़े अचम्भे की बात लगती है..... कुछ मनचले युवकों ने यह बात सुनकर साधु बाबा को घेर लिया एक युवा कहने लगा कि आप कैसे भगवान के भक्त हैं जो केवल एक थप्पड़ के कारण युवा को श्राप दे बैठे...... भगवान के भक्त मे रोष व गुसा हरगिज़ नहीं होता ....आप तो जरा सी असुविधा पर भी धैर्य न कर सकें..... साधु बाबा कहने लगा भगवान की क़सम मैंने इस युवा को श्राप नहीं दिया....

अगर आप ने श्राप नहीं दिया तो ऐसा नौजवान युवा सीढ़ियों से गिरकर कैसे मर गया? तब साधु बाबा ने दर्शकों से एक अनोखा सवाल किया कि आप में से कोई इस सब घटना का चश्मदीद गवाह मौजूद है? एक युवक ने आगे बढ़कर कहा..... हाँ मैं इस सब घटना का चश्मदीद गवाह हूँ साधु ने अगला सवाल किया.....मेरे क़दमों से जो कीचड़ उछला था क्या उसने युवा के कपड़े को दागी किया था? युवा बोला..... नहीं.... लेकिन महिला के कपड़े जरूर खराब हुए थे मलंग ने युवक की बाँहों को थामते हुए पूछा...., फिर युवक ने मुझे क्यों मारा? युवा कहने लगा...... क्योंकि वह युवा इस महिला का प्रेमी था और यह बर्दाश्त नहीं कर सका कि कोई उसके प्रेमी के कपड़ों को गंदा करे..... इसलिए उस युवक ने आपको मारा....

युवा बात सुनकर साधु बाबा ने एक जोरदार ठहाका बुलंद किया और यह कहता हुआ वहाँ से विदा हो गया.....तो भगवान की क़सम मैंने श्राप कभी किसी को नहीं दिया लेकिन कोई है जो मुझ से प्रेम रखता है.... अगर उसका यार सहन नहीं कर सका तो मेरे यार को कैसे बर्दाश्त होगा कि कोई मुझसे मारे और वह इतना शक्तिशाली है कि दुनिया का बड़े से बड़ा राजा भी उसकी लाठी से डरता है ....

उस परमात्मा की लाठी दीख़ती नही और आवाज भी नही करती लेकिन पडती हैं तों बहुत दर्द देंती हैं हमारें कर्म ही हमें उसकी लाठ़ी से बचातें हैं बस़ कर्म अच्छें होंने चाहीऐं...

आंख मलते हुए सोनुआ सुबह उठा ,उसका क्लास भी था  ,दुनिया की नजरों में खटारा लेकिन उसके दिल की नजर में  रामप्यारी  साइकिल क...
17/09/2017

आंख मलते हुए सोनुआ सुबह उठा ,उसका क्लास भी था ,दुनिया की नजरों में खटारा लेकिन उसके दिल की नजर में रामप्यारी साइकिल की तरफ देखा और मन ही मन मास्टरवा पर गुस्साने लगा-"आज विश्वकर्मा पूजा है ,फिर भी सरवा छुट्टी नही दिया ,अब बताओ मम्मी साइकिल का पूजा करे कि कोचिंग जाए ? " 🙄
"अरे पहिले धो धा लो ,बताशा वतशा चढा के पूजा कर लो फिर जाना ",माई का आर्डर आ गया ।सोनुआ अपनी रामप्यारी को उल्टा किया ,पहिले तो कपड़ा से झाड़ दिया फिर बाल्टी में पानी भर के जग से उड़ेलने लगा तभी उसके कनपट्टी पर उसके बाबू जी का एक तड़ाक -"ई पानी उझीले जा रहे हो ,और बैरिंग में पानी जाएगा तो खराब होगा तो तोहार बाप बनवाएंगे ?केतना बार बोले मटिया तेल से साफ कर लिया करो"।अब बताओ एक तो बरी बरी का दिन था ,ऊपर से छुट्टी नही ,ऊपर से मेहनत कर रहा था ,पूजा करने का तैयारी कर रहा था और बाबू जी का झापड़ मिल गया ,मतलब अंदर ही अंदर उसका सुलग गया ।अब सोनुआ थोड़ा सा पानी पटाया फिर सूखा के मटिया तेल से अपने रामप्यारी को चमका लिया।
"माई दस रोपया दो ,बताशा लाना है ,"सोनुआ घिघिया गया ।
"जाओ ,बाबू जी से मांग लो ,हम काs बैंक खोल के बैठे है तोहार बाप एको रूपिया हमको देता है ?जे मांगने चले आते हो ?",सोनुआ की माई और बमक गई।
तभी उसके बाबू जी उसको बताशा का पैकेट ला कर दे दिए,सोनुआ नहाया ,अपने साइकिल में अगरबत्ती खोस दिया बताशा चढा के -जय विश्वकर्मा बाबा बोल के कोचिंग की त रा साइकील धीरे धीरे बढ़ाने लगा और निहारने लगा कि आटा के मिल में अभी पूजा हुआ कि नही जा के थोड़ा परसादी ठूस ले ..
हैप्पी विश्वकर्मा पूजा😃😍

11/09/2017

गाँव का पहिला लड़का बाहर कमाने जाता है दिल्ली। कहीं किसी फैक्ट्री में लग जाता है। खूब काम करता है । छुट्टी में साल में जब एक बार घर आता है तो मंगलबाजार का झक नया बुशर्ट-पैंट -जूता और काला चश्मा लगाए बिना चाय - पान के दुकान तक नही निकलता। वैसे रेहड़ी पर छोला भटूरा खाने के बाद , मग्गे पर डाइव मारने वाला छोटेलाल के यहाँ समोसा खाने के बाद कम्प्लेन करता है मिनिरल वाटर नही रखते हो । कुछ दबे मन सवाल करते हैं कि साला इसके घर का बिसलेरी का मिनी फैक्ट्री लगा है का पर अधिकतर लोग अचंभित ही होते है - चकचौंधिआए रहते है। बलेसरा बा लइका भाई।

बलेसरा के पास वाकमैन भी है, आता है तो ताश प्रेमी गैंग माने सोनुआ, सोहन, मन्टुआ, लल्लूआ सब इयरफोन कान में लगाने को इतना लालायित रहता है की रामनगीना चाचा जो पत्ता फेंटते टाइम ही बता देते हैं कौन नहला किसके पास गया, किस के पास चिड़ी के कितने पत्ते उनकी गद्दी पर बैठाता है ।

अब जब पान-पराग इत्यादि के बाद देश दुवार दुनिया का जब चर्चा चलता है तो बलेसरा जवन मन करे अब ढब बोले बड़ी इज्जत के साथ सुना जाता है। का... क्लिंटन का टैक्सास के दियारा में 600 एकड़ जमीन है ? अच्छा.. बाह बलेसर अखबार में ना लउकल हs । खाद पानी अपना हाथ से बनाता है उ, ओ । बाह बलेसर तुमको तो सब पता है रे ।

बाह बलेसर , बाह बलेसर ।

बलेसरा इस बर्जुआइयत में अघाया रहता है । ये सालों तक चलता है । पर भैया समय तो है अब चकरी, घुमन्तु परविति वाला, आजकल सिनारिओ कुछ और है ।

छोटेलाल चाउमीन भी बेचते हैं और मिनरल वाटर भी। सोनुआ हार्डवेयर का चौकस दुकान किया है - एफ जी ले लिया है , हर साल एक बार सोलो बाइक ट्रिप पर जाता है । मन्टुआ को ऐरो भा गया है, अमेजन से वहीं से बुशर्ट लेता है अब। रामनगीना चाचा 'नहले पर दहला' ग्रुप के एडमिन हैं।

बलेसरा आजकल जब घर आता है तो अब भी वही बुध बाजारी रुबाब के साथ निकलता है । समोसा नही खाता तो भी छोटेलाल पूछ देते हैं , हिमालया के बोटल आया है लोगे जी बलेसर । बलेसर को ये अब्यूज लगता है। पान खाते जैसे ही बलेसर ट्रम्प को बबासीर है अलापना चालू करता है लोग बाग लिंक माँगना चालू कर देते हैं ।बलेसर ट्रोल ट्रोल चिल्लाता भागता है।

व्हाट्सएप में जैसे ही बलेसर आरक्षण खत्म हो गया डिक्लेयर करता है लल्लूआ फैक्ट्स से ग्रुप स्पैम कर देता है ।

बलेसर पांडेय बौखलाया है एकदम।लोगों के बदले बर्ताव से इतना दुखी है की अबकी गाँव आते ही वीडियो साब के ऑफिस गया है , दूसर जाति का प्रमाण पत्र बनवाने । बोलता है बदल दीजिये हमारा जाति, इन सब पर ऐक्ट विशेष के तहत केस करेंगे ।

बलेसर का कुंभ मेला का बिछड़ा एक भाई रोज शाम टीवी पर भी आता है।

Address

Nawada
Bihta
805122

Telephone

9999460859

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Saidapur Gowasa posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share