Jitendra Kumar Bhilala

Jitendra Kumar Bhilala कांग्रेस आईटी सेल मधुसूदन-गढ़ ब्लाॅक ?

10/02/2022
राजा भोज की नगरी भोपाल की जागृति अवस्थी ने   सिविल सेवा परीक्षा 2020 देश में दूसरा एवं महिला वर्ग में पहला स्थान हासिल क...
25/09/2021

राजा भोज की नगरी भोपाल की जागृति अवस्थी ने सिविल सेवा परीक्षा 2020 देश में दूसरा एवं महिला वर्ग में पहला स्थान हासिल किया है।
इस उपलब्धि पर बहन जागृति अवस्थी को ढेर सारी शुभकामनाएं एवं बधाई
आपकी सफलता सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रदेश के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
सिविल सेवा परीक्षा 2020 में चयनित सभी प्रतियोगियों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं💐💐💐💐💐🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
Pradesh

असली बाइक तो‌ खरीद नहीं सकते तोअपने सपने पुरे करने बनाई ये एक शानदार बाइक
07/09/2021

असली बाइक तो‌ खरीद नहीं सकते तो
अपने सपने पुरे करने बनाई ये एक शानदार बाइक

31/12/2020

ोहार

#गम्भीरता_से_सोंचो✍️

हमारा समाज आज किस दिशा में अग्रसर ही रहा है,, समाज सेवा तो मानो एक बहाना हो गया है,,
बड़ी ही विडम्बना वाली बात है ,,
👉हम सब निकले थे समाज सेवा करने ,,
पर आज क्या दशा हो गई है अपने समाज की , बड़े बड़े दिग्गज समाज के नेता भी आज अपने खुद के वर्सचव के लिए ,, अपनी पक्कड़ के लिए आज खुद के समाज के बारे में नही ,, सिर्फ अपनी प्रश्नली दुश्मनी के चक्कर में ,
आज सब युवाओं को गुमराह करने में कोई कसर नही छोड़ रहस्य है ,,
👉आप समाज सेवा करो या ना करो ,, हमे उससे कुछ भी नही लेना देना ,,
पर आप राजनीति जरूर करो,,
ओर हम लोगों को आप सिर्फ गाइड लाइन करते रहो ,,

हमे आज के दौर में नेताजी की जरूरत नहीं है हमे सिर्फ गाइड लाइन करने वाले कि जरूरत है ,,

नियम बानाओ ,, कानून व्यवस्था बानाओ ,,
आप सिर्फ रूल्स बानाओ ,, हम चलेंगे ,,

आप कोई भी हो पर होना चाहिये आदिवासी ,,
जो समाज का भला करेगा हम उसके साथ रहेंगे ,,

पर आप खुद राजनीति करते हो और ,, युवाओं को भी राजनीति करने का कहते हो ,,
साथ मे समाज सेवा भी ,, यह दोनों कैसे सम्भव है ,

चुनाव लड़ने वाला भी वही ,, नेता
समाज सेवा करने वाला भी वही नेता ,

चलो मान लिया आप अच्छा कर रहे हो ,,
गर जो युवा समाज सेवा कर रहा है ,,
वह अगर चुनाव हार गया तो ,, पार्टी चनाव नही हारेगी ,,
पूरा समाज चुनाव हार जाएगा

इसका जिम्मेदार किसको ठहराया जाएगा,,

पार्टी वालो को की समाज को ,,

👉आप अच्छे से जानते हो ,, हमारे समाज के तीन टुकड़े कर रखे हैं
राजनीति में 👉अन्य पार्टी
|-------------------|
........ .......
/ \
कांग्रेस बीजेपी

यूवा क्या क्या करें,,
समाज सेवा करें कि राजनीति , ओर किसके आधार पर,,
जो समाज खुद की समाज में एकजुटता नही ला सकता उस समाज में,,
जहा की की जातिवाद -को अलग अलग बताते है

1-भील-
भील की उपजाति-भिलाला, पटेलिया , गोंड़, कोरकू, सहारिया, बैगा, आदि, आदि...?

पर 👉 ये सब कभी भी एक नही हो सकते है ,,
👉सब मे रोटी व्यवहार है ,, बेटी नही,,
ओर सब एक दूसरे की टांग खिंचते रहते है,, सब अपने आप को भील से उच्चा समझते है ,, ओर भील को निच्चा समझते हैं,,
पर ये सब गुण भील में नही है 👉भील कभी भी किसी भी जाति या समाज को छोटा या बड़ा नहीं मानता ,,
न जात पात को मानता है ,, उनके लिए तो सब समान हैं ,,
आज भी वही है जहां पहले था ,,
अगर किसी ने भील को बोल दिया कि तू यही रुकना में अभी जा कर आ रहा हूँ ,,
वह वही खड़ा रहेगा ,, जब तक नही आएगा तब तक उसका इंतजार करता रहेगा,
भील बहुत दयालु होता हैं ,, किसी पर भी विश्वास कर लेता हैं ,, कभी भी अपनी वाली नही चलाता है,,
वह आज भी सब को समान समझकर किसी पर भी विश्वास कर उसको आगे कर देता है,

ओर आज भी यही हो रहा है ,, भील आज भी चुप है ,,
सब कुछ अपने सामने हो रहा है और वह आज भी चुप चाप देख रहा है,,
वह आज भी यही समझता है कि मेरे आदिवासी समाज का भलाज़ हो ,,
वह आगे बड़े ,, पर उसके अपने ही लोग ,, चंद रुपयों के चक्कर में ,, आज भी अपने समाज को बैचने के लिए तैयार है,,

राजनीति का ऐसा चक्रव्यूह रचा की युवा पीढ़ी आज भी गुमराह हो गई हैं,,
👉राजनीति और समाज सेवा में जमीन आसमान का फर्क है,,
पर क्या करें,, ये वह दोगले लोग होते है जो दूसरों के इशारे पर काम करते है वह कभी भी समाज का भला नही कर सकते है ,,
वे सिर्फ समाज सेवा की चादर को ओढक़र ,, उसकी आड़ लेकर समाज को धोखा देकर कुछ भी कर सकते हैं ,,
वे खुद राजनीति में अपनी पक्कड़ मजबूत बनाते जा रहे है ,,
ओर
युवाओं को समाज सेवा का ढोंग रचकर ,, उनको आपस मे लड़ा रहे है ,,

वे खुद खुलकर राजनीति करते है ,, इर समाज सेवा में भी खुद को समाज को जागरूक करने वाले अपने आप को भगवान समझ बैठे हैं ,,

उनको यही लगता हैं कि मेरी वजह से ही आज युवा जागरूक हुआ है ,,

युवा पीढ़ी तो कब से जाग चुकी थी पर उनको कोई गाइड लाइन देने वाला नही था,,

जिसने गाइड लाइन दी वह खुद 👉जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ,, में जितने भी अधिकारी थे जिन्होंने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की उनको भी लात मारकर ,,
आज खुद को इतना मजबूत बता रहा है कि ,, आज अगर वह नही होता तो समाज कहि गटर में होता,,

मैं आज भी कहता हूँ कि समाज जाग कर भी आज भी पार्टियों की गुलामी की ओर अग्रसर हो रहा है,,

👉समाज सेवा तो एक बहाना बनाकर रह जायेगी,,

अब हम सब युवाओं को तय करना है✍️
अपने समाज को किस समाज सेवी के हाथ मे सोपे ,,
जो राजनीति को अपना पैसा नही ,, बल्कि समाज सेवा में
अपना भविष्यफल देखे,,

*जय जोहार*
*जय भीलराजा*
#जितेन्द्र_कुमार_भिलाला
#मोबाइल_नंबर_8964060054
#मधुसुदनगढ_गुना_मध्यप्रदेश

आप समझ रहे होंगे ये बच्ची इस विरान जगह पर पढ़ाई क्यों कर रही है..?दरअसल इस बच्ची के गांव में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं आती...
21/08/2020

आप समझ रहे होंगे ये बच्ची इस विरान जगह पर पढ़ाई क्यों कर रही है..?
दरअसल इस बच्ची के गांव में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं आती.. सुनिता ने 12वीं कक्षा में 98% अंक हासिल करने के बाद अब वह गांव की सबसे ऊंची पहाड़ी पर झोपडी बनाकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।
सोनाली सुतार, कणकवली महाराष्ट्र.. इस आदीवासी बहन को दिल से सलाम।।।।।

जोहार आदिवासियत🙏देश में गुजरात से लगाकर अरुणाचल प्रदेश तक कश्मीर से लगाकर कन्याकुमारी तक लगभग सभी आदिवासी समुदायो की संस...
20/04/2020

जोहार आदिवासियत🙏

देश में गुजरात से लगाकर अरुणाचल प्रदेश तक कश्मीर से लगाकर कन्याकुमारी तक लगभग सभी आदिवासी समुदायो की संस्कृति में बहुत सारी समानताये है जैसे सभी लोग प्रकृति से इतने ज्यादा जुड़े हुए होते है की घर और घरो में प्रयुक्त प्रत्येक आवशयक वस्तुए मिटटी बांस और सागवान से निर्मित करते है |

सभी लोग अपनी माँ को आई बाई ताई धाई और माई जैसे शब्दों से ही सम्बोधित करते है | चाहे किसी भी राज्य के आदिवासी समुदाय के वाद्य यन्त्र बजे लेकिन सभी आदिवासी समुदाय के उस गीत-संगीत पर पैर जरूर थिरक जायेंगे | डोल की थाप में समानता है | समुदाय के सभी महिला-पुरुष सामूहिक गीत संगीत को ही प्राथमिकता देते है | महिला -पुरुष अधिकांश बीमारियों के इलाज लोग स्वयं कर लेते है |

भगवान का मतलब सिर्फ पुरखे ही होते है जिन्हे वो अधिकांशतः वार-त्यौहार पर या साप्ताहिक ही पूजते है |महिला पुरुष-समानता के साथ ही काम करते है लेकिन वर्तमान में आदिवासी समुदाय पर अन्य समुदाय के प्रभाव से समुदाय में महिलाओ को पुरुषो पर निर्भर बनाया जाने लग गया है |

खुले में नहाना भी होता है उसके पीछे ये तर्क नहीं है की महिलाये बेसरम होती है बल्कि समुदाय में पुरुष हवसी नहीं होते है | समुदाय के अधिकांश लोग सुबह से शाम तक काम करके शाम को नहाना जरुरी समझते है जबकि अन्य समुदाय कहता है की आदिवासी नहाते तक नहीं है| देश के हर कोने के आदिवासी के जीवनयापन के अपने अपने तरीके होते है |
आदिवासी समुदाय में सामाजिक कार्यक्रम में होने वाले खान-पान में गावों में सामूहिक सहायता का चलन है जैसे किसी के घर शादी है तो घर-परिवार और गांव के लोग अनाज का कुछ हिस्सा देकर मदद करते है |यहाँ तक की समुदाय की सभी जातियों की पोषक अन्य समुदाय से भिन्न ही होती है |

महुआ ही आदिवासियों के लिए सब कुछ है , जब महुडी से महुए गिरते है तब वो फल का काम करते है सूखे महुए को उबालकर स्वादिस्ट मनचाहा पकवान बनाया जाता है और उन्ही महुओ से देसी दारु भी बनाई जाती है | जब भी कोई शुभ कार्यक्रम होता है तब भी पुरखो दारु चढ़ाया जाता है | जब समुदाय का अन्य समुदाय से सम्पर्क नहीं था तब महिला-पुरुष द्वारा पिया जाने वाला दारु प्राकृतिक रूप से शुद्ध था जिसका शरीर पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता था पर अब..........

साडिया समुदाय की महिलाओ द्वारा बहुत कम पहनी जाती है और पहनी भी जाती है तो पहनने के तरीको में अन्य समुदाय से भिन्नता होती है |
समुदाय की सभी जातियों में अधिकांशतः ऐसे ही सभी सामाजिक-रीतिरिवाज और समस्याओ में एकझुठ हो कर लड़ना भी समान है बस भाषाओ में थोड़ी बहुत भिन्नता है |
मेरी शिक्षा और मेरे अनुभवों के अनुसार पूरी दुनिया के आदिवासी खास कर भारत देश के आदिवासी समुदाय की संस्कृति में समानताए......आप लोग भी अपने अपने क्षेत्र की आदिवासी संस्कृति साझा करे ताकि लोग रूबरू हो सके |
#जोहार #आदिवासियत
#भारत_के_आदिवासी_एक_थे_एक_है_एक_रहेंगे

आदिवासी भील समाज की लाडली विमला जी भील उर्फ (निर्मला भील) उदयपुर बड़गांव अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पंजाब में जूडो कराटे क...
10/11/2019

आदिवासी भील समाज की लाडली विमला जी भील उर्फ (निर्मला भील) उदयपुर बड़गांव अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट पंजाब में जूडो कराटे कांस्य पदक प्राप्त करने पर बहुत-बहुत हार्दिक बधाई शुभकामनाएं

10/06/2019

Address

Bhopal

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Jitendra Kumar Bhilala posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Jitendra Kumar Bhilala:

Share