25/05/2022
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अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए “जय राजा भोज” बोलकर निकल जाओ दर्शन के लिए धार |
हमे गर्व है कि हमारी उत्पत्ति आबू है और हम अपना आराध्य राजा भोज को मानते है | परंतु जरा सोचिए क्या हम राजा भोज के पथ पर चल रहे है ?
राजा भोज को मानने वाले देश भर मे है और बहुसंख्या मे है |
हम खुशनसीब है, कि हमारे पूर्वजों ने हजारो समस्या का सामना किया फिर भी अपना धर्म और जा ति को बचाए रखा । हमारे पूर्वजों की ही देन है जो आज हमारे पास विराशत के रूप मे है | हमारे पूर्वजों को शत-शत नमन जिन्होने हजारो मुश्किल सहन करने के बाद भी अपनी बहन बेटियो की इज्जत आबरू को बचाकर रखा | आज हम गर्व से कहते है कि हम “राजा भोज” के बंशज है |“हमारे आराध्य “राजा भोज” कुलदेवी “माँ गढ़कलिका” और माँ वाग्देवी सरस्वती धार है |
राजा भोज ने शिव मंदिरों के साथ ही सरस्वती मंदिरों का भी निर्माण किया।राजा भोज ने धार, मांडव तथा उज्जैन में 'सरस्वतीकण्ठभरण' नामक भवन बनवाए थे | भोजशाला, वाग्देवीसरस्वती मंदिर ,धार, भोजपुर मंदिर,भोजपाल,भोज ताल, आदि कई विरासत मे राजा भोज द्वारा हमे मिले है | “राजा भोज” के बंशज होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है हमे विरासत मे मिली चीजों का संरक्षण करें |
राजा भोज की विरासत को आक्रांताओ से वापस लेकर पूर्व स्वरूप मे लाने के लिए हम वचनबद्ध है | देशभर मे रह रहे “राजा भोज” के बंशज क्षत्रिय – परमार / पवार/ राजपूत को अपनी एकता दिखाने का समय आ गया है |
“भोज के बंशज” होने के नाते हमे निम्न कार्यो को अंजाम देना है, तब ही हम सच्चे भोजवंशी कहलाएंगे :-
• भोजशाला को जिहादियों से मुक्ता करना |
• भोजशाला को पूर्वानुशार नवनिर्माण करना |
• वाग्देवीसरस्वती की मूर्ति को पुनः स्थापित करना |
• भोजशाला को कला / शिक्षा का केंद्र के रूप मे विकास करना |
• समस्त “भोज बंशज” को अपना तीर्थ स्थान धार को मान कर प्रतिवर्ष राजा भोज की नगरी धार मे आकार भोजशाला “माँ गढ़कलिका” और माँ वाग्देवी सरस्वती का दर्शन किया जाना चाहिए |
व्यक्ति महान तब कहलाता है जब अपने साथ - साथ समाज और देश के लिए भी कुछ करता है | हर व्यक्ति को ऐसा कुछ करना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी उसे हमेशा याद रखे |
समस्त “भोज बंशज” जागो और “जय राजा भोज” बोलकर समाज के समस्त लोगो तक यह संदेश भेजो और उचित समय चुनकर निकल जाओ "धारा नगरी" के लिए | हमारा तीर्थ स्थान “माँ गढ़कलिका” और माँ वाग्देवी सरस्वती के दर्शन करने पर परिवार और समाज में बदलाव जरूर देखने को मिलेगा |
धार के प्रमुख पर्यटक स्थल :-
1.धार किला ।
2.भोजशाला ।
3. मा गढ़ कालिका मंदिर ।
4.जहाज महल ।
5.हिंडोला महल ।
6.रूपमती महल ।
7.बाघ गुफाएं ।
"जय राज भोज "
"जय माँ गढ़कलिका”
- राम पवार ,इंदौर।
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