16/02/2022
श्रुति शास्त्र स्मृति गाई, प्राण जायँ पुनि धर्म न जाई ।
कुरान बहिश्त न चाहिए, मुझको हूर हजार ।।
वेद धर्म त्यागूँ नहीं, जो गल चलै कटार ।
वेद धर्म है पूरण धर्मा, करि कल्याण मिटावै भर्मा ।।
हिन्दू समाज के हितों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले संत रविदास जी की जयंती पर सादर नमन