03/09/2021
आइटिम्बा संक्षेप में : आइये वालेंटियर बनिये
आइटिम्बा (iTimba) एक बैंक है जिसमें रूपयों के स्थान पर समय जमा(deposit) होता है और समय ही निकला (withdraw) जाता है। ब्याज के रूप में ख़ुशी मिलती है| इस प्रकल्प का स्वरुप इस तरह का है कि इसमें कार्य करने वाले समय देने वाले वॉलिंटियर्स से वॉलिंटियर्स का ही वादा होगा कि जब उन्हें समय की जरूरत होगी तो आइटिंबा के वॉलिंटियर उन्हें समय देंगे। मतलब हुआ कि आज आप समय जमा कर रहे हैं कल आपको समय वापिस मिलेगा। इस तरह निश्चित ही इसे हम टाइम बैंक कह सकते हैं|
यह अवधारणा हमारे समक्ष प्रस्तुत की है, श्री मनोहर दुबे वरिष्ठ रिटायर्ड आई ए एस अधिकारी जो माननीय राज्यपाल जी के सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए है| वे कहते हैं की दुनिया में कई देशों में टाइम बैंक अनेक वर्षों से कार्य कर रहे हैं |
इस कार्यक्रम में हमें अपने साथियों के साथ आवश्यकता पड़ने पर उठना बैठना है, समय बिताना है उन्हें धन नहीं संबल देना और परामर्श देना है और उनके साथ बैठकर उनके उनके सुख दुख साझा करना है, जरूरत पड़ने पर उनके साथ अस्पताल भी ले जाना है।
इस अवधारणा को लागू करने आई ओ आई सी द्वारा एक एप बनवाया गया है| एप के द्वारा हम समाज में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को मानसिक रूप(emotionally) से सहायता पहुंचाना चाहते है।
यह एप समय लेने देने का हिसाब भी रखेगा।
युवाओं के लिए उनके द्वारा की गई सेवा का प्रमाण पत्र भी उपलब्ध रहेगा। प्रमाण पत्र का आनलाइन सत्यापन भी हो सकेगा।
इस पहल से जुड़कर मानवता की मदद करें। मदद के लिए वालंटियर बनें।
इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर एवं उज्जैन सम्भाग में इसे मूर्त रूप देने का कार्य श्री राकेश श्रीवास्तव जी, पूर्व प्रमुख सचिव जनसंपर्क, श्री योगेन्द्र शर्मा, पूर्व कलेक्टर सागर एंड भोपाल, डा राजेश धीरावानी, सी एम डी जबलपुर हॉस्पिटल, श्री बी एम शर्मा जी, वरिष्ठ सेवा निवृत आई ए एस अधिकारी संभाग के पूर्व कमिश्नर एवं श्री चंद्रहास दुबे के नेतृत्व में हो रहा है। आप सभी आइटिम्बा प्रकल्प के लिए सम्बंधित संभाग के लिए गठित समन्वय एवं कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष हैं| इन समितियों में सम्बंधित संभाग के अनेक वरिष्ठ समाज सेवी, सेवानिवृत अधिकारी, डॉक्टर्स एवं इंजिनियर सदस्य हैं|
आपका स्वागत है आइये वालेंटियर बनिये
नमस्कार
जय हिंद
iTimba Team
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