25/07/2025
क्या EWS आरक्षण सिर्फ एक राजनीतिक शिगूफा था? — युवाओं के अधिकारों से खिलवाड़ कर रही है वर्तमान सरकार
मध्य प्रदेश में पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं (EWS) को न्याय देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए न केवल शिक्षा एवं नौकरियों में EWS आरक्षण लागू किया, बल्कि MPPSC जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में आयु सीमा में छूट भी प्रदान की थी। यह निर्णय लाखों युवाओं के भविष्य की दिशा बदलने वाला सिद्ध हुआ था।
लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा इस आरक्षण को केवल कागज़ों तक सीमित कर देना, और विशेष रूप से MPPSC जैसी परीक्षाओं में आयु छूट जैसे व्यावहारिक लाभ को समाप्त कर देना, न केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है, बल्कि यह राजनीतिक वादों की सच्चाई भी उजागर करता है।
आज जब EWS वर्ग का युवा अपने अधिकार की उम्मीद लेकर शासन की ओर देखता है, तो उसे 'नीति निर्माण की प्रक्रिया' का बहाना देकर चुप करा दिया जाता है।
यह गंभीर प्रश्न उठाता है —
क्या EWS आरक्षण केवल चुनावी घोषणा था?
यदि अन्य 9 राज्यों में EWS वर्ग को पूर्ण लाभ मिल रहा है, तो मध्यप्रदेश में ही क्यों वंचित रखा जा रहा है?
क्या शासन EWS युवाओं के साथ जानबूझकर भेदभाव कर रहा है?
सरकार को यह समझना होगा कि —
👉 युवाओं का सब्र अब टूटने की कगार पर है।
👉 यदि जल्द सुधार नहीं किया गया, तो यह मुद्दा एक बड़ा जनांदोलन बन सकता है।
👉 EWS वर्ग के हितों की उपेक्षा कर कोई भी सरकार दीर्घकालिक जनसमर्थन नहीं बना सकती।
हम सरकार से मांग करते हैं कि:
MPPSC में EWS आयु छूट तुरंत पुनः लागू की जाए।
पूर्व सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों का सम्मान करते हुए उसे पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
युवाओं को सिर्फ वादों का नहीं, वास्तविक अधिकारों का लाभ दिया जाए।
अन्यथा, यह चुप्पी लंबे समय तक नहीं टिकेगी।
सादर,
P. K. Tiwari