गांधी चौपाल - Gandhi Choupal

गांधी चौपाल - Gandhi Choupal An initiative by MPCC Vichar Vibhag ….

गांधी व्यक्ति नहीं दर्शन
(1)

13/04/2026

वंदे मातरम देशभक्ति का उच्चतम गीत है।जिसे कांग्रेस 1896 से गा रही है।जिसे गाते हुए हजारों नौजवानों ने फांसी का फंदा चूमा।अंग्रेजों से डरकर जिन्होंने कभी वंदे मातरम नही गाया वे आज उसके चौकीदार बनने की कोशिश करते हैं यह हास्यास्पद है।कांग्रेस के हर कार्यक्रम में पिछले 25 साल से भाई मुईनुद्दीन वंदे मातरम गाते और गववाते हैं।
कमलनाथ जी के शासन में हर माह सचिवालय में वंदे मातरम् होता था और पुलिस बैंड शौर्य स्मारक तक जाता था।आज वह क्यों बंद है।इस पर भी जबाब दीजिये।

#गांधीचौपाल #जनचौपाल #सर्वसत्तावादी #वंदेमातरम

02/04/2026

अच्छे दिन तुम्हें चाहिये थे धीरे-धीरे आ ही गये।अब कचरा भी नये कानून से तौलकर डिस्पोज होगा 50 किलो के ऊपर कचरा हम अच्छे दिन वालों की जिम्मेवारी है और नियमित टेक्स भरना भी।आपके टेक्स के धन को कोई लूटता है और पकड़ा नहीं जाता उससे होने वाले घाटे की पूर्ति और टेक्स लगाकर की जायेगी इसलिये भ्रष्टाचार रूपी कचरे को तोलकर फेकना भी आपकी जिम्मेदारी है..क्योंकि घाटा आपको ही भरना है नये टेक्स से या कर्ज से।फिलहाल #अच्छेदिनों का स्वागत करिये #बुरेदिन याद आ रहे हों तो दादा की झूठी कहानियों के तंत्र से बचिये।वे #संतरों का भी पूरा जूस निकाल चुके हैं।

#गांधीचौपाल #जनचौपाल #सर्वसत्तावाद

पुराने पल.. #गांधीचौपाल समन्वयक मोहन चंदेल सिवनी के साथ
05/03/2026

पुराने पल.. #गांधीचौपाल समन्वयक मोहन चंदेल सिवनी के साथ

27/02/2026

जब तक राहुल गांधी Rahul Gandhi खड़े हैं तब तक किसानों के अधिकार पर कोई चोट नहीं हो सकती। उन्होंने अपने पूरे राजनैतिक जीवन में किसानों के हित को सर्वोपरि रखा है।

हमारे नेता श्री राहुल गांधी ने 2004 में राजनीति में प्रवेश करने के बाद किसानों के मुद्दों को विभिन्न समय पर प्रमुखता से उठाया है। उनका फोकस मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण, किसान आत्महत्याएं, कर्ज माफी, एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य), और कृषि कानूनों पर रहा है। यहां प्रमुख उदाहरण कालानुक्रमिक रूप से दिए गए हैं:

• 2011: उत्तर प्रदेश के भट्टा-पर्सौल में किसानों की भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विरोध में शामिल हुए। वे बाइक पर पहुंचे, किसानों से मिले, धरना दिया और गिरफ्तार भी हुए। यह घटना भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ उनके अभियान की शुरुआत मानी जाती है, जिससे उन्हें “किसान नेता” के रूप में पहचान मिली।

• 2014-2015: संसद में भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध किया। उन्होंने इसे “सूट-बूट की सरकार” द्वारा किसानों की जमीन छीनने का प्रयास बताया और संसद के अंदर-बाहर विरोध का वादा किया। 2015 में उन्होंने कहा कि बिल पास नहीं होने देंगे, और किसानों के हितों के लिए सड़कों पर उतरेंगे।

• 2015-2018: किसानों की आत्महत्याओं और कर्ज संकट पर बार-बार बोले। उन्होंने मोदी सरकार पर किसानों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। 2018 में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ चुनावों में कर्ज माफी को प्रमुख मुद्दा बनाया, और कांग्रेस सरकारों ने किसानों का कर्ज माफ किया।

• 2018: तेलंगाना चुनाव में 2 लाख रुपये तक किसान कर्ज माफी का वादा किया।

• 2018: मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने 27, लाख किसानों का कर्ज़ माफ़ किया।

• 2020-2021: तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन में मजबूत समर्थन दिया। उन्होंने कानूनों को “काले कानून” कहा, संसद में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे, राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया, और आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के लिए शोक जताया। आंदोलन के दौरान बार-बार ट्वीट और बयान दिए कि सरकार किसानों की बात नहीं सुन रही। कानून वापस होने पर इसे किसानों की जीत बताया।

• 2021: संसद में आंदोलन में मारे गए किसानों का मुद्दा उठाया, पंजाब-हरियाणा के मुआवजे की सूची पेश की।

• 2024-2025: भारत जोड़ो न्याय यात्रा और अन्य अभियानों में किसानों की समस्याओं (एमएसपी गारंटी, कर्ज माफी, आत्महत्याएं) को उठाया। महाराष्ट्र में किसान आत्महत्याओं पर सरकार की उदासीनता का आरोप लगाया।

• 2025-2026: हाल के समय में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के खिलाफ बताते हुए विरोध किया। किसान यूनियनों से मिले, संसद में मुद्दा उठाया, और कहा कि यह किसानों की आजीविका पर हमला है। फरवरी 2026 में भोपाल में किसान सम्मेलन की योजना में सक्रिय भूमिका, जहां ट्रेड डील के खिलाफ आंदोलन की बात हुई।

राहुल गांधी ने इन मुद्दों को लगातार संसद, यात्राओं, सोशल मीडिया और कांग्रेस के मेनिफेस्टो में प्रमुखता दी है।

21/02/2026

कांग्रेस कार्यालय भोपाल पर भाजपा की गुंडागर्दी

21/02/2026

#गांधीचौपाल #कांग्रेसविचारविभाग

13/02/2026

बड़े फनफना रहे थे जेल भेजेंगे,प्रीविलेज मोशन लायेंगे..क्या हुआ आपने तो गुलाटी मार दी..क्योंकि आपको पता है अभी और कीचड़ है जो उछलेगा गंदगी बाहर आ जायेगी।तो डर किस बात का है भाई।प्रीविलेज कमेटी बनेगी उसमें कई सदस्य होंगे तो उसमें सुनवाई होगी तथ्य रखे जायेंगे और पोल खुलेगी।सच से डरती सरकार गला सही में चोक हो गया क्या?
शेयर करें समर्थन दें कमेंट करें

#गांधीचौपाल #कांग्रेसविचारविभाग #जनचौपाल #एपस्टीन #हरदीपपुरी

26/01/2026
26/01/2026

Address

Bhopal

Telephone

+919425812495

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when गांधी चौपाल - Gandhi Choupal posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to गांधी चौपाल - Gandhi Choupal:

Share

Category