यादव एकता जिन्दाबाद

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🕉️हरियाणा में आर्यसमाज के जन्मदाता महर्षि ने हरियाणा में केवल रेवाड़ी में १३ दिन निरन्तर वेद प्रचार करके आर्यसमाज के आन्...
10/08/2023

🕉️हरियाणा में आर्यसमाज के जन्मदाता

महर्षि ने हरियाणा में केवल रेवाड़ी में १३ दिन निरन्तर वेद प्रचार करके आर्यसमाज के आन्दोलन को जन्म दिया पुराने सब विद्वान् जानते थे कि ऋषि जी वहाँ राव युधिष्ठिर सिंह पुत्र राव तुलाराम की विनती पर पधारे थे। हरियाणा में आर्यसमाज का जन्मदाता राव युधिष्ठिर सिंह ही था। वह आधुनिक काल का हरियाणा का पहला सुधारक था। आर्य समाचार मासिक मेरठ में ऋषि के जीवनकाल में इस आर्यपुरुष का नाम हरियाणा से बार बार छपा मिलता है।

एक अन्य आर्यपुरुष हरफूलसिंह जाट गोभक्त का नाम भी एक बार छपा मिलता है। इसी राव युधिष्ठिर सिंह की पत्नी माता लाडकँवर आगे चलकर वहाँ आर्यसमाज स्थापित होने पर आर्यसमाज की सर्वसम्मति से प्रधाना चुनी गई। विश्व में जब कहीं महिलाओं को vote (मतदान) का अधिकार तक प्राप्त नहीं था। आर्यसमाज में इस माता को बड़ी शान से प्रधान चुना गया।

महाराष्ट्र इतिहास परिषद् ने सन् १९८६ में मेरे शोध लेख में विशेष रूप से इसी खोज के लिये मुझे सर्वसम्मति से प्रथम पुरस्कार दिया था। आर्यसमाज इसे अपनी उपलब्धि मानकर भी इतिहास में छिपाता है। इसे आप क्या कहेंगे? यह आर्यसमाज के लिये एक अशोभनीय पाप कर्म है कि इतिहास का गला घोंटा जावे।किसी भी नेता के जीवन में किसी क्रान्तिकारी का उस युग में न तो नामोल्लेख मिलता है और न किसी क्रान्तिकारी का कोई पत्र ही मिलता है। ऋषि के पत्र व्यवहार तथा ऋषि जीवन में राव तुलाराम, श्रीकृष्ण सिंह बारहट, श्यामजी कृष्ण वर्मा आदि के नाम भी हैं और पत्र भी छपे मिलते हैं। आर्यसमाज इस इतिहास की धूम मचाने से कतराता घबराता है। अपवाद तो हैं ही। यह मैं मानता हूँ।

पाठक वृन्द इस सात खण्डों के हरियाणा के इतिहास में रेवाड़ी का इतिहास तो ऐसे दबाया, छुपाया गया है कि इस युग के महान् आर्यसंन्यासी रेवाड़ी क्षेत्र में जन्मे पूज्य स्वामी सर्वानन्द जी, स्वामी सोमानन्द जी, सन्तोषानन्द जी व महाशय हीरालाल जी का नाम उल्लेख नहीं है। क्या इनकी देन से किसी को इनकार है? डॉ. वेदपाल जी सरीखे विद्वान् यदि इधर तनिक ध्यान दें तो यह अनर्थ दूर किया जा सकता है।

परोपकारी पत्रिका अजमेर से

PS: #राजा_राव_युधिष्ठिर_सिंह जी ही वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती जी की प्रेरणा से विश्व की पहली गौ शाला रेवाड़ी में स्थापित की थी। महान #गौ_भक्त को शत् शत् नमन।

ाँ_भारती
#वन्दे_मातरम्
ौ_माता

02/05/2018

राम राम जी,
मैं चिरंजीव राव अहीर समाज की 125 साल पुरानी माँग अहीर रेजिमेंट को लेकर 6 मई 2018 रविवार प्रातः 10 बजे से रात तक बीएमजी मॉल रेवाड़ी में एक दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चला रहा हूँ। मैं सर्व समाज से भी आवाह्न करता हूँ कि इसको सिर्फ अहीर समाज की माँग के तौर पर ना लेकर सैनिको की खान और देश को सबसे ज्यादा सैनिक देने वाली क़ौम के सम्मान के रूप में ले। आज़ादी से पहले 1857 की क्रांति सबसे ज्यादा अहीर सैनिकों के खून से रंगी गई फिर प्रथम विश्व युद्ध, दूसरा विश्व युद्ध, 1948 बड़गांव, 1961 गोवा लिबरेशन,1962 रेज़ांगला,1965 हाजीपीर, 1967 नाथू ला,1971 जैसलमेर, 1984 आपरेशन मेघदूत,1987 श्रीलंका,1999 टाइगर हिल- कारगिल, 2001 संसद हमला, अक्षरधाम हमला व 26/11 मुंबई हमला ; इन सभी मोर्चो पर अहीरों के खून ने भारती माँ के चरणों मे अपना लहू अर्पित किया हैं इसलिए उन सैनिको के कंधों पर #अहीर लिखने का हक़ बनता हैं। मैं सभी से अपील करता हूँ कि जिनकी वजह से हम चैन की नींद सो पा रहे हैं उन सैनिको के हौसले और जोश के लिए इस ऐतिहासिक हवन रूपी कार्य में हिस्सा लेकर आहुति डालने का कार्य करे।
जय यादव
जय माधव

+++ उठो, हे यदुवंश  +++---------------------------------1.जो कौम सत्य से विमुख हो जाये वो कौम एक जिंदा लाश होती है i 2.ज...
16/02/2018

+++ उठो, हे यदुवंश +++
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1.जो कौम सत्य से विमुख हो जाये वो कौम एक जिंदा लाश होती है i
2.जो कौम स्वाभिमान खो दे, उस का अस्तित्व मिट जाता है i
3.जो कौम अपने नायकों/सरदारों से सवाल पूछने की हिम्मत खो दे ,उस कौम की आने वाली नस्लों में "सरदारी" का गुण विलुप्त हो जाता है और वो गुलामी की राह पर हो जाती है i
4.जो कौमें "नाम,नमक,निशान" के लिए खड़े होने की हिम्मत नहीं करतीं , वो इतिहास के पन्नों से विलुप्त होते हुए वो नस्ल सदा के लिए दीन-हीन हो जाती है और अन्त में वो गुलामों का एक संघ बन कर रह जाती हैं जिनसे किसी भी क्रन्तिकारी बदलाव की कोई आशा नहीं हो सकती i
----अपनों से प्रेम कीजिये, सम्मान कीजिये ,लेकिन अगर वो राह भूल जाएँ तो उनको कौमी-फ़र्ज़ भी याद दिलायें , क्योंकि व्यक्ति-विशेष से बढ़ कर कौमी-हित है i व्यक्ति-विशेष की वफादारी से पहले कौम के वफादार बनिये i पितामह योगेश्वर श्री कृष्ण कहते हैं कि, अगर अपने असत्य व् अधर्म के मार्ग पर चल निकले हैं तो , हे पार्थ i फिर अपनों से भी युद्ध कर

यदुवंशी रणबाँकुरे : नायब सूबेदार राव रामकुंवार सिंह जी ,शौर्य चक्र -----------------------------------------------------...
31/01/2018

यदुवंशी रणबाँकुरे :
नायब सूबेदार राव रामकुंवार सिंह जी ,शौर्य चक्र
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कुमाँऊ रेजिमेंट के रणबांकुरे नायब सूबेदार राव रामकुंवार सिंह जी देश के पूर्वी हिस्से में तैनात थे i 7 दिसम्बर 1976 के दिन सूचना मिली की आतंकवादियों का एक दल पास के एक गाँव में छिपा हुआ है, तो तुरंत अपनी टुकड़ी ले कर आतंकवादियों को पकड़ने निकल गये i दो दिन लगातार बिना किसी आराम के वे जंगलों में आतंकवादियों की तलाश करते रहे कि उनको खबर मिली की 11 किलोमीटर दूर एक गाँव में उनका जमावड़ा है i ये यदुवंशी योद्धा जब वहां पहुंचे तो शत्रु ने फायर खोल दिया , तुरंत अहीर सरदार ने आतंकवादियों पर सीधा हमला बोल दिया i इस दौरान दुश्मन की गोली से ये वीर योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए लेकिन उनकी बहादुरी की बदौलत उनकी टुकड़ी ने आतंकवादियों को मार गिराया और काफी मात्रा में गोला-बारूद व् असलाह कब्ज़े में ले लिया i नायब सूबेदार राव रामकुंवार सिंह जी को असाधारण वीरता, नेतृत्व व् सर्वोच्च बलिदान के लिए सर्कार ने उन्हें “शौर्य चक्र” से नवाज़ा i देश के इस परम बलिदानी पुत्र पर हम सब को नाज़ है i
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सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

+++ ताकत वतन की हम से है +++----------------------------------------यदुवंशी योद्धा गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला जी स...
28/01/2018

+++ ताकत वतन की हम से है +++
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यदुवंशी योद्धा गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला जी सुपुत्र श्री तेज नारायण सिंह जी यादव , ग्राम-बदलाडीह,जिला-रोहताश, बिहार को इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर शान्ति काल में बहादुरी के लिए देश के सबसे बड़े पदक "अशोक चक्र" से मरणोपरांत सम्मानित किया गया i इन वीर योद्धा ने कश्मीर के बांदीपुरा में असाधारण वीरता दिखाते हुए आतंकवादियों को मार गिराया था और वीरगति प्राप्त करी थी i धन्य है वो यदुवंशी वीर माता जिसने अपने इकलौते लखते-ज़िगर को देश पर कुर्बान होने के लिए माँ-भारती को अर्पित कर दिया i तीन बहनों का इकलौता भाई, एक दूधमुंहे कन्या का पिता ,एक अहीराणी का सुहाग, देश के दुश्मनों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ और इंद्र-सभा में वीरों के आसन पर विराजमान हुआ i महामहिम राष्ट्रपति भी इस वीर योद्धा की कुर्बानी पर अपनी आँख के आंसू न रोक पाए एक बार फिर से साबित हुआ कि यदुवंशी राष्ट्र-रक्षा में सदैव आपना क्षात्र-धर्म निभाते हुए अपने सर्वस्व-बलिदान के लिए अग्रणी रहते हैं और इन पन्क्तियों को सार्थक करते हैं ---
ताकत वतन की हम से है ,
इज्ज़त वतन की हम से है II
एक बार फिर से इन महान यदुवंशी योद्धा की सर्वोच्च कुर्बानी ने फौज में पृथक "अहीर रेजिमेंट" के गठन को जरुरी साबित कर दिया है i देश के इस महान बलिदानी पुत्र को शत-शत नमन i
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सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

+++ हथियार सिंह के “सिंह”— शहीद राव जगदेव सिंह जी  +++------------------------------------------------------------------...
24/01/2018

+++ हथियार सिंह के “सिंह”— शहीद राव जगदेव सिंह जी +++
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अहीर-गढ़ कोसली के “हथियार सिंह” खानदान का बहुत ही जबरदस्त सैन्य-परम्परा का जंगी-इतिहास रहा है i इसी क्षत्रिय-परम्परा का एक जंगी अध्याय है 1948 की जंग में जमादार राव जगदेव सिंह की शहादत i सूबेदार राव शिव धन सिंह जी जैसे नामी अहीर सरदार के पूत्र राव जगदेव सिंह जी 6 फीट से भी ज्यादा ऊँचे और मज़बूत कद-काठी के जंगी-सरदार थे i वे 8 फील्ड (विशुद्ध अहीर पलटन) में शामिल थे i पाकिस्तान के साथ युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए और उस दौर के प्रधानमंत्री नेहरु जी ने उनकी पत्नी को एक पत्र के द्वारा उनकी शहादत को नमन किया था i शत-शत नमन रणबांकुरे यदुवीर को i
"बावन बंगले कोसली, रणबांके कई हजार I
घर-घर सोहणे गाभरू , घर-घर में सरदार II "
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सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

+++ जंगी-सरदार : सूबेदार राव शिव धन सिंह जी +++-------------------------------------------------------------- सूबेदार रा...
22/01/2018

+++ जंगी-सरदार : सूबेदार राव शिव धन सिंह जी +++
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सूबेदार राव शिव धन सिंह जी जिनको श्योदान सिंह जी भी कहा जाता है, इन अहीर जंगी-सरदार का जन्म अहीर-गढ़ कोसली के एक असाधारण सैनिक परम्पराओं वाले परिवार "हथियार सिंह" में हुआ i 6 फीट 6 इंच के करीब ऊँचे-लम्बे व् मज़बूत कद-काठी वाले इन जंगी-सरदार ने प्रथम विश्व-युद्ध में हिस्सा लिया i यादवी-इतिहास पर एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ लिखा, समाज-सेवा करी और आयुर्वेद के ज्ञाता थे i इनके पिता और दादाजी भी सेना में थे और पुत्र भी फौज में थे i इनके एक पुत्र जमादार राव जगदेव सिंह जी कश्मीर युद्ध में वीरगति प्राप्त हुए थे i
"बावन बंगले कोसली, रणबांके कई हजार I
घर-घर सोहणे गाभरू , घर-घर में सरदार II "
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सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

+++ गढ़ कोसली के शूरमा +++-----------------------------------रिसालदार राव बलवन्त सिंह जी SB,OBI सुपुत्र राव जवाहर सिंह जी...
20/01/2018

+++ गढ़ कोसली के शूरमा +++
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रिसालदार राव बलवन्त सिंह जी SB,OBI सुपुत्र राव जवाहर सिंह जी , खानदान "हथियार सिंह" जो प्रथम विश्व-युद्ध में लड़े थे i इन कोसलिया गोत्र के अहीर सरदार की अपने दौर में दूर-दूर तक तूती बोलती थी और इनके रहते अहीरगढ़ कोसली में कभी भी पुलिस गाँव के अंदर इनकी इजाजत के बगैर कदम नहीं रखती थी i 1865 में जन्में इन अहीर सरदार का देह-त्याग 1939 में हुआ था i
"बावन बंगले कोसली, रणबांके कई हजार I
घर-घर सोहणे गाभरू , घर-घर में सरदार II "
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सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

+++ जय हो +++-------------------------आज वीर भूमि अहीरवाल के प्रसिद्द ठिकाणे “सीहा” में एक लगन-समारोह के दौरान एक ऐतिहास...
18/01/2018

+++ जय हो +++
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आज वीर भूमि अहीरवाल के प्रसिद्द ठिकाणे “सीहा” में एक लगन-समारोह के दौरान एक ऐतिहासिक परम्परा का आगाज़ हुआ i समारोह में कौम के भामाशाह समाजसेवी व् पूर्व सैनिक डॉक्टर मेजर TC राव जी ने खड़े हो कर अलख जगायी कि इस समारोह में “अहीर रेजिमेंट” के लिए एक “नेग” लिया जाए i कुछ लोगों ने कहा कि ऐसी कोई परम्परा नहीं है ,इस पर मेजर साहब बोले कि कौम की आन-बान-शान के लिए इस नई परम्परा का “सीहा” में आगाज़ हो i इन अहीर सरदार के प्रोत्साहन और जोशीले व्यक्तव्य से तुरंत “नेग” लिया गया और अहीर रेजिमेंट रुपी यज्ञ में “नेग” रुपी नई परम्परा की आहुति दी गयी i वर पक्ष के साथ ही ठिकाणा “नांधा” से आये वधु-पक्ष और ननिहाल-पक्ष से “भात” ले कर आये अहीर सरदारों ने भी अहीर रेजिमेंट के लिए “नेग” दिया i अगर कौम के सब जाँनिसार और सरदारी मेजर TC राव जी जितना कौम-प्रेम और हौंसले दीखायेंगे तो “अहीर रेजिमेंट” का गठन कोई नहीं रोक सकता i कौम के ऐसे दिलेर और जोशीले सच्चे सरदार डॉक्टर मेजर TC राव जी को साधुवाद i
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सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

+++ जागो, हे कौम के सरदारों +++----------------------------------------अभी एक खबर के मुताबिक ब्रिटेन के एक सिक्ख-सांसद म...
27/12/2017

+++ जागो, हे कौम के सरदारों +++
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अभी एक खबर के मुताबिक ब्रिटेन के एक सिक्ख-सांसद महोदय श्री तनमनजीत सिंह धेसी जी ने लन्दन में विश्व-युद्धों में सिक्ख-सैनिकों की शहादत की याद में एक सिक्ख वॉर मेमोरियल बनाने के लिए आवाज़ उठाई है i इस से पहले भी लन्दन में एक सिक्ख सैनिक का बुत स्थापित किया गया था और ब्रिटेन की संसद में वहां की सेना में सिक्ख-रेजिमेंट के लिए आवाज़ उठी थी i अमेरिका की फौज में भी सिक्ख-रेजिमेंट के लिए सिक्ख-नेता ने आवाज़ उठाई थी i .....हमारे यदुवंशी सरदारों को भी इनसे कुछ सीखना चाहिए i हमारे ज्यादातर नेता अहीर रेजिमेंट के मुद्दे पर मौन हैं या एक बार मुंह से मिमयाने के बाद मुद्दे की इतिश्री समझ लेते हैं i सिर्फ मुंह से एक बार "अहीर रेजिमेंट" बोलने से काम नहीं चलेगा ,संघर्ष का मादा रखना होगा और निरंतर आवाज़ उठानी होगी हर स्तर पर,सब ने मिल कर,पार्टी/क्षेत्रीय-हितों से उपर उठ कर i देश-सेवा के लिए यदुवीरों को भी उचित मौका मिलना ही चाहिए ,ये ही "अहीर रेजिमेंट" है i
सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

+++1971 भारत-पाक युद्ध – एक अहीर जंगी-कीर्तिमान +++---------------------------------------------------------------------...
16/12/2017

+++1971 भारत-पाक युद्ध – एक अहीर जंगी-कीर्तिमान +++
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1971 के युद्ध में यदुवंशी रण-बांकुरों ने हर मोर्चे पर यदुवंशी-शौर्य का जलवा लहराया ,लेकिन वीर भूमि अहीरवाल के ठीकाणे " जाटूसाना की ढाणी " के एक ही यदुवंशी परिवार ने तो एक अनोखा कीर्तिमान बनाया था i एक ही बाप के 4 बेटे माँ भारती के मान-सम्मान के लिए रण-खेतों में जूझे और अपने राष्ट्र-धर्म व् क्षात्र-धर्म को निभाया i ये अहीर सरदार थे सूबेदार राव रामचंद्र जी, उनके अनुज सूबेदार राव सोहनलाल जी ,कर्नल शिम्भू दयाल सिंह जी व् सूबेदार मेजर राव श्योताज सिंह जी 1971 की जंग में लड़े और देश व् कौम का नाम रौशन किया i आस-पास के इलाके के लोग युद्ध के दौरान इस परिवार से मिलने आते रहते थे और समस्त अहीरवाल क्षेत्र में इस बात की बहुत चर्चा थी कि 4 माँ जाए सगे भाई राष्ट्र-रक्षा के लिए मोर्चे पर दुश्मन के सामने अड़े हुए थे i यदुवंश के इस शिरमौर जंगी-खानदान को शत-शत नमन i इस परिवार के ही एक जंगी-सरदार मेजर डॉक्टर TC राव जी सुपुत्र सूबेदार राव रामचंद्र जी बहुत ही बड़े कौमी-सरदार हैं, दानवीर और समाज-सेवी हैं हैं i इन्होने रेजांगला शहीदी-स्थल का गुरुग्राम में निर्माण कराया है और अहीर रेजिमेंट गठन के लिए जुझारू हैं i
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सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

अहीर शूरमा जिन्होंने 1971 की पाकिस्तान के साथ जंग में विभिन्न मोर्चों पर अपने लहू से "शूरवीरों में अति शूरवीर - वीर अहीर...
16/12/2017

अहीर शूरमा जिन्होंने 1971 की पाकिस्तान के साथ जंग में विभिन्न मोर्चों पर अपने लहू से "शूरवीरों में अति शूरवीर - वीर अहीर " लिखा और उन्हें भारत सरकार ने उन की इस बेमिशाल मर्दानगी के लिए "महावीर चक्र /वीर चक्र " पदक से सम्मानित किया :
1. कोमोडोर राव बबरूभान सिंह जी,महावीर चक्र, ठीकाणा- भाड़ावास
2. L/S राव चमन सिंह जी ,महावीर चक्र, ठीकाणा- गोकलगढ़
3. मेजर राव जय भगवान सिंह जी ,वीर चक्र , ठीकाणा-अचीणा
4. जमादार राव नन्द राम सिंह जी,वीर चक्र , ठीकाणा-कहाड़ी
5. सूबेदार राव नानजी राम सिंह जी,वीर चक्र , ठीकाणा-शहरपुर
6. नायक राव उम्मेद सिंह जी ,वीर चक्र , ठीकाणा-डालावास
---------रणबांकुरे यदुवीरों ने सदा ही राष्ट्र-धर्म, क्षात्र-धर्म निभाया है और अपने हिस्से का खून 1971 की जंग में भी देश-हित में बहा दिया, लेकिन आज भी यदुवंशी शूरमाओं "अहीर रेजिमेंट" का को इंतज़ार है i
सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
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