31/03/2025
आज बड़े ही हर्ष एवं उल्लास भऱा दिन है संस्था अहिंसा नशा मुक्ति केंद्र से प्रेरणा लिए हुए होतम सिंह कुशवाह का 6 वर्ष का रिकवरी बर्थडे मनाया गया जिसमें मैं स्वयं शामिल हुआ और संस्था अहिंसा नशा मुक्ति केंद्र के स्टाफ एवं सभी साथियों ने भाग लिया और ईश्वर से प्रार्थना की इसी तरह सत्य के मार्ग पर
चलकर अपना जीवन को आगे बढ़ाएं ताकि हम अपने परिवार समाज एवं देश के लिए कुछ नया कर पाए यह दिन एक अच्छी सीख का दिन है
6 साल की रिकवरी पर प्रेरणादायक विचार होतम कुशवाहा की ओर से
सुप्रभात सभी को!
आज का दिन मेरे लिए और हम सभी के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह मेरी रिकवरी का 6वां सालगिरह है। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि मेरे जीवन के एक नए अध्याय की पहचान है—एक ऐसा अध्याय, जिसमें मैंने खुद को खोने के बाद दोबारा पाया, अंधकार से निकलकर रोशनी की ओर कदम बढ़ाया।
जब मैंने इस सफर की शुरुआत की थी, तब यह आसान नहीं था। कई बार गिरा, कई बार हिम्मत डगमगाई, लेकिन हर बार मैंने खुद को उठाया और आगे बढ़ा। यह सफर सिर्फ आत्म-सुधार का नहीं था, बल्कि आत्म-खोज और आत्म-स्वीकार का भी था। इस दौरान मैंने सीखा कि नशा सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एक जंजीर है, जो हमें खुद से दूर कर देती है। लेकिन अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी जंजीर इतनी मजबूत नही जिसे हम तोड़ ना सके
आज, 6 साल बाद, मैं गर्व से कह सकता हूँ कि मैं सिर्फ जीवित नहीं हूँ, बल्कि एक नए जीवन को पूरी सच्चाई और ईमानदारी से जी रहा हूँ। मेरी इस सफलता का श्रेय संस्था अहिंसा नशा मुक्ति केंद्र मालनपुर ग्वालियर के डायरेक्टर दीपक श्रीवास्तव एवं समस्त स्टाफ और उन सभी को जाता है, जिन्होंने मेरे सफर में मेरा साथ दिया—मेरा परिवार, मेरे दोस्त, और मेरे साथी, जिन्होंने कभी भी मेरा हाथ छोड़ने की बजाय मुझे सहारा दिया।
मेरे इस सफर से मैं यही संदेश देना चाहता हूँ कि रिकवरी संभव है। अगर आप खुद पर विश्वास रखते हैं, सही मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ते हैं, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती।
आज मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूँ, जिन्होंने मेरी इस यात्रा में मेरा साथ दिया। और अगर इस हॉल में कोई ऐसा व्यक्ति है, जो इस संघर्ष से गुजर रहा है, तो मैं बस इतना कहना चाहता हूँ—आप अकेले नहीं हैं। मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत की पहली निशानी है।
आइए, मिलकर इस नई जिंदगी का जश्न मनाएँ और दूसरों के लिए भी आशा की किरण बनें।
धन्यवाद!