Bhawani Mandi Online

Bhawani Mandi Online Bhawani Mandi is a city and a municipality in Jhalawar district in the state of Rajasthan, India. Here railway station is divided between two states, viz.

Madhya Pradesh and Rajsthan. Northern part of the platform is in Mandsaur district of Madhya Pradesh and the southern part of it is in Jhalawar district of Rajasthan. It is a border town of Rajasthan. There have been many incidents where criminals took advantages of its location. In one of the incidents some assaulter's murdered a man and threw his head in the other part which lies in Bhaisoda Man

di, Madhya Pradesh. The loose co-ordination between Rajasthan and MP police fuels such incidents. The city is a famous mandi (market) for agriculture. Vegetables are specially cheap here. You may find a lot of Orange storages here. This town is second in orange production in India after Nagpur.

31/08/2023
भवानीमंडी | दिनांक *10 अप्रैल 2023* सोमवार को प्रातः 11 बजे आपके शहर भवानीमंडी में भवानीमंडी को जिला बनाने हेतु एक भवानी...
09/04/2023

भवानीमंडी | दिनांक *10 अप्रैल 2023* सोमवार को प्रातः 11 बजे आपके शहर भवानीमंडी में भवानीमंडी को जिला बनाने हेतु एक भवानीमंडी के समस्त संगठन एव राजनीतिक दलों द्वारा भवानीमंडी जिला बनाओ संघर्ष समिति के बेनर तले आदरणीय मुख्यमंत्री जी मे नाम उपखंड अधिकारी भवानीमंडी को ज्ञापन दिया जाएगा जिसमे आपकी उपस्थिति ओर मार्गदर्शन प्रार्थनीय है
*एकत्रित होने का स्थान :- बालाजी चौराहा भवानीमंडी*

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13/06/2022

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आपकी आवाज, भवानी मंडी ऑनलाइन के साथ! Tag Nagar Palika officials! नगर पालिका अपनी जिम्मेदारी समझें!
12/05/2022

आपकी आवाज, भवानी मंडी ऑनलाइन के साथ! Tag Nagar Palika officials!

नगर पालिका अपनी जिम्मेदारी समझें!

आज की भवानीमंडी...!!
26/06/2021

आज की भवानीमंडी...!!

********** निशुल्क भोजन व्यवस्था ******* विगत 36 दिन से (3 मई से) चली आ रही भवानीमंडी के सभी हॉस्पिटल में सुबह-शाम दोनों...
08/06/2021

********** निशुल्क भोजन व्यवस्था *******

विगत 36 दिन से (3 मई से) चली आ रही भवानीमंडी के सभी हॉस्पिटल में सुबह-शाम दोनों समय मरीज और उसके अटेंडर के लिए नि:शुल्क भोजन व्यवस्था का आज समापन हुआ.

11736 भोजन के पैकेट का इस भोजन व्यवस्था के अंतर्गत वितरण हुआ.

नगर पालिका भवानी मंडी में आज दिनाक 4 जून 2021 को प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक संयुक्त प्रवर्तक दल द्वारा फल सब्जी थोक मंडी...
04/06/2021

नगर पालिका भवानी मंडी में आज दिनाक 4 जून 2021 को प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक संयुक्त प्रवर्तक दल द्वारा फल सब्जी थोक मंडी व शहर के मुख्य मुख्य बाजारों में कोरोना गाइडलाइन की पालना करवाने हेतु लोगों को पाबंद किया गया व सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने वाले 4 व्यक्तियों के कुल ₹ 400 के चालान किए गए.

संयुक्त प्रवर्तक दल में अधिशासी अधिकारी श्री शंभू लाल मीणा, पुलिस स्टाफ व पालिका के कार्मिक उपस्थित थे.

25/05/2021

Update:

For the last few days, the OTP service for the Bhawani Mandi Online app was not in service. Due to this, few of our users were unable to register themselves on this platform.

We have now fixed this issue. Users can now register themselves.

23/05/2021

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी ! - Post By - Kailash Jain
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यूं तो कोरोना वायरस की मार जीवन के हर पहलू पर हम सब एक साल से ज्यादा समय से भुगत रहे हैं लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने जिस विकरालता के साथ आक्रमण किया, उससे पूरा देश हतप्रभ रह गया। हर तरफ बदहवासी का आलम था। मौत..श्मशान... चीख पुकार... सिसकियां पूरे माहौल में छाई हुई थी। ऑक्सीजन व आवश्यक दवाओं के अभाव में प्रियजन दम तोड़ रहे थे ।अस्पताल में जगह व बेड नहीं थे । ऊंची से ऊंची सिफारिशें काम नहीं आ रही थी। सरकारों के हाथ पांव फूले हुए थे। प्रशासन किंकर्तव्यविमूढ़ की स्थिति में था।

हम अपने नगर भवानी मंडी की ही बात करें तो आज से पन्द्रह बीस दिनों पूर्व हालत बद से बदतर होते जा रहे थे। अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने और इलाज की व्यवस्था नहीं... ऑक्सीजन के एक एक सिलेंडर के लिए पीड़ितों के परिजन दर-दर भटक रहे थे । न पीड़ितों को उपचार मिल पा रहा था ना परिजनों की परिचर्या में लगे परिजनों को भोजन मिल पा रहा था।

मुझे अल्लामा इकबाल की मशहूर पंक्तियां याद आ रही है:-

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी ,
सदियों से रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा।

यह भारतीय समाज की आंतरिक शक्ति ही है कि आपदा के इस भयानक दौर में हमेशा की तरह एक बार फिर स्वस्फूर्त नेतृत्व उठ खड़ा हुआ और सरकार प्रशासन से इतर भामाशाहों, समाजसेवी संस्थाओं और समर्पित कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया और देखते ही देखते आधारभूत ढांचा खड़ा हो गया। कोई व्यक्तिगत रूप से तो कोई संस्थागत रूप से व्यवस्था व सेवा कार्य में जुट गया।

इस संबंध में मैं सबसे पहले उल्लेख करना चाहूंगा भवानी मंडी व्यापार महासंघ का.. संघ के अध्यक्ष प्रीतपालसिंह और उनकी समर्पित टीम ने गत 3 मई से एक अभिनव सेवा योजना प्रारंभ की है। लॉकडाउन के चलते शहर के सभी होटल, ढाबे व भोजनालय बंद पड़े हैं। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनकी परिचर्या में लगे परिजनों और पॉजिटिव आने पर आइसोलेट किए गए मरीजों व उनके परिवार वालों के सामने दो वक्त के भोजन की गंभीर समस्या थी। महासंघ की पूरी टीम ने इस समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ महसूस किया तथा 3 मई से प्रतिदिन दोनों समय भोजन के पैकेट के वितरण करना प्रारंभ किया। एक सौ बीस पैकेट प्रतिदिन से शुरू यह आयोजन आज लगभग चार सौ पैकेट प्रतिदिन तक पहुंच गया है। महासंघ की टीम, जिसमें अध्यक्ष श्री प्रीतपाल सिंह के अतिरिक्त दीपक सोनी, संदेश पोरवाल ,सुमित सेठिया, मनिंदरसिंह भाटिया, चित्रपाल सिंह, सत्यनारायण सेठिया, मनोहर माधु, शिवम गर्ग, श्याम गोस्वामी, संजय जैन ,रवि जावा रानी जैसे समर्पित कार्यकर्ता हैं, प्रतिदिन दोनों समय शहर के सभी चिकित्सालय में तथा जरूरतमंद लोगों के घरों पर भोजन के पैकेट पहुंचाते हैं। शुद्ध सात्विक भोजन में पांच चपातियां, दाल ,सब्जी एवं पानी के पाउच तथा पत्तल दोने दिए जा रहे हैं। इस वितरण व्यवस्था का सबसे बड़ा मानवीय पहलू यह है कि व्यक्ति की गरिमा का ध्यान रखते हुए इसका कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता न भोजन के पैकेट देते समय कोई फोटो या वीडियो बनाई जाती है।

निकटवर्ती ग्राम भैसोड़ामंडी में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने साईनाथ नर्सिंग कॉलेज के सहयोग से साईं नाथ कोविड सेंटर की स्थापना की है। जहां हिमांशु चतुर्वेदी ,श्याम गुर्जर, राकेश यादव , अशोक नागर, गौरव महेश्वरी, आशुतोष जायसवाल, नितेश चतुर्वेदी आदि समर्पित कार्यकर्ता पूरी लगन व निष्ठा से कोरोना मरीजों के उपचार में लगे हैं। सेंटर में ऑक्सीजन सिलेंडर सहित सभी आवश्यक उपकरणों की समुचित व्यवस्था है। मरीजों को पौष्टिक भोजन और नाश्ता आदि उपलब्ध कराया जा रहा है। दानदाताओं के उदार सहयोग से सेंटर बहुत अच्छी तरह मानवता की सेवा कर रहा है।

सिख कौम प्रारंभ से ही अपनी निस्वार्थ सेवा भावना के लिए जगत विख्यात रही है। भवानी मंडी का सिख समाज भी इंसानियत की खिदमत की इस परंपरा में पीछे नहीं रहा है। श्री गुरु सिंघ सभा संस्थान भवानीमंडी द्वारा खालसा सेवा समिति के तत्वाधान में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री हरदीप सिंह डंग की उपस्थिति में कोरोना महामारी में पीड़ितों की मदद हेतु 10 ऑक्सीजन सिलेंडर ,10 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, ऑक्सीमीटर, फ्लो मीटर आदि सामग्री जरूरतमंदों को निशुल्क वितरण हेतु उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है ।

भारत विकास परिषद भवानी मंडी में 50 ऑक्सीमीटर पुलिस अधीक्षक श्री गोपीचंद मीणा को सौंपे, जो कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों काआक्सीजन लेवल जांचने हेतु उपयोग में लाए जा रहे हैं। पूर्व में भूतड़ा परिवार की ओर से सरकारी अस्पताल में एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्रदान किया गया। इसी प्रकार चौधरी फेज मोहम्मद परिवार पिछले कई दिनों से जरूरतमंद लोगों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल कर उपलब्ध करवाये जा है। ज्ञान विहार पब्लिक स्कूल के संचालक श्री राम भराडिया द्वारा भी निशुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर वितरण की घोषणा की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष श्री कैलाश बोहरा व नगर कांग्रेस अध्यक्ष श्री कालूलाल सालेचा ने जन सहयोग से सरकारी अस्पताल के लिए एक जेनरेटर की व्यवस्था की गई। गायत्री शक्तिपीठ द्वारा आयुर्वेदिक काढ़ा का निशुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदीप गुप्ता (वाइस चेयरमैन आनंद राठी ग्रुप) द्वारा नून हॉस्पिटल को दो ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्रदान किए गए ।

नीलकंठ मुक्ति धाम सेवा समिति के अध्यक्ष श्री दुर्गा प्रसाद पारेता की अपील पर सेवा भारती संस्थान भवानीमंडी द्वारा 70 क्विंटल तथा श्री ओम जी चतुर्वेदी (स्वामी विवेकानंद कॉलेज )द्वारा 51 क्विंटल लकड़ी मुक्तिधाम के लिए उपलब्ध कराई गई है ।

यहां यह उल्लेख करना भी समीचीन होगा कि भवानी मंडी के पुलिस उप अधीक्षक श्री गोपीचंद मीणा इस आपदा संकटकाल में बहुत ही तत्परता से आपदा प्रबंधन में जुटे हुए हैं। पूर्ण कालीन उपखंड अधिकारी महोदय की अनुपस्थिति मे
आपने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बखूबी संभाल रखा है। राहत कार्यों का समन्वय व प्रबंधन श्री गोपीचंद मीणा द्वारा पूर्ण दक्षता और पारदर्शिता से किया जा रहा है ,जो पुलिस के बदलते चेहरे का सूचक है। भवानी मंडी थाने में ही पद स्थापित हेड कांस्टेबल श्री शेर सिंह चौधरी ने गत वर्ष भी कोरोना काल में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। इस वर्ष भी श्री शेर सिंह पूरी तत्परता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने निजी स्तर पर जरूरतमंद लोगों को गाडोलिया लोहार बस्ती में खाद्य सामग्री के 30 किट अपनी ओर से वितरित किए हैं।

निसंदेह और भी कई लोग होंगे, कई नाम होंगे, जिन्होंने अपनी ओर से इस महायज्ञ में यथाशक्ति आहुति दी है। जानकारी के अभाव में उन नामों का उल्लेख नहीं होने का यह अर्थ नहीं है कि उनके योगदान की उपेक्षा या अनदेखी की गई है। वे सभी मानवता की सेवा के इस पुनीत कार्य हेतु साधुवाद के पात्र हैं ।

हम सबके लिए यह गर्व से सर ऊंचा करने की बात है कि हमारा नगर भवानीमंडी हर विपदा में हर परेशानी में एकजुट होकर खड़ा हो जाता है और मिलजुल कर समस्या का सामना करता है । ईश्वर भवानीमंडी की इस भावना को सदैव कायम रखें ।

कैलाश जैन, एडवोकेट,
भवानीमंडी ( राजस्थान)
9214552663

विकट परिस्थिति में आप सभी से भी विन्रम निवेदन है कि समिति के सदस्य से आप स्वयं भी आगे से मिलकर सहर्ष सहयोग करे। जब आपके ...
11/05/2021

विकट परिस्थिति में आप सभी से भी विन्रम निवेदन है कि समिति के सदस्य से आप स्वयं भी आगे से मिलकर सहर्ष सहयोग करे। जब आपके द्वार समिति के सदस्य आए तो मुक्त कंठ से सहयोग प्रदान कर आमजन की इस विकट कड़ी में रक्षा करने में मदद करे।

भेसौदा नगर पंचायतकोविड को ध्यान रखते हुए समिति द्वारा QR code भेजा गया है। आप स्वेच्छा से समिति को कोविड मरीजों के सहयोग हेतु कोविड केयर सेंटर को भेट का सकते है। साथ ही पेमेंट भेजने के बाद अपना नाम स्क्रीन शॉट लेकर हमे whatsapp : 70144-19302 भेज सकते है।

निवेदक
जन विकास समिति कोविड सेंटर

09/03/2021

खई के पान भवानीमंडी वाला - By: Kailash Jain, Advocate
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पान सदियों से हमारी सांस्कृतिक परंपराओं का अटूट हिस्सा रहे हैं। भोजन के बाद पान का सेवन न केवल भारत बल्कि संपूर्ण दक्षिणी पूर्वी एशियाई देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार, मलेशिया, इंडोनेशिया और यहां तक कि वियतनाम तक में एक परंपरा के रूप में प्रचलित रहा है। हिंदू धार्मिक ग्रंथों में वेदों आदि में पान की पवित्रता का उल्लेख मिलता है। आज भी नामकरण, विवाह, यज्ञोपवीत, पूजा आदि अनुष्ठान में पान एक अनिवार्य वस्तु की तरह उपयोग होता है। मुगल काल में पान का संस्कृति बेहद फूली फली । मुखशुद्धि के इस साधन को संस्कृत में तांबूल, मराठी में नागवेल, गुजराती में नागुरबेल, तेलुगु में पक्कू कहा जाता है।

यूं तो पान की दुकानें हर शहर गांव में आज भी मौजूद है लेकिन आज न तो उस जमाने के पान मौजूद है न पान की दुकानें हैं और न ही पान के दीवाने वे लोग... गुटका पाउच ने पान के उस रसभरे संसार को लील लिया है।

इस मुख्तसर-सी भूमिका के बाद हम आपको लिए चलते हैं भवानीमंडी के नगर के लगभग आधी सदी पुराने पान संसार में.. आज शायद पान की कीमत 10 से ₹15 तक है लेकिन उस दौर में शानदार जायकेदार पान सिर्फ 10 पैसे मूल्य पर उपलब्ध था और शायद आज की पीढ़ी यह जानकर ताज्जुब करें कि पान के मुरीद दिन में बीस-बीस, पच्चीस-पच्चीस पान खाते थे ।

मीठा गुलकंद चटनी बाहर से युक्त पान महिलाओं और खासतौर पर बच्चों में खासा लोकप्रिय हुआ करता था। बच्चों को पान के एक पान के दो टुकड़े करके खिलाया जाता था। कई परिचित पान वाले ग्राहक के साथ आए बच्चे को मुफ्त पान देते थे।

पान के शौकीन अपने-अपने टेस्ट के मुताबिक पान खाते थे। पान की किस्मों में मीठा पत्ता, बांग्ला,देशी, मद्रास
आदि होती थी। मीठा पत्ता सबसे महंगा और मद्रास सबसे सस्ता माना जाता था। तंबाकू खाने वाले लोगों में कई लोग सिर्फ देसी तंबाकू सुपारी का पान खाते थे। तो कुछ लोग पीपरमेंट के शौकीन होते थे। ज्यादातर युवा पान में सुगंधित तंबाकू बाबा जर्दा( 90 नम्बर) या रत्ना ( 300 नम्बर) और किमाम से युक्त पान का सेवन करते। तंबाकू का पान खाने की शुरुआत करने वाले नैसिखिये मुस्कीदाने से सहज करते हैं, जो धीरे-धीरे जाफरानी पत्ती से होते हुए देसी तंबाकू तक पहुंचती ।

अब जिक्र उस दौर में भवानी मंडी की मशहूर पान की दुकानों का- स्टेशन तिराहे पर स्थित मस्ताना पान भंडार भवानीमंडी की सबसे पुरानी पान की दुकानों में गिनी जाती है। सोशलिस्ट पार्टी के दबंग नेता कन्हैयालाल मस्ताना की दुकान पर सुबह से रात तक नगर की मशहूर हस्तियों का तांता लगा रहता था। हाल के दिनों तक उनके पुत्र रमेश मस्ताना इस दुकान को संचालित किया करते थे। उनके निधन के बाद तीसरी पीढ़ी रमेश का पुत्र वासु मस्ताना पान भंडार पर बैठता है।

नजाकत मंजिल चौराहे पर भेरु का तमन्ना पान भंडार चर्चित पान की दुकानों में शुमार रहा है। बाद में यह स्टेशन रोड पर मेसर्स लक्ष्मीचंद माणकचंद लोढ़ा की दुकान के पास स्थानांतरित हो गया। नजाकत मंजिल के सामने स्थित इस गुमटी में स्वामीजी और बाद में मिट्ठनलाल जी सेब वाले के पुत्र द्वारा भी पान की दुकान चलाई गई । इन दुकान के ठीक सामने बद्री दादा का शर्मा पान भंडार होत था ।

नगर के उम्र दराज के लोगों की स्मृति में वर्तमान सत्यवीर मार्केट के स्थान पर मौजूद माहेश्वरी होटल अवश्य होगी। माहेश्वरी होटल के बाहर मामाजी की प्रसिद्ध पान की दुकान थी जो बाद के सालों में रामपुरावाले कड़ावतजी की दुकान में स्थानांतरित हो गई ।भंवरलाल हरकचंद की दुकान के सामने स्थित रामनिवासजी की दुकान भी भवानीमंडी की पुरानी पान की दुकानों में गिनी जाती थी। आजकल इस दुकान को उनके पुत्र हाडोती बैंक के पास संचालित कर रहे हैं।

वर्तमान में विजयराजे सिंधिया कॉम्प्लेक्स में स्थित भांग वाले मामाजी की पान की दुकान पहले सामने पूरणमल जी परतानी की होटल के बाहर चलती थी। इस दुकान पर रखी बंदर की मूर्ति आज भी मौजूद है। राधेश्याम मंदिर की दुकानों में भौजू पान वाले की दुकान भी भवानीमंडी की सर्वाधिक प्राचीन पान-शॉप में शामिल है। एक जमाने में नामी-गिरामी लोगों की भीड़ से यह दुकान आबाद रहती थी । भोजू के भाई नत्थू की पान की दुकान के मोहन टॉकीज के अंदर थी तो विजय टॉकीज के बाहर पंडित जी का मीठा पान मशहूर था । दाढ़ी वाले उपाध्यायजी की दुकान मोहन टॉकीज के सामने होती थी तो जागीरदारजी की दुकान के कोने में मोहन सिंधी की दुकान थी। कन्हैया स्वीट्स के बाहर फुटपाथ पर स्थित रामगोपालजी पोरवाल की पान की दुकान रात में सर्वाधिक देर तक खुली रहने वाली दुकान थी ।

विशाल होटल के नीचे मनोहर पान वाले की दुकान, राजेंद्र बुक डिपो वाले की दुकान के सामने लच्छू की प्रसिद्ध पान की दुकान, वर्तमान में मोतीलाल कन्हैयालाल की दुकान के स्थान पर राजस्थान बैंक था,उसके सामने सुंदरलालजी की होटल व बड़ के नीचे लालू की पान की दुकान थी।
एल एम लोढ़ा के सामने रेवाचन्द सिंधी व नन्द पान वाले की दुकानें प्रसिद्ध थीं। पास ही बावला पान भंडार था।
अदालत के पास गिरिराज की होटल के बाहर स्व. पुरुषोत्तम सोनी की दुकान थी। कालवा स्थान पर एक जमाने में उमाशंकर गुप्ता का पानी उत्तम क्वालिटी की सुपारी के लिए जाना जाता है। रोडवेज बस स्टैंड के साथ साथ पचपहाड़ वाले श्याम जी का महाराजा पान भंडार जैन मंदिर सामने, गुरूद्वारा के सामने कई सालों तक चलता रहा। तेज भवन के सामने लियाकत का पान भी लज्जतदार रहता था।

स्व जगदीश जी पोरवाल द्वारा स्थापित बाल निकेतन के सामने स्थित पान की दुकान पान की मशहर दुकानों में गिनी जाती है।पहले रेल्वे स्टेशन के पास मौजूद डायमंड पान भंडार आजकल सब्जीमंडी में चल रहा है । टगर मोहल्ले में हाई स्कूल के पास ओमजी पोरवाल की पान की दुकान भी काफी पुरानी है ।

अन्य कई पान की दुकान का अपना इतिहास रहा है। उनके नाम याद नहीं आ रहे हैं। आगामी संस्करण में शामिल किया जा सकता है ।

पान का कारोबार नकद के स्थान पर उधार में अधिक चलता था। तकरीबन हर दुकान पर ग्राहकों के पचासों खाते चला करते थे, जिनका हिसाब कहीं छह माह में तो कई साल भर में होता था ।

उस जमाने में पान के खास मुरीदो की सूची बहुत लंबी है, किंतु समय अधिक हो जाने से सारे नाम याद नहीं आ रहे हैं। फिर भी डॉक्टर शांतिलाल जी जैन, पी डी गुप्ता एडवोकेट,बालाबक्स बद्रीलाल के नन्दू दादा,नवनीत जी ,सत्तार भाई, हरिरामजी मुनीम, शोभाग जी दाल मिल वाले ,पूनमजी गोखरू, रामप्रतापजी जायसवाल, डॉ श्याममनोहरजी, केवलजी सोगानी ,भूदेवजी शर्मा गजराजजी जैन,अशोकजी शाह, वर्धमान जी गांग आदि उस जमाने के पान के खास मुरीदों में शुमार हैं।

भवानी मंडी में पान की दुकानों को पान के शौकीनों का यहआंशिक इतिहास है, इसे मात्र स्मृति के आधार पर आलेखित गया है । आवश्यक सुझाव प्राप्त होने पर संशोधन संभव है।

कैलाश जैन, एडवोकेट,
भवानी मंडी (राजस्थान)
9214551663

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Bhawani Mandi
326502

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