28/03/2026
यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था की लगातार गिरती हालत का सबूत है।
सिकरी के नदबई हत्याकांड को लेकर समाज को सड़कों पर आना पड़ रहा है, ज्ञापन देना पड़ रहा है और 72 घंटे में गिरफ्तारी की चेतावनी देनी पड़ रही है — यह अपने आप में बहुत बड़ी चिंता की बात है।
पहले ऐसा नहीं था। जब कांग्रेस का समय था, लोग खुलकर सवाल करते थे, प्रशासन जवाब देता था और कार्रवाई होती थी। मैंने भी सिकरी और नगर के लिए हमेशा अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई और जनता के साथ खड़ा रहा।
लेकिन आज हालात ऐसे हो गए हैं कि आम आदमी, खासकर कम्युनिटी और माइनॉरिटी की आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं है। अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नजर नहीं आती।
याद रखिए, जनता सब देख रही है। आने वाले समय में लोग अपने वोट से जवाब देंगे और इस करप्ट व्यवस्था को बदलेंगे।