05/09/2026
किशोरी जी के नेत्रों का दर्शन करना होता है तब कृष्ण मनोहारीनी बोलते हैं तभी किशोरी जी के नेत्र खुलते हैं। हमारे ब्रज के आचार्य चरण कहते हैं कि वृंदावन में दुनिया भर के लोग कहे जय जय श्री राधे वृषभानु दुलारी की जय बरसाने वारी की जय पर एक बार कह दे करो जय कृष्ण मनोहारीनी। अगर यह कहोगे तो किशोरी जी की दृष्टि आप पर पड़ जाएगी। वह नेत्र खोल के आपको देखने लगेगी। ऐसी लीला