15/03/2026
प्रतापगढ़ की ज़मीन हमेशा से जागरूक लोगों की रही है, लेकिन आज एक अजीब तस्वीर देखने को मिल रही है। जो काम जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों — सांसद और विधायकों — को करना चाहिए, वो काम आज सामाजिक कार्यकर्ता अपने दम पर कर रहे हैं।
जिले में कुल 5 सांसद हैं, जिनमें से 4 सांसद सेकुलर पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं। जनता ने उन्हें उम्मीद और भरोसे के साथ चुना था कि वे हर छोटे-बड़े मसले पर आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाएंगे। लेकिन अफसोस की बात यह है कि आज भी कई जरूरी कामों के लिए लोगों को खुद मैदान में उतरना पड़ रहा है।
एक सांसद साहब का रिश्ता मुंबई और प्रतापगढ़ दोनों जगहों से है, और जानकारी के मुताबिक वे ईद की नमाज़ भी प्रतापगढ़ में ही अदा करेंगे। ऐसे में उनसे उम्मीद की जाती है कि वे जिले के हालात और जरूरतों पर खुद ध्यान दें, जनता की परेशानियों को समझें और समाधान के लिए पहल करें।
लेकिन हकीकत यह है कि आजकल कई नेता सिर्फ फोटो खिंचवाने और प्रचार में नंबर बढ़ाने में ज्यादा व्यस्त दिखाई देते हैं, जबकि ज़मीनी काम कहीं पीछे छूट जाता है।
फिर भी उम्मीद ज़िंदा है।
Fakhare Alam Pbh जैसे सामाजिक कार्यकर्ता लगातार कोशिश कर रहे हैं कि लोगों की आवाज़ बुलंद हो और ज़रूरी काम पूरे हों। उम्मीद है कि उनकी मेहनत और लगन रंग लाएगी और प्रतापगढ़ में वह बदलाव देखने को मिलेगा जिसकी जनता लंबे समय से इंतज़ार कर रही है।
प्रतापगढ़ की जनता जागरूक है और अब काम देखने के बाद ही फैसला करेगी।