04/04/2026
*प्रिय स्वजनों 🙏🌷*
*एक अत्यंत महत्वपूर्ण अनुरोध 📢*
*🗓️ 2027 मार्च तक भारत की जनगणना पूरी होने जा रही है।*
*जनगणना अधिकारी शीघ्र ही आपसे जानकारी एकत्र करने के लिए मिलेंगे।*
जब आपसे आपकी मातृभाषा पूछी जाए और फिर यह पूछा जाए कि आप कौन-कौन सी भाषाएँ जानते हैं,
तो कृपया “संस्कृत” को भी उन भाषाओं में अवश्य शामिल करें। 🪔📜
👉 भले ही हम सभी संस्कृत बोल नहीं पाते,
फिर भी हम प्रतिदिन प्रार्थना, जप, श्लोक और पूजा-पाठ में इसका उपयोग करते हैं।
📊 पिछली जनगणना के अनुसार संस्कृत बोलने वालों की संख्या बहुत कम दर्ज हुई थी,
जबकि अन्य भाषाओं को अधिक मान्यता और सहायता मिलती है।
⚠️ यदि संस्कृत को “लुप्तप्राय भाषा” घोषित कर दिया गया,
तो हमारे वेद, पुराण और प्राचीन ग्रंथों की परंपरा प्रभावित हो सकती है।
🌺 संस्कृत केवल भाषा नहीं — हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान है।
✨ इसे जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
👉 इसलिए:
✔️ संस्कृत सीखें
✔️ जनगणना में इसे शामिल करें
✔️ जागरूकता फैलाए