18/06/2020
18 जुन 1858
बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,
खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।
मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणो का बलिदान देने वाली, अप्रतिम शौर्य की प्रतिमूर्ति एवं वीरता की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि!