01/06/2026
उन्नीसवीं सदी में बाढ़ से जोधन सिंह कुरसेला ( आज के कटिहार जिले का हिस्सा ) चले गए और वहां अपनी जमींदारी को स्थापित किया । उन्होंने कहा जाता है कि किसी साधु के बोलने पर अपने नाम को बदल अयोध्या सिंह रख लिया ।
इन्हीं के पुत्र रघुवंश सिंह ( तस्वीर इन्हीं की है ) ने भूदान आंदोलन में आचार्य विनोबा भावे को भूमिहीनों के लिए 4000 एकड़ खेती योग्य उपजाऊ जमीन दान में दी थी ।
पटना जिले के बाढ़, अथमलगोला एवं बख्तियारपुर प्रखंड में फैले दर्जनों सिसोदिया (खाती) राजपूतों का गांव है। पोस्ट में वर्णित जोधन बाबू इन्हीं गांवों में से एक जहींगरा गांव से कुरसैला गये थे। जोधन बाबू के लड़के स्व. रघुवंश बाबू हुए और पोते श्री दिनेश कुमार सिंह कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।आज भी इन सभी गांवों में एक कहावत खुब प्रचलित है -- "इधर उधर सब कोई गेल,
जोधन सिंह नीयन कोई न भेल।।"