17/08/2026
पुस्तकोपहार (2026-27)
पुस्तकोपहार : ज्ञान बाँटने की एक सुंदर पहल “पुस्तकें केवल पढ़ने के लिए नहीं होतीं, वे विचारों, अनुभवों और ज्ञान को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम होती हैं।” विद्यालय में पुस्तकों के प्रति प्रेम और पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से “पुस्तकोपहार” एक अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायक पहल है। इसका मूल भाव है—अपनी प्रिय या उपयोगी पुस्तक किसी अन्य विद्यार्थी के लिए उपहार स्वरूप देना, ताकि ज्ञान का यह उपहार अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।...
पुस्तकोपहार : ज्ञान बाँटने की एक सुंदर पहल “पुस्तकें केवल पढ़ने के लिए नहीं होतीं, वे विचारों, अनुभवों और ज्ञान को ए...