22/10/2022
वानिया असद शेख के लिए कौन बोलेगा ? :-
हिजाब नहीं पहना था उसने, कालेज के युनिफॉर्म कोड का पालन किया था , माफ करिएगा , मदरसे की भी छात्रा नहीं थी।
फर्क यह है कि वह "वानिया असद शेख" थी , दुमका की अंकिता सिंह नहीं थी , जिसके लिए चार्टर्ड प्लेन से तमाम सांसद, लाखों करोड़ों रुपए की मदद को लेकर पहुंचे थे।
पहुंचना भी चाहिए था , मगर वानिया के लिए कोई नहीं पहुंचा।
आरोपी शाहरुख खान भी नहीं था , वह होता तो भी मीडिया के तमाम चैनल पैनल डिस्कशन और ब्रेकिंग न्यूज चला रहे होते, सिविल सोसायटी सड़कों पर होती और उसे सरेआम फांसी की सज़ा देने की मांग हो रही होती।
तमाम विराट हिन्दू सभा आयोजित होती और देश में एक समुदाय विशेष के आर्थिक सामाजिक बहिष्कार का आह्वान हो रहा होता।
बदकिस्मती से वह "वानिया असद शेख" थी , मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी और BDS की द्वितीय साल की छात्रा थी।
मेरठ के दिल्ली-देहरादून बाइपास स्थित सुभारती कालेज में बीडीएस की पढ़ाई करने वाली छात्रा "वानिया शेख" ने सहपाठी छात्र सिद्धांत सिंह पंवार के छेड़छाड़ और परेशान करने का विरोध करने पर कालेज में सरेआम उसे थप्पड़ मारने से व्यथित होकर कॉलेज की ही चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
मगर समाज चुप है , मीडिया चुप है, नेता चुप है , क्यों कि इस घटना का कंबिनेशन उल्टा है , इससे नफ़रत नहीं फैलती ,
मामला 19 अक्टूबर का है , सभी मीडिया पोर्टल या तो इस घटना की लीपापोती कर रहें हैं , मामूली झगड़ा बता कर मामले को दबा रहे हैं या फिर खामोश हैं , यहां तक कि सुभारती कालेज के उसके सहपाठी भी खामोश हैं।
वानिया के पिता का आरोप है कि हरिद्वार का रहने वाला सिद्धार्थ सिंह पंवार पिछले 10 दिन से लगातार वानिया को परेशान कर रहा था , उस दिन उसने वानिया को पूरी क्लास के सामने बदनियती और गलत तरीके से छूने की कोशिश की , जिसका विरोध करने पर सिद्धांत सिंह पवार ने उसे थप्पड़ मारा जिससे व्यथित होकर और उससे बचने के लिए वानिया कालेज के चौथी मंजिल से कूद गयी।
आरोपी सिद्धांत सिंह पंवार को गिरफ्तार करके 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कल इसी सिद्धांत को संस्कारी बता कर रिहा कर दिया जाएगा , इस देश में बिल्किस बानो हों या वानिया शेख, अंजाम निराशाजनक ही हैं।
तीन परिवारों की इकलौती चहेती और लाडली औलाद "वानिया शेख" कल शाम 2 दिनों से ज़िन्दगी से जंग लड़ते हुए हार कर मौत की आगोश में चली गई।
अब इनके लिए इंसाफ की बात कौन करेगा,