Manna.Org

Manna.Org We will open book clubs and libraries in the distant and untouched parts so that the young minds there get true feel and spark of knowledge .

Intro – There exists a no. of problems in our education sector .Where on one hand a section spends lacs of rupees on formal education, at the same time on the other hand there exists another section which cannot even afford a text book .we have come forward to eliminate this gap. Figuratively, we can call ourselves contemporary lawful Robinhoods .We ask those capable people to donate such books

which they need no more.We will open book clubs and libraries in the distant and untouched parts so that the young minds there get true feel and spark of knowledge . Apart from this we have been conducting several interactive sessions and awareness camps where we discuss about the need of formal education and also inform them about several educational institutions.we talk about their career orientation as well as about their personaliity development. we have started our journey and have come so far but we didn`t come this far to come only this far. This initiative cannot become a massive success without everyones` support .so we appeal everybody to come ahead and donate not only books but also dreams. Be a part of this social change . Thank You
(Team Manna)

चखे हुए सेव का सच ।एक थे एलेन मैथिसन ट्यूरिंग । उनका जन्म 23 जून 1912 को ग्रेट ब्रिटेन में हुआ था । वे बचपन से हीं धावक ...
25/08/2018

चखे हुए सेव का सच ।

एक थे एलेन मैथिसन ट्यूरिंग । उनका जन्म 23 जून 1912 को ग्रेट ब्रिटेन में हुआ था । वे बचपन से हीं धावक बनने का सपना संजोए थे । वे ओलम्पिक स्तर के धावक हो सकते थे , क्योंकि उनका समय अंतराष्ट्रीय स्तर से मात्र ग्यारह मिनट कम था । कोशिश कर उस स्तर तक पहुंचा जा सकता था , लेकिन उन्हें फूलों से एलर्जी थी । इसलिए एलेन ट्यूरिंग मास्क पहनकर दौड़ते थे । मास्क पहनने से उन्हें मनोवांछित आक्सीजन नहीं मिल पाती थी ।इसलिए उन्होंने धावक बनने का सपना छोड़ दिया और विज्ञान के क्षेत्र में उतर गये । उन्होंने जो सिद्धांत परिपादित किया उससे कम्प्यूटर बनाने का तरीका आसान हो गया । अतः उनके इस शोध से एलेन मैथिसन ट्यूरिंग को कम्प्यूटर साईंस का जनक माना गया ।

उन दिनों द्वितीय विश्व युद्ध चल रहा था । प्रथम विश्व युद्ध की हार को जर्मनी पचा नहीं पाया था । इसलिए वह पूरे मनोयोग से द्वितीय विश्व युद्ध में बदला लेने के नियत से उतरा । उसने अटलांटिक महासागर में अपनी एक पनडुब्बी "ऊ बोट "उतारी । यह ऊ बोट अपनी सेनाओं को एक विशेष कोड के सहारे संदेश भेजती थी, जिसे डिकोड करने की क्षमता मित्र राष्ट्रों में किसी के पास नहीं थी । एलेन मिथिसन ट्यूरिंग ने इसे एक चैलेंज के रुप में लिया । उन्होंने थोड़े दिनों में हीं जर्मन कूटलेखों को पढ़ने में सफलता प्राप्त कर ली । अब जर्मन रणनीति का रहस्य मित्र राष्ट्रों के सामने खुल गया । जर्मन को घुटने टेकने पड़े । युद्ध जो और दो सालों तक चलना था , वह जल्द हीं समाप्त हो गया ।

एलेन मैथिसन ट्यूरिंग में एक दुर्गुण ( उस दौर के हिसाब से ) था । वे समलैंगिक थे । 1952 में उन्होंने सार्वजनिक रुप से अपने इस दुर्गुण को स्वीकार किया । उन दिनों यह दुर्गुण नहीं एक अपराध था । उन पर समाज में अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा । उन पर मुकदमा चला । कोर्ट में एलेन मैथिसन ट्यूरिंग ने इसे अपराध नहीं माना , बल्कि इसे अपना स्वभाव कहा । कोर्ट ने उनकी एक न सुनी । उन्हें अपराधी माना । ट्यूरिंग के सामने दो आॅप्सन रखे गये -1) उन्हें जेल होगी या 2) उन्हें रासायनिक बधियापन को झेलना होगा । एलेन मैथिसन ट्यूरिंग ने दूसरे आॅप्सन को चुना । उन्हें जेल जाने से बेहतर यह सजा लगी थी ।

एलेन मैथिसन ट्यूरिंग को स्त्री हार्मोन के इंजेक्सन दिए जाने लगे । इस हार्मोन के चलते वे स्थायी तौर पर हमेशा के लिए नपुंसक हो गये । उनके स्तन निकल आए । एलेन ने शर्म के मारे घर से बाहर निकलना छोड़ दिया । उनका मन साईंस के अनुसंधानों में नहीं लगा । दो साल तक जलालत की जिंदगी जीने के बाद उन्होंने 7 जून 1954 को आत्म हत्या कर ली । उनके शव के पास एक चखा हुआ सेव रखा गया था । जांच के बाद उस सेव में पोटेशियम सायनायड पाया गया ।

एलेन मैथिसन ट्यूरिंग को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए था । उनकी गिनती न्यूटन और आईंस्टीन के साथ होनी चाहिए थी । किंतु उनके साथ कदाचार किया गया । उन्हें बधिया बना दिया गया , जो आज के परिपेक्ष्य में अनैतिक और मानव अधिकारों के विरुद्ध है । 2009 में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधान मंत्री ने इसे मानवता के खिलाफ माना था और इस कृत्य के लिए सार्वजनिक रुप से माफी भी मांगी थी । इस बात को एप्पल कम्पनी के मालिक स्टीव जाॅब्स ने 1977 में हीं मान ली थी । उन्होंने एलेन मैथिसन ट्यूरिंग को श्रद्धांजलि स्वरुप अपनी कम्पनी का लोगो "चखा हुआ सेव " रखा था । इतना सब होने के बावजूद ट्यूरिंग ने जो जलालत सही उसकी भरपाई नितांत हीं मुश्किल है । वे ये सब देखने आने से रहे ।
Agra Vijay

26/01/2018

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में स्नातक एवं परा-स्नातक समेत सभी विषयों एवं विभागों में नामांकन के लिए इच्छुक छात्र-छात्राओं को सूचित किया जाता है कि नामांकन के लिए फार्म विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आज से उपलब्ध है।फार्म भरने की अंतिम तिथि 21 फरवरी है। इस बार प्रवेश परीक्षा पटना में भी आयोजित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय वेबसाइट का लिंक नीचे उपलब्ध है।
किसी भी प्रकार के सहायता के लिए संपर्क करें।बरबीघा और आसपास के क्षेत्र के इच्छुक छात्र संपर्क करें,उन्हें हरसंभव मदद हमारे टीम के द्वारा की जायगी।
Contacts-8676077721

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सहयोग करें________________________________आज देश का एक हिस्सा भारी संकट की स्थिति में है। बि...
20/08/2017

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सहयोग करें
________________________________
आज देश का एक हिस्सा भारी संकट की स्थिति में है। बिहार के सीमांचल समेत यूपी, असम, बंगाल के कई क्षेत्रों में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचायी है। सीमांचल तो पूरी तरह से बरबाद हो चुका है। सैकड़ों जानें बाढ़ में बह गयी, लाखों लोगों के आशियाने बाढ़ के पानी में जलमग्न हो गये। करोड़ों लोग बिना भोजन पानी के राहत शिविरों में रहने को मजबूर है। सरकार के साथ-साथ सैकड़ों स्वयंसेवी संस्थायें व आम आदमी राहत बचाव कार्य में तन-मन-धन से लगे हुए हैं। आज पूरे देश से लोग बाढ़ पीड़ितों कीे मदद के लिए आगे आ रहें हैं। संकट की इस घड़ी में हमें उनकी हरसंभव मदद करनी चाहिये। हमारी टीम MANNA वहाँ कार्य कर रही कई संस्थाओं के संपर्क में है और बहुत जल्द हम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए रवाना होने वाले है। अत: आप सबों से निवेदन है कि उनकी मदद के लिए अपने सामर्थ्यानुसार सहयोग करें। आप Paytm या BHIM के द्वारा नीचे दिए गए नंबर पर अपना सहयोग दे सकते हैं।
Paytm- 8825193669
BHIM- 8825193669

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के काउंसेलिंग प्रक्रिया को समझने के लिए इस विडियो को देखें।https://youtu.be/EduLJ57x5Uc
30/06/2017

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के काउंसेलिंग प्रक्रिया को समझने के लिए इस विडियो को देखें।
https://youtu.be/EduLJ57x5Uc

UG and PG counselling process full video

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में काउंसेलिंग 3 जुलाई से ।-------------------------------------------------------------------3...
30/06/2017

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में काउंसेलिंग 3 जुलाई से ।
-------------------------------------------------------------------
3 जुलाई से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र आरम्भ होगा तथा इसी दिन से काउंसेलिंग तथा प्रवेश प्रक्रिया आरम्भ हो जायेगी। 11 जुलाई तक मुख्य परिसर में स्नातक एवं 19 जुलाई तक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमो में काउंसेलिंग उपरान्त प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर ली जायेगी। 16 जुलाई से 20 जुलाई तक बीएचयू से सम्बद्ध महाविद्यालयो की काउंसेलिंग के पश्चात प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जायेगी।
17 जुलाई से स्नातक तथा 21 जुलाई से स्नातकोत्तर की प्रथम सेमेस्टर की कक्षाए आरम्भ हो जायेगी।
अभ्यर्थियो एवं छात्र-छात्राओं से आग्रह है कि वे नियमित रुप से अपना पोर्टल देखें ।
Contacts- 9451307656,8676077721,8235563166

08/05/2017

Toll Free No:1800-180-6261 (Call centre timing 09:30 AM to 06:30 PM (Monday to Saturday))       Tolled No:9455874516

राष्ट्रकवि दिनकर की पुण्यतिथि पर उनको शत शत नमन।एक महान व्यक्तित्व वाला वह आम इंसान जिसने साहित्य के साथ साथ देश सेवा के...
24/04/2017

राष्ट्रकवि दिनकर की पुण्यतिथि पर उनको शत शत नमन।एक महान व्यक्तित्व वाला वह आम इंसान जिसने साहित्य के साथ साथ देश सेवा के लिए अपना जीवन अर्पण कर ऐसे पुत्र को पा कर हमारी धरती भी धन्य हो गयी।

Address

Bar Bigha
811101

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Manna.Org posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Manna.Org:

Share

Category