NaMo Puja

NaMo Puja Namo puja is team of pandits who is provides pandit puja services in bangalore North indian pandits in Banglore

Namopuja
24/07/2021

Namopuja

21/07/2021

20 जुलाई 2021 के शुभ मुहूर्त
प्रस्तुत हैं आज के मुहूर्त

शुभ विक्रम संवत्-2078, शक संवत्-1943, हिजरी सन्-1442, ईस्वी सन्-2021

अयन-दक्षिणायन

मास-आषाढ़

पक्ष-शुक्ल

संवत्सर नाम-आनन्द

ऋतु- वर्षा

वार-मंगलवार

तिथि (सूर्योदयकालीन)-एकादशी

नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-अनुराधा

योग (सूर्योदयकालीन)-शुक्ल

करण (सूर्योदयकालीन)-वणिज

लग्न (सूर्योदयकालीन)-कर्क

शुभ समय-10:46 से 1:55, 3:30 5:05 तक

राहुकाल- दोप. 3:00 से 4:30 बजे तक

दिशा शूल-उत्तर

योगिनी वास-आग्नेय

गुरु तारा-उदित

शुक्र तारा-उदित

चंद्र स्थिति-वृश्चिक

व्रत/मुहूर्त-देवशयनी एकादशी व्रत (सर्वे.)/ चातुर्मास प्रारंभ

यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।

आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।

आज का उपाय-विष्णु मंदिर में हलवे का भोग लगाएं।

वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

(निवेदन-उपर्युक्त विवरण पंचांग आधारित है पंचांग भेद होने पर तिथि/मुहूर्त/समय में परिवर्तन होना संभव है।)

08/02/2021

मंगलवार, फरवरी 09, 2021 का पञ्चाङ्ग, इण्डिया के लिए
13, माघ, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी, 2077 प्रमादी, विक्रम सम्वत

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय : 07:04 ए एम

सूर्यास्त : 06:07 पी एम

चन्द्रोदय : 06:05 ए एम, फरवरी 10

चन्द्रास्त : 03:39 पी एम

पञ्चाङ्ग
तिथि : त्रयोदशी - 02:05 ए एम, फरवरी 10 तक
चतुर्दशी

नक्षत्र : पूर्वाषाढा - 02:39 पी एम तक
उत्तराषाढा

योग : वज्र - 09:11 ए एम तक
सिद्धि - 07:03 ए एम, फरवरी 10 तक
व्यतीपात

करण : गर - 02:40 पी एम तक

वणिज - 02:05 ए एम, फरवरी 10 तक
विष्टि

पक्ष : कृष्ण पक्ष

वार : मंगलवार

चन्द्र मास एवं सम्वत
शक सम्वत : 1942 शर्वरी

चन्द्रमास : माघ - अमान्त
पौष - पूर्णिमान्त

विक्रम सम्वत : 2077 प्रमादी

गुजराती सम्वत : 2077 परिधावी

राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशि : धनु - 08:31 पी एम तक
मकर

नक्षत्र पद : पूर्वाषाढा - 08:48 ए एम तक
पूर्वाषाढा - 02:39 पी एम तक
उत्तराषाढा - 08:31 पी एम तक
उत्तराषाढा - 02:23 ए एम, फरवरी 10 तक
उत्तराषाढा

सूर्य राशि : मकर

सूर्य नक्षत्र : धनिष्ठा

शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त : 05:20 ए एम, फरवरी 10 से
06:12 ए एम, फरवरी 10

प्रातः सन्ध्या : 05:46 ए एम, फरवरी 10 से
07:03 ए एम, फरवरी 10

अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:58 पी एम

विजय मुहूर्त : 02:26 पी एम से 03:10 पी एम

गोधूलि मुहूर्त : 05:56 पी एम से 06:20 पी एम

सायाह्न सन्ध्या : 06:07 पी एम से 07:24 पी एम

अमृत काल : 09:59 ए एम से 11:33 ए एम

निशिता मुहूर्त : 12:09 ए एम, फरवरी 10 से
01:01 ए एम, फरवरी 10

अशुभ समय
राहुकाल : 03:21 पी एम से 04:44 पी एम

यमगण्ड : 09:50 ए एम से 11:13 ए एम

गुलिक काल : 12:35 पी एम से 01:58 पी एम

दुर्मुहूर्त : 09:17 ए एम से 10:01 ए एम
11:17 पी एम से 12:09 ए एम, फरवरी 10

वर्ज्य : 10:30 पी एम से 12:04 ए एम, फरवरी 10

भद्रा : 02:05 ए एम, फरवरी 10 से
07:03 ए एम, फरवरी 10

पञ्चक रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न
आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त

अग्नि पञ्चक - 07:04 ए एम से 07:19 ए एम
शुभ मुहूर्त - 07:19 ए एम से 08:46 ए एम
शुभ मुहूर्त - 08:46 ए एम से 10:11 ए एम
अग्नि पञ्चक - 10:11 ए एम से 11:46 ए एम
शुभ मुहूर्त - 11:46 ए एम से 01:42 पी एम
शुभ मुहूर्त - 01:42 पी एम से 02:39 पी एम
रोग पञ्चक - 02:39 पी एम से 03:56 पी एम
शुभ मुहूर्त - 03:56 पी एम से 06:17 पी एम
शुभ मुहूर्त - 06:17 पी एम से 08:34 पी एम
रोग पञ्चक - 08:34 पी एम से 10:50 पी एम
शुभ मुहूर्त - 10:50 पी एम से 01:10 ए एम, फरवरी 10
मृत्यु पञ्चक - 01:10 ए एम, फरवरी 10 से 02:05 ए एम, फरवरी 10
अग्नि पञ्चक - 02:05 ए एम, फरवरी 10 से 03:28 ए एम, फरवरी 10
शुभ मुहूर्त - 03:28 ए एम, फरवरी 10 से 05:32 ए एम, फरवरी 10
शुभ मुहूर्त - 05:32 ए एम, फरवरी 10 से 07:03 ए एम, फरवरी 10

आज के दिन के लिए उदय-लग्न मुहूर्त

मकर - 05:36 ए एम से 07:19 ए एम
कुम्भ - 07:19 ए एम से 08:46 ए एम
मीन - 08:46 ए एम से 10:11 ए एम
मेष - 10:11 ए एम से 11:46 ए एम
वृषभ - 11:46 ए एम से 01:42 पी एम
मिथुन - 01:42 पी एम से 03:56 पी एम
कर्क - 03:56 पी एम से 06:17 पी एम
सिंह - 06:17 पी एम से 08:34 पी एम
कन्या - 08:34 पी एम से 10:50 पी एम
तुला - 10:50 पी एम से 01:10 ए एम, फरवरी 10
वृश्चिक - 01:10 ए एम, फरवरी 10 से 03:28 ए एम, फरवरी 10
धनु - 03:28 ए एम, फरवरी 10 से 05:32 ए एम, फरवरी 10

NaMOPuja
30/09/2020

NaMOPuja

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है देवगुरु बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। वह ज्ञान, विधा और सौभाग्य देने वाले ग्रह हैं। साथ...
26/09/2020

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है देवगुरु बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। वह ज्ञान, विधा और सौभाग्य देने वाले ग्रह हैं। साथ ही अच्छी सेहत के लिए भी कुंडली में बृहस्पति को अच्छा माना गया है। शास्त्रों में बताया है कि अगर कुंडली में गुरु की स्थिति अनुकूल नहीं है तो मान-सम्मान, धन, वैभव और संपत्ति के अभाव का सामना करना पड़ सकता है। नवग्रहों में गुरु के रूप में मान्य बृहस्पति को शिक्षा, धन, पारिवारिक जीवन आदि समेत कई चीजों को प्रभावित करते हैं। जीवन में हर तरह के मंगल कार्य होते रहें इसके लिए कुंडली में बृहस्पति का उच्च स्थान पर होना बेहद जरूर है। वैदिक ज्योतिष में इनको अनुकूल बनाने के लिए कुछ उपाय बताए हैं। इनके करने से जीवन की सभी समस्याओं का अंत होता है और हर क्षेत्र में सफलता के योग बनते हैं और बृहस्पति शुभ फल देते हैं। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में…

25/09/2020

अधिक आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि और शनिवार का दिन है | दशमी तिथि आज शाम 7 बजे तक रहेगी | साथ ही आज पूरा दिन पार कर देर रात 12 बजकर 29 मिनट पर सूर्यदेव हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 10 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 35 मिनट तक यहीं पर रहेंगे। हस्त तेरहवां नक्षत्र है | ये नक्षत्र शुभ नक्षत्रों की श्रेणी में से एक है | इस दौरान किये गये सभी कार्यों का शुभ फल प्राप्त होता है।
हस्त नक्षत्र का अर्थ होता है- हाथ और इसी के अनुसार हस्त नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह हमारी हथेली को माना जाता है, जो कि सीधे तौर पर हमारे भाग्य को दर्शाती है | हस्त नक्षत्र हमारे भाग्य को उज्ज्वल करने वाला है | हस्त नक्षत्र को हमारे जीवन में परिश्रम करने की क्षमता, विशेषकर कि हाथ की कला से किये जाने वाले कार्यों के साथ जोड़कर देखा जाता है | दरअसल कुछ-कुछ दिनों के अंतराल पर सूर्य एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, जिसका असर हम पृथ्वी पर रहने वाले लोगों पर भी पड़ता है। जिसकी चर्चा हम आगे करेंगे।
Vastu Tips: घर पर लगी ये तस्वीरें बदल देगी आपका जीवन, कभी नहीं होगी सुख-संपत्ति की कमी
वहीं शाम 7 बजकर 26 मिनट तक रवि योग रहेगा | सूर्य के प्रभाव वाला ये योग बहुत ही प्रभावशाली है | इस योग में किये गये कार्य को कोई भी बिगाड़ नहीं सकता। बल्कि सब अच्छा ही अच्छा होता है। रवि योग व्यक्ति को अपने अंदर पॉजिटिविटी बढ़ाने में मदद करता है। इस दौरान किये गये कार्यों से सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है। इस दौरान खरीददारी करना भी बड़ा ही शुभ होता है।
सूर्यदेव के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से किस नक्षत्र या नामाक्षर वाले लोगों पर क्या असर होगा और उस स्थिति में शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये और अशुभ फलों से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।
इस वजह से अपनों के बीच रहकर भी मनुष्य हमेशा रहता है अकेला, कितनी भी कर ले कोशिश..रहता है दूर
हस्त, चित्रा और स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म हस्त, चित्रा या स्वाति नक्षत्र में हुआ हो और जिन लोगों के नाम का पहला अक्षर प, ठ, र या त हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक फायर, यानी अग्नि से संबंधित चीज़ों के साथ सावधानी पूर्वक काम करना चाहिए। साथ ही इलैक्ट्रिकल चीज़ों को भी संभलकर यूज़ करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिये 10 अक्टूबर तक के लिये ये प्लान टाल देना अच्छा होगा। साथ ही सूर्यदेव की अशुभ स्थिति से बचने के लिये और शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये अपने घर की खिड़की, दरवाजे खोलकर रखें, ताकि घर में सूर्यदेव का उचित प्रकाश बना रहे। इस प्रकार सूर्यदेव की कृपा से आपको अशुभ स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम त, य, न या भ अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक कुछ बोरिंग सा महसूस होगा। इस दौरान आपके काम कुछ धीमी गति से होंगे, जिससे आपके जीवन की गाडी कुछ थम –थमकर चलेगी। अतः इस दौरान अपने जीवन की गति को तेज करने के लिये आपको रात को सोते समय अपने सिरहाने पर पांच बादाम रखकर सोएं और अगले दिन उन बादाम को किसी मन्दिर या धर्मस्थल पर दान कर दें।

विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा या मूल नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण या धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर भ, ध, फ, ज, ख या ग हो, उन लोगों के जीवन में 10 अक्टूबर तक स्टेबिलिटी बनी रहेगी। इस दौरान आप जो भी काम करेंगे, वो लंबे समय के लिये स्टेबल होंगे, यानी स्थिर होंगे। अतः अपने काम की स्टेबिलिटी को बनाये रखने के लिये घर में पीतल के बर्तन का इस्तेमाल करें।
शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद या उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर ग, स, द या झ हो, उन लोगों को 10 अक्टूबर तक खूब सारी लक्ष्मी की प्राप्ति होगी। आपके धन संग्रह में अचानक से बढ़ोतरी हो सकती है। इस स्थिति को सुनिश्चित करने के लिये और देवी लक्ष्मी की कृपा अपने ऊपर बनाये रखने के लिय घर से बाहर निकलते समय या कोई खास काम शुरू करने से पहले थोड़ा मीठा खाकर,पानी पीएं ।
रेवती, अश्विनी, भरणी या कृतिका नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म रेवती, अश्विनी, भरणी या कृतिका नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम द, च, ल, अ, ई, उ या ए अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को अपने जीवन में 10 अक्टूबर तक अप्रतिम लाभ देखने को मिलेंगे। आपको अचानक से बहुत सारे लाभ के अवसर मिलेंगे। अतः इस स्थिति को बरकरार रखने के लिये मन्दिर में बाजरा दान करें और कुत्ते को रोटी डालें।
रोहिणी, मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म रोहिणी, मृगशिरा या आर्द्रा नक्षत्र में हुआ हो और जिनके नाम का पहला अक्षर व, क, घ या छ हो, उन लोगों के जीवन में कुछ परेशानी आ सकती है। घर के मुखिया को कुछ कष्ट उठाना पड़ सकता है। अतः 10 अक्टूबर तक इस परेशानी से बचने के लिये और अपनी बेहतरी सुनिश्चित करने के लिये किसी जरूरतमंद को भोजन खिलाएं और पक्षियों को दाना डालें।
पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा या मघा नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा या मघा नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम क, ह, ड या म अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को फाइनेंशियल लॉस का सामना करना पड़ सकता है। 10 अक्टूबर तक आपको पैसों के मामले में समझदारी से काम लेना चाहिए। साथ ही अपनी स्थिति को ठीक करने के लिये 10 अक्टूबर तक नित्य रूप से सूर्यदेव को अर्घ्य दीजिये और इस मंत्र का जाप कीजिए। ‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमः'
पूर्वाफाल्गुनी और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे लोग
जिन लोगों का जन्म पूर्वाफाल्गुनी या उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में हुआ हो और जिनका नाम म, ट या प अक्षर से शुरू होता हो, उन लोगों को आज से 10 अक्टूबर तक के बीच रोग या पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है। छोटी-छोटी चीज़ों के प्रति आपके अंदर भय की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अतः इस स्थिति से बचने के लिये और जीवन में बेहतरी लाने के लिये मन्दिर में सूखा नारियल या नारियल का तेल दान करें। साथ ही ध्यान रहे इस दौरान किसी से दान में कोई भी वस्तु न लें। अगर गलती से या मजबूरी वश लेनी पड़ जाये, तो 10 अक्टूबर तक उसका इस्तेमाल करने से बचे रहें।

Namopuja
25/09/2020

Namopuja

Address

Bangalore
560047

Opening Hours

Monday 6:30am - 11:30pm
Tuesday 6:30am - 11:30pm
Wednesday 6:30am - 11:30pm
Thursday 6:30am - 11:30pm
Friday 6:30am - 11:30pm
Saturday 6:30am - 11:30pm
Sunday 6:30am - 11:30pm

Telephone

7022847413

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when NaMo Puja posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to NaMo Puja:

Share

Category