25/03/2024
कैरियर के लिये एक पोस्ट ।
जैसे ही हम स्कूली शिक्षा प्राप्त करके कॉलेज लेवल में प्रवेश करते है छात्रों और उनके पेरेंट्स दोनों की ही करियर (career) चुनाव को लेकर चिंताए बढ़ने लगती है और ये चिंताए बढे भी क्यों न ? आखिर करियर (career) किसी की भी जिन्दगी का एक अहम पढाव होता है. एक तरफ जहा अपार करियर (career) संभावनाए मौजूद है वही दूसरी और competition भी कम नहीं है. ऐसे में यह और भी जरुरी हो जाता है की हम जिस एरिया में अपना करियर (career) बनाना चाहते है उसके बारे हर तरह से परिचित हो. किसी भी इंसान को अपने कैरियर (career) को चुनते समय कुछ जरुरी बिन्दुओ पर सोच विचार जरुर कर लेना चाहिए ताकि टाइम न बर्बाद हो और उसे जिन्दगी में अच्छे कैरियर (career) को बना सकते हैं ।
नौकरी या काम से संतुष्टि (satisfaction with job or work) – आमतोर पर इस पहलु को लोगो द्वारा अनदेखा किया जाता है की उनकी रूचि किस क्षेत्र में है और उस काम में उनकी कितनी रूचि है. अगर कैरियर (career) चुनते समय इस बात पर गोर किया जाये तो नौकरी के बाद उन्हें उस क्षेत्र में काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी.
attitude – जैसे की एक इंसान एक्टर बनना चाहता है लेकिन उसमे एक्टर के गुण नहीं है तो ऐसा नहीं है की वह इस क्षेत्र में अपना कैरियर (career) नहीं बना सकता है .बस जरुरत है की अपनी जगह बनाने के लिए निपूर्ण व्यक्ति की तुलना में कही ज्यादा मेहनत और प्रयास करने की. अच्छा यही रहता है की आप कैरियर सिलेक्शन से पहले अपनी काबिलियत और रूचि का मुलायंकन जरुर कर ले.
पसंद और नापसंद (liking and disliking)– सिर्फ यह देखकर की आपका कोई दोस्त या रिश्तेदार किसी नौकरी में बहुत ज्यादा पैसे कमा रहा है , के आधार पर अपने कैरियर (career) का चुनाव कभी कभी आपके लिए घातक साबित हो सकता है. क्योकि यहाँ इंसान की पसंद और नापसंद काफी मायने रखती है. जरुरी नहीं है की अगर एक इंसान एक फील्ड में सफल है तो आप भी हो. पसंदीता काम में हम अपना 100 फीसदी दे सकते है जो किसी भी काम के लिए जरुरी है.
अपने पेरेंट्स की रूचि का आधार पर कैरियर का चुनाव (Role of parents on career choice) – आमतोर पर यह देखा गया है की कैरियर (career) के चुनाव के दौरान पेरेंट्स और छात्र दोनों की अलग अलग राय होती है. पेरेंट्स चाहते है की उनके बच्चे उस कोर्से में जाये जिसके बाद उन्हें अच्छी नौकरी मिल सके लेकीन इस समय अगर वह अपने बच्चो की रूचि समझने में भूल कर देते है तो इसका खामियाजा आगे चल कर उठाना पढ़ सकता है. हमेशा यह जरुरी नहीं होता की बच्चे इंजिनियर, डॉक्टर, वकील बने. क्योकि इन सबके लिए वैसी काबिलियित भी होनी जरुरी है. इसलिए बच्चो की शमता और इंटरेस्ट के आधार पर सही कैरियर का चुनाव करे.
अपने दोस्तों को देखकर कैरियर का चुनाव करने से बचे (don’t choose career based on friends) – आमतोर पर देखा जाता है की लोग एक दुसरे की देखा देखी में अपने फैसले लेते है. यह कुछ समय के लिए तो सही है लेकिन आगे चल कर परेशानी का सामना करना पढ़ सकता है.
पैसे कितने मिलेंगे इसका भी ख्याल रखे (income and career) – याद रखे की आपको अपने कैरियर का चुनते समय इस बात को भी ध्यान में रखना चाहिए की आपको अपनी लाइफ भी चलानी है जिसके लिए पैसो का होना भी बहुत जरुरी है. अगर आपको जॉब में इतने पैसे मिलते है की आपकी और आपके परिवार की जरुरी आवश्यकताये भी पूरी नहीं हो पाती तो न आप ख़ुशी से नौकरी कर सकते है और न है संतुष्ट रह सकते है. इसलिए पसंद के साथ साथ प्रैक्टिकल होने भी बहुत जरुरी है.
बाकी जिन्दगी का कोई अंत नहीं है. जरुरी नहीं है की आपने जिस क्षेत्र में पढाई की है या जॉब की है आप सिर्फ उसी क्षेत्र में आगे बढ़ सकते है. आपने ऐसे बहुत से लोगो, खिलाडियों और एक्टर्स के बारे में सुना होगा जिन्होंने सोचा कुछ ओर जबकि अचानक से किया कुछ और. आगे बढ़ने के लिए l
*राजू एस. यादव*
जिला समन्वयक सम्भल
District Science Club Sambhal