19/07/2025
पत्रिका( देश विदेश)के बारे में
एक ऐसे दौर में जब छात्र नौजवान अपने को मोटिवेट,इंस्पायर करने के लिए चंद मिनटों की वीडियो का सहारा लेते हो,समस्या को सुलझाने के लिए ढोंगी पीर,फकीर,बाबाओं का कहना मान ऊल जलूल काम करते हो,अमीर बनने की फिराक में सटेलची बनने से लेकर अपराधी बनने का सफर तय करते हो,
इतिहास को समझने के लिए यूट्यूब पर बनी वीडियो देखते हो,यानी चारों तरफ जब इंसान को अक्ल का अंधा बनाने की हररोज नई नई प्रक्रिया इज़ात की जा रही हो उस दौर में #देश–विदेश का 48वा अंक हमारे हाथों में है,
आप और हम लोगों के लिए पत्रिका पढ़नी इसलिए और महत्वपूर्ण हो जाती है कि पत्रिका बताती है कि ऊपर लिखी बात की जड़े कहां है,ये पैदा कैसे होती है,
पत्रिका बताती है,
क्यों आज के दौर में शिक्षा की हालत इतनी खस्ता है,
हमारे हक की कमाई,हमारे हिस्से का रोजगार,हमारे हिस्से का घर मकान, ईलाज,शिक्षा,बेहतर पर्यावरण,पौष्टिक खाना आदि कौन छीन रहा है,
पत्रिका बताती है किस तरह तमाम राजनीतिक पार्टियों ने हमको छला है,
बदले में हमको दिया है युद्ध,
पत्रिका बताती है कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में आम इंसान को किस तरह प्रभावित करती है,
देश के साथ साथ विदेश में बैठे चंद भेड़ियों का आम इंसान किस तरह शिकार बनता है,
पत्रिका अनियतकालीन है,पाठकों के आर्थिक सहयोग से लगभग 3 महीने में निकलती रहती है,
सहयोग राशि 30 रुपए है,
पत्रिका के कामकाज(अवैतनिक) में लगे तमाम साथियों का शुक्रिया अदा करता हूँ,
क्योंकि आपके बलबूते पर ही इतना शानदार कंटेंट हम लोगो तक पहुंच पाता है