28/06/2026
ये शब्द आज की कड़वी सच्चाई हैं। जब हम समाज में भ्रष्ट, धोखेबाज़ और गद्दार लोगों को चुनते हैं, तो हम सिर्फ शिकायत करने वाले पीड़ित नहीं रहते, बल्कि हम अनजाने में उनके अपराधों में सहभागी बन जाते हैं।
सत्ता का चुनाव सिर्फ एक वोट नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी नैतिक जिम्मेदारी है। अगर समाज को बदलना है, तो पहले हमें अपनी पसंद और नजरिए को बदलना होगा। चुप्पी साधना भी इस तंत्र का समर्थन करना ही है। जागृत नागरिक बनें, सवाल पूछें और अपने वोट की ताकत को समझें। लोकतंत्र की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।
#पॉलिटिक्स #राजनीति