Jan Awaaz - Pradeep Yadav

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सॉफ्टवेयर इंजीनियर, नोएडा | आज़मगढ़ की मिट्टी का बेटा।तकनीक और आधुनिक शिक्षा के माध्यम से अपने क्षेत्र के हर हाथ को हुनरमंद और हर युवा को आत्मनिर्भर बनाने का एक छोटा सा संकल्प।

राजनीतिक पार्टियां जनता की नहीं, वोट की होती हैं।चुनाव के समय “प्रिय जनता”, चुनाव के बाद “कौन जनता?” 🤡आम इंसान किसी नेता...
12/05/2026

राजनीतिक पार्टियां जनता की नहीं, वोट की होती हैं।
चुनाव के समय “प्रिय जनता”, चुनाव के बाद “कौन जनता?” 🤡

आम इंसान किसी नेता से मिलने की कोशिश करे तो गेट के बाहर ही रोक दिया जाता है, क्योंकि नेताओं को सिर्फ वही लोग दिखते हैं जिनके हाथ में पैसा, पहचान या power हो।
बाकी आम आदमी सिर्फ भीड़ है… पोस्टर लगाने, ताली बजाने और वोट देने के लिए।

Akhilesh Yadav हो, Dimple Yadav हो, Dharmendra Yadav हो, Arvind Kejriwal हो, Raghav Chadha हो, Sanjay Singh हो, Rahul Gandhi हो, MYogiAdityanath हों या कोई और… मेल करो, गुहार लगाओ, कोई सुनवाई नहीं।
क्योंकि लोकतंत्र में अब जनता मालिक नहीं, सिर्फ डेटा और वोट बैंक बनकर रह गई है।

साथियों,आजकल आज़मगढ़ के हर घर में एक नया 'सॉफ्टवेयर' इंस्टॉल किया गया है—  #स्मार्ट_इलेक्ट्रिक_मीटर! लेकिन एक सॉफ्टवेयर इं...
11/05/2026

साथियों,

आजकल आज़मगढ़ के हर घर में एक नया 'सॉफ्टवेयर' इंस्टॉल किया गया है— #स्मार्ट_इलेक्ट्रिक_मीटर! लेकिन एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के नाते जब मैं इसकी कार्यप्रणाली (Logic) देखता हूँ, तो हैरान रह जाता हूँ।

विड़म्बना देखिये:
घर का पंखा बंद है, कूलर बंद है, यहाँ तक कि सारा लोड ऑफ है, फिर भी मीटर की रफ़्तार किसी 'सुपर कंप्यूटर' से भी तेज़ है। जिसके घर में सिर्फ एक बल्ब जलता था, आज उसके यहाँ हज़ारों का बिल आ रहा है। यह बिजली का बिल नहीं, बल्कि आम जनता की जेब पर मारा गया एक #डिजिटल_डाका है।

माननीय नेताओं:
अजीब बात है! हमारे नेताजी विकास की बड़ी-बड़ी रैलियाँ कर रहे हैं, लेकिन क्या उनकी नज़र इन भागते हुए मीटरों पर नहीं पड़ रही?
❓ क्या विधायक जी को नहीं पता कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता का खून चूसा जा रहा है?
❓ क्या सांसद जी ने कभी सदन में इस #अनलिमिटेड_बिल_जनरेशन वाले बग (Bug) पर आवाज़ उठाई?

शायद नहीं! क्योंकि उनका और उनके खास लोगों का बिल तो 'सिस्टम' मैनेज कर लेता है, लेकिन मरता तो वो गरीब है जिसे रात भर इस डर में नींद नहीं आती कि सुबह मीटर कितना 'अपडेट' हो गया होगा।

मेरा सुझाव:साहब, अगर बिजली विभाग का सॉफ्टवेयर खराब है, तो उसे 'रीसेट' (Reset) कीजिये, जनता का भरोसा 'फॉर्मेट' (Format) मत कीजिये। हमें स्मार्ट मीटर नहीं, #ईमानदार_मीटर चाहिए।

भाइयों, जब तक हम एकजुट होकर इस 'तकनीकी लूट' के खिलाफ हिसाब नहीं मांगेंगे, ये मीटर आपकी गाढ़ी कमाई को ऐसे ही 'डाउनलोड' करते रहेंगे।

क्या आपके घर का बिल भी इस महीने 'स्मार्टली' बढ़कर आया है? कमेंट में अपना दर्द साझा करें! ✊⚡

आपका भाई,
प्रदीप यादव
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav

#बदलेगा_सिस्टम_और_हम_मिलकर_बदलेंगे

भविष्य 'भीड़' का हिस्सा बनने में नहीं, भविष्य 'बनाने' में है! 💻✊अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं— 'प्रदीप, अच्छी-खासी नौकरी और य...
26/04/2026

भविष्य 'भीड़' का हिस्सा बनने में नहीं, भविष्य 'बनाने' में है! 💻✊

अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं— 'प्रदीप, अच्छी-खासी नौकरी और यह लैपटॉप छोड़कर तुम गाँव की धूल और राजनीति के कीचड़ में क्यों आना चाहते हो?

मेरा जवाब सीधा है: अगर हम जैसे पढ़े-लिखे लोग 'राजनीति गंदी है' कहकर दूर बैठ गए, तो फिर हमें कोई हक़ नहीं कि हम #बेरोज़गारी, #भ्रष्टाचार और #पिछड़ेपन पर शिकायत करें।

सच्चाई यह है:
✅ जो उंगलियाँ कीबोर्ड पर दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए काम कर सकती हैं, वही उंगलियाँ अपने समाज की समस्याओं का समाधान भी निकाल सकती हैं।
✅ आज हमें ऐसे नेतृत्व की ज़रूरत है जो #डेटा समझे, जो #भविष्य_की_तकनीक समझे और जो युवाओं के #पलायन का दर्द समझकर उसका हल निकाले।

मेरा लैपटॉप मेरा हथियार है और मेरा ज्ञान मेरा हौसला। मैं यहाँ किसी को 'जिंदाबाद' करने नहीं आया हूँ, बल्कि आज़मगढ़ के युवाओं को यह बताने आया हूँ कि अब वक्त झंडा उठाने का नहीं, अपनी काबिलियत से सिस्टम को सही करने का है।

राजनीति ताक़त दिखाने का जरिया नहीं, बल्कि सेवा करने का सबसे बड़ा मंच होना चाहिए। और यह तभी होगा जब हम जैसे युवा इसे अपनी ज़िम्मेदारी समझेंगे।

क्या आप मेरे इस मिशन में साथ हैं? अपनी राय ज़रूर दें।

#बदलेगा_सिस्टम_और_हम_मिलकर_बदलेंगे! 🤝🔥

जय हिन्द - जय आजमगढ़ !

आपका भाई,
प्रदीप यादव - Pradeep Yadav
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav


क्या भारत का भविष्य 'अंगूठे' के नीचे ही दबा रहेगा? 🏛️⚖️देश के मेरे शिक्षित युवा साथियों,इस तस्वीर को सिर्फ गौर से मत देख...
20/04/2026

क्या भारत का भविष्य 'अंगूठे' के नीचे ही दबा रहेगा? 🏛️⚖️

देश के मेरे शिक्षित युवा साथियों,

इस तस्वीर को सिर्फ गौर से मत देखिये, इसके पीछे छिपे लोकतंत्र के सबसे बड़े 'Bug' को समझिये। आज भारत की विडंबना यह है कि:
✅ चपरासी बनने के लिए #ग्रेजुएट होना ज़रूरी है।
✅ क्लर्क बनने के लिए #प्रोफेशनल_डिग्री माँगी जाती है।
✅ यहाँ तक कि एक बनने के लिए देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करनी पड़ती है।

#लेकिन... जो व्यक्ति इन सबके ऊपर बैठकर देश का भविष्य 'कोड' (Code) करता है, जो करोड़ों युवाओं की तकदीर का फैसला लेता है, उसके लिए #अंगूठा_छाप होना भी काफी है?

ैसी_इंजीनियरिंग_है?
जब हम बीमार होते हैं, तो सबसे पढ़ा-लिखा 'डॉक्टर' ढूंढते हैं। जब घर बनवाना हो, तो 'आर्किटेक्ट' ढूंढते हैं। लेकिन जब देश का भविष्य संवारना हो, तो हम #बाहुबल और #अयोग्यता के आगे क्यों झुक जाते हैं?

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के नाते मैं पूछता हूँ— अगर मोबाइल का प्रोसेसर (Processor) पुराना हो, तो क्या उसमें नया ऐप चलेगा? कभी नहीं! वैसे ही, अगर नेतृत्व 'अनपढ़ और आउटडेटेड' होगा, तो वो , #डिजिटल_इकोनॉमी और #ग्लोबल_स्किल्स जैसे आधुनिक सपनों को क्या खाक समझेगा?

मजबूरी देखिये:
आज देश का सबसे मेधावी युवा (IAS/CA) उन लोगों के आगे फाइलें लेकर खड़ा है, जिन्हें शायद फाइलों का मतलब भी नहीं पता। यह किसी एक नेता का अपमान नहीं, बल्कि भारत की #योग्यता (Merit) का अपमान है।

#मेरा_संदेश_पूरे_भारत_के_युवाओं_को:
राजनीति #कीचड़ नहीं है, इसे जानबूझकर गंदा रखा गया है ताकि आप और हम जैसे पढ़े-लिखे लोग दूर रहें और ये #अयोग्य लोग हम पर राज करते रहें। अब बहुत हो गया! अब झंडा उठाने का नहीं, 'कलम और कोड' की ताक़त से सत्ता के इस पुराने सॉफ्टवेयर को करने का समय आ गया है।

अगर हम आज नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमसे पूछेंगी— 'जब अयोग्यता कुर्सी पर थी, तब योग्यता कहाँ खामोश खड़ी थी?'

उठो! जागो! और अपनी काबिलियत को पहचानो। अब देश 'डर' से नहीं, 'दिमाग' से चलेगा। ✊🔥

आपका भाई,
प्रदीप यादव
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav

20/04/2026

'नारी शक्ति' या राजनीति का 'नया पैंतरा'? 🏛️⚖️

साथियों,

आज पूरे देश में महिला आरक्षण (Women's Reservation) को लेकर एक नया और बड़ा विवाद छिड़ गया है। 17 अप्रैल को लोक सभा में संविधान (131वाँ संशोधन) बिल, 2026 गिर गया। यह बिल 33% आरक्षण को 2029 से लागू करने के लिए लाया गया था, लेकिन इसे ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत (352 वोट) नहीं मिल सका। पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े।

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के नाते, मैंने इस 'सिस्टम' को बारीकी से समझा है। विवाद की असली जड़ यहाँ है:

1. आरक्षण + परिसीमन (The Delimitation Link): सरकार ने आरक्षण को 'परिसीमन' (Delimitation) से जोड़ दिया है। यानी जब तक लोक सभा की सीटें (543 से बढ़ाकर लगभग 850) नहीं बढ़ेंगी, तब तक महिलाओं को 33% हिस्सा नहीं मिलेगा। विपक्ष का आरोप है कि यह महिलाओं को हक देने के बहाने 'इलेक्टोरल मैप' बदलने की कोशिश है।

2. उत्तर बनाम दक्षिण (North vs South): दक्षिण भारतीय राज्यों का डर है कि जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ने से उत्तर भारत (UP, बिहार) का दबदबा बढ़ जाएगा और दक्षिण की राजनीतिक ताक़त कम हो जाएगी।

3. OBC कोटा का सवाल: विपक्ष की मांग है कि इस 33% के अंदर OBC महिलाओं के लिए अलग से 'कोटा' क्यों नहीं है? बिना इसके यह अधूरा है।

4. देरी की कोडिंग: विपक्ष का कहना है कि जब 2023 में बिल पास हो गया था, तो उसे 'अभी' लागू करने के बजाय 2029 या 2034 तक क्यों लटकाया जा रहा है?

मेरा विज़न:
एक तरफ सरकार इसे 'नारी शक्ति' की जीत बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे 'संवैधानिक धोखाधड़ी' कह रहा है। लेकिन इस बीच 'COLLATERAL DAMAGE' (नुकसान) किसका हो रहा है? हमारी माताओं और बहनों का, जिन्हें दशकों से सिर्फ 'कल' का इंतज़ार कराया जा रहा है।

भाइयों, हमें 'जुमलों' का नहीं, 'इरादों' का पक्का नेतृत्व चाहिए। अगर नीयत साफ़ हो, तो आरक्षण देने के लिए किसी लंबी 'डिलीवरी डेट' की ज़रूरत नहीं होती।

क्या आपको लगता है कि महिला आरक्षण को परिसीमन (Delimitation) से अलग करके तुरंत लागू किया जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में ज़रूर दें! 🔄✊

आपका भाई,
प्रदीप यादव
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav

19/04/2026

अजीब तमाशा है इस लोकतंत्र का...
डिग्री वाले 'नौकरी' की लाइन में खड़े हैं,
और अनपढ़ हमारा 'भविष्य' लिखने की तैयारी में हैं।
अब कलम उठानी होगी, वरना ये कागज़ पर अंगूठा लगवा लेंगे! - Jan Awaaz - Pradeep Yadav

अगर आज आप खामोश रहे, तो आपका भविष्य कोई  #अनपढ़ नेता तय करेगा! 🤫📉एक बात आज गांठ बांध लो— राजनीति में हिस्सा न लेने का सबस...
15/04/2026

अगर आज आप खामोश रहे, तो आपका भविष्य कोई #अनपढ़ नेता तय करेगा! 🤫📉

एक बात आज गांठ बांध लो— राजनीति में हिस्सा न लेने का सबसे बड़ा दंड यह है कि आप पर आपसे कम बुद्धिमान और अनपढ़ लोग राज करने लगते हैं।

अगर आज आप अपने हक के लिए नहीं बोले, अगर आज आपने अपनी आवाज़ बुलंद नहीं की, तो याद रखना... आपका और आपके बच्चों का भविष्य वो लोग 'डिसाइड' (Decide) करेंगे जिन्हें खुद 'भविष्य' शब्द का मतलब नहीं पता।

विड़म्बना देखिये:
✅ नौकरी के लिए हमें 'डिग्री' और 'एग्जाम' देना पड़ता है।
✅ कंपनी चलाने के लिए 'एक्सपीरियंस' चाहिए होता है।
❌ लेकिन हमारा भविष्य तय करने के लिए किसी 'योग्यता' की शर्त नहीं है?

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के नाते मैं आपसे कहता हूँ— अगर सिस्टम में 'बग' (Bug) है, तो उसे ठीक करने के लिए आपको कोड में उतरना ही होगा। बाहर बैठकर शिकायत करने से सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होता।

अगर हम आज भी #जाति_और_झंडे के पीछे भागते रहे, तो कल फिर हमें उन्हीं 'अनपढ़' ठेकेदारों के आगे हाथ जोड़ना पड़ेगा। क्या आप चाहते हैं कि आपका आने वाला कल भी वैसा ही हो जैसा आज है?

उठो! सवाल पूछो!
क्योंकि अगर राजा सो जाता है, तो सेवक लुटेरा बन जाता है। आज़मगढ़ को अब 'बाहुबल' नहीं, 'पढ़ा-लिखा नेतृत्व' चाहिए।

क्या आप अपने हक के लिए खड़े होने को तैयार हैं? कमेंट में अपनी ताकत दिखाएं! ✊💻"

आपका भाई,
प्रदीप यादव
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav

 #बाबासाहेब ने  #कलम दी थी, पर कुछ  #नेताओं ने युवाओं को फिर  #झंडा थमा दिया!आज  #बाबासाहेब की जयंती पर हर नेता माला पहन...
14/04/2026

#बाबासाहेब ने #कलम दी थी, पर कुछ #नेताओं ने युवाओं को फिर #झंडा थमा दिया!

आज #बाबासाहेब की जयंती पर हर नेता माला पहनाएगा, बड़े-बड़े भाषण देगा। लेकिन विडंबना देखिये... जिस महापुरुष ने अपनी पूरी ज़िंदगी #किताबों_और_पढ़ाई को दी, उनके नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं ने आज़मगढ़ के युवाओं के हाथ से 'किताब' छीनकर उन्हें अपनी रैलियों की 'भीड़' बना दिया।

बाबासाहेब चाहते थे कि दलित, पिछड़ा और वंचित वर्ग का युवा #शिक्षित बने और शासन करे। पर आज के नेता चाहते हैं कि युवा सिर्फ उनकी जाति के नाम पर 'जिंदाबाद' करे।

असली श्रद्धांजलि तब होगी जब हम जाति के नाम पर नहीं, बल्कि #योग्यता_और_विकास के नाम पर खड़े होंगे। आइए, #बाबासाहेब के सपनों का आधुनिक और शिक्षित भारत बनाएं।

आपका भाई,
(प्रदीप यादव)
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav

बाबासाहेब—भारत के वो महान 'आर्किटेक्ट' जिन्होंने समानता का कोड (Code of Equality) लिखा!आज उस महापुरुष का जन्मदिन है जिन्...
14/04/2026

बाबासाहेब—भारत के वो महान 'आर्किटेक्ट' जिन्होंने समानता का कोड (Code of Equality) लिखा!

आज उस महापुरुष का जन्मदिन है जिन्होंने सदियों से 'हैंग' हुए भारतीय समाज को एक ऐसा #संविधान रूपी सॉफ्टवेयर दिया, जिससे हर दबे-कुचले व्यक्ति को बराबरी का एक्सेस (Access) मिला।

बाबासाहेब ने कहा था— #शिक्षा_वो_शेरनी_का_दूध_है_जो_पिएगा_वो_दहाड़ेगा।'एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर मैं महसूस करता हूँ कि आज हमें उनके उसी 'बुद्धिबल' की ज़रूरत है। उन्होंने हमें अधिकार दिए, अब हमारा फर्ज़ है कि हम तकनीक और शिक्षा के ज़रिए खुद को और अपने समाज को इतना मज़बूत बनाएं कि किसी 'बाहुबल' की ज़रूरत न पड़े।

संविधान निर्माता, भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। 🙏

आपका भाई,
प्रदीप यादव
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav

13/04/2026

लोकतंत्र का सबसे बड़ा 'बग' (Bug): जनता राजा या सेवक? 🏛️🤔

साथियों,

आज की राजनीति को देखकर एक बहुत बड़ी विडंबना महसूस होती है। हमारे समाज में एक अजीब सा पैमाना बन गया है— जिस नेता का काफिला जितना बड़ा होता है, जिसकी गाड़ियों की कतार जितनी लंबी होती है, लोग उसे उतना ही बड़ा नेता मानने लगते हैं। हद तो तब हो जाती है जब लोग 'बाहुबल', 'भ्रष्टाचार' और 'मुकदमों' की गिनती को नेता की ताक़त समझने लगते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह चमक-धमक कहाँ से आती है?

वो जो लंबी गाड़ियाँ आपके धूल उड़ाते हुए निकल जाती हैं, उनका एक-एक टायर और उनमें जलने वाला एक-एक बूँद तेल आपके और हमारे पसीने की कमाई से आता है। वो पैसा जो आपके बच्चों के स्कूल, आपके गाँव के अस्पताल और बेहतर सड़कों के लिए होना चाहिए था, वो आज नेताओं के 'दिखावे' और 'रौब' में खर्च हो रहा है।

लोकतंत्र की परिभाषा ही उल्टी कर दी गई है!
1. किताबों में लिखा है— 'जनता राजा है और नेता सेवक।'
2. मगर हकीकत में— 'नेता राजा बन बैठा है और जनता सेवक की तरह हाथ जोड़कर खड़ी है।'

एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के नाते मैं जानता हूँ कि बिना 'Audit' (हिसाब-किताब) के कोई भी सिस्टम फेल हो जाता है। अगर आप किसी कंपनी को चलाने के लिए पैसा देते हैं, तो आपको हक़ होता है कि आप एक-एक पैसे का 'बैलेंस शीट' देखें। तो फिर अपने टैक्स के पैसे का हिसाब मांगने में हम पीछे क्यों हैं?

मेरा विज़न साफ़ है— 'पारदर्शी आज़मगढ़'
जनता (राजा) को यह पूरा हक़ है कि वह देख सके:
✅ सरकार से कितना पैसा आया?
✅ वो पैसा कहाँ और किस काम में खर्च हुआ?
✅ काम की क्वालिटी क्या है और उसमें कितना कमीशन खाया गया?

हमें ऐसा डिजिटल सिस्टम चाहिए जहाँ एक क्लिक पर जनता अपने क्षेत्र के विकास का कच्चा-चिट्ठा देख सके। जब तक हम नेताओं को 'राजा' मानकर उनके पीछे भागेंगे, वो हमें लूटते रहेंगे। जिस दिन हम उनसे ैसे_का_हिसाब मांगना शुरू कर देंगे, उस दिन बाहुबल खत्म होगा और 'सेवा' शुरू होगी।

भाइयों, सेवक को उसकी सही जगह याद दिलाने का वक्त आ गया है। हमें रौब दिखाने वाला 'मालिक' नहीं, हिसाब देने वाला 'ईमानदार प्रतिनिधि' चाहिए।

क्या आप मेरे इस 'Transparency Mission' के साथ हैं? कमेंट में अपनी राय दें और इस आवाज़ को बुलंद करें! 🔄✊

आपका भाई,
प्रदीप यादव
सॉफ्टवेयर इंजीनियर | Jan Awaaz - Pradeep Yadav

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