Kunwar Rishabh singh

Kunwar Rishabh singh King of Baudra State

राजा साहब स्मृति स्वागत द्वार निर्माण के संबंध में...आज 1857 क्रांतिकारी अमर शहीद राजा जयलाल सिंह, राजा बेनी माधव सिंह क...
25/10/2025

राजा साहब स्मृति स्वागत द्वार निर्माण के संबंध में...

आज 1857 क्रांतिकारी अमर शहीद राजा जयलाल सिंह, राजा बेनी माधव सिंह की जन्म भूमि बौडरा स्टेट के द्वार पर "अमर शहीद राजा जयलाल सिंह एवं राजा बेनी माधव सिंह स्मृति द्वार" निर्माण के लिए आदरणीय Omprakash Rajbhar जी (कैबिनेट मंत्री-उत्तर प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय अध्यक्ष Suheldev Bhartiya Samaj Party) से मांग किया गया।
यह पहल हमारे परिवार व क्षेत्रवासियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक, गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्य होगा।🙏🙏

1857 के क्रांतिकारी अमर शहीद राजा जयलाल सिंह (बेगम हजरत महल के सेनापति), राजा बेनी माधव सिंह पिता राजा दर्शन सिंह (गालिब जंग) राजघराने से 6वी० पीढी..
कुंवर ऋषभ सिंह
बौडरा रियासत (स्टेट)
अतरौलिया आजमगढ़ (उ०प्र०)

आज आदरणीय श्री धीरेन्द्र सिंह सचान जी (विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ) से शिष्टाचार भेंट, आशीर्वाद और नई ऊर्जा व प्र...
15/10/2025

आज आदरणीय श्री धीरेन्द्र सिंह सचान जी (विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ) से शिष्टाचार भेंट, आशीर्वाद और नई ऊर्जा व प्ररेणा प्राप्त हुआ।
आप ने बहुमूल्य समय प्रदान किया, हृदयतल से आभार भाईया जी। 🙏‌🙏✨

⚔️ 1857 क्रांति की अमर गौरव गाथा ⚔️                   ⚔️⚔️  राजा बेनी माधव सिंह  ⚔️⚔️         अग्रेजों के खिलाफ, 1857 के...
10/10/2025

⚔️ 1857 क्रांति की अमर गौरव गाथा ⚔️
⚔️⚔️ राजा बेनी माधव सिंह ⚔️⚔️

अग्रेजों के खिलाफ, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता सग्रांम आदोंलन के जन नायक सेनानी वीर योध्दा रण बाकुंर बौडरा रियासत (स्टेट) अतरौलिया जिला आजमगढ़ के कुल भूषण #राजा_बेनी_माधव_सिंह (10 अक्टूबर 1874) 1857 की क्रांति मे आजमगढ़ से ब्रिटानिया हुकूमत को ईट से ईट बजाने वाले वीर योध्दा के 151वी० पुण्यतिथि पर शत् शत् प्रणाम 🙏💐🇮🇳

#स्वर्णिम_इतिहास_के_कुछ_पृष्ठ...
आजादी के दीवाने वीर सपूत देश को स्वतंत्र करने के लिए लड़ते रहे। आजादी की लडा़ई मे अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया जमीन नीलाम हो गयीं, किलो को अग्रेजों ने रौद डाला लेकिन इन वीर सपूतों के चेहरे पर शिकन तक नहीं आयी। आजीवन देश के लिए लड़ते रहे।
एक भाई को अग्रेजों ने खुलेआम इमली के पेड़ पर फांसी दे दिया तो दूसरा भाई 16 वर्ष तक फरार रहते हुए देश की आजादी के लिए संघर्ष करता रहा मगर अफसोस, कि परिवार का इतिहास के पन्नों मे दफन होकर रह गया।

1771 से 1801 तक आजमगढ़ अवध के नवाब के शासन मे था 10 नवंबर 1801 आजमगढ़ कम्पनी शासन के अधीन चला गया। 1857 मे नवाब वाजिद अली शाह की गिरफ्तारी के बाद सूबे मे क्रांति की आग भड़की जिसका सीधा प्रभाव आजमगढ़ पर पड़ा क्योंकि तत्कालीन अवध राज्य की सत्ता की बागडोर जिन तीन व्यक्तियो के हाथ मे थी वे आजमगढ़ के ही थी।
इसमें राजा जयलाल सिंह अवध के समाहर्ता कलेक्टर थे इनके मझले भाई राजा बेनी माधव सिंह पूर्वी इलाके के सूबेदार तथा अवध सेना के सिपहसालार-ए-आजम थे जबकि इनके सबसे छोटे भाई फतेह बहादुर सिंह नसरते जंग अवध सेना के कमाण्डर थे।
अतरौलिया बाजार के पूरब राजा बेनी माधव सिंह का किला, फैजाबाद जिले की सीमा से कुछ दूर पर मऊ शिवाला व कोयलसा आजमगढ़ का किला, केशवपुर का पुराना पुल, मंदुरी का बाग, राजा साहब का बाग, बौडरा का अस्त्र शस्त्र का किला जहाँ राजा साहब का शास्त्रागार हुआ करता था उनकी शौर्य गाथा बयां करता हैं। अतरौलिया मे हाथी घोड़ो और सशस्त्र सौनिकों से अलंकृत राजा बेनी माधव सिंह का कोर्ट था जहाँ उनकी कचहरी लगती थी कोर्ट के चारों ओर खाईयां थी इस कोर्ट का पक्का पोखरा (पूरब पोखरा) और राजा साहब की कुल देवी सम्मो माता का शिवालय (मंदिर) उनके वैभव के प्रतीक स्वरूप आज भी विधमान हैं मौजूदा समय अतरौलिया का थाना भवन जिस भूमि पर हैं वहां राजा बेनी माधव सौनिक व घोड़े हाथी रहते थे जिसे अग्रेजों ने तोप से उड़ा दिया था।

#परिचय....
बौड़रा लछिरामपुर के कुर्मी परिवार के गरीबदास के पुत्र राजा दर्शन सिंह तत्समय बहादुरी, वफादारी और व्यक्तित्व मे समाहित गुण के नाते ओहदो मे तरक्की करते करते सिपहसालार-ए-आजम (कमाण्डर-इन-चीफ) बन गये थे। गालिब-जगं के खिताब से नवाजा गया था। लखनऊ, फैजाबाद, आजमगढ़ मे उन्हें जागीर दी गई थी।
4 जुलाई 1857 को 11 वर्षीय पुत्र विरजिस कदर के गद्दी बैठने के पश्चात लार्ड डलहौजी ने अवध को अग्रेजी साम्राज्य मे समाहित कर लिया। देश प्रेम के जज्बो से लबरेज राजा दर्शन सिंह के पुत्रगण राजा जयलाल सिंह अवध समाहर्ता क्लेक्टर, मझले भाई राजा बेनी माधव सिंह पूर्वी इलाके के सूबेदार व अवध सेना सिपहसालार-ए-आजम, छोटे भाई राजा फतेह बहादुर सिंह नसरते जगं अवध सेना कमाण्डर जिन्होंने अग्रेजों की अधीनता स्वीकार नहीं किया। राजा बेनी माधव सिंह अवध से भारी संख्या मे तोपें बन्दूक व आग्नेयास्त्र गुप्त रूप से ले आये और बौडरा के घने जगलों मे जहाँ उनकी कुटी थी छिपा दिया सशस्त्र सौनिक रहते थे।
राजा बेनी माधव को अग्रेजो का बढता प्रभाव व साम्राज्य उध्देलित करता रहता था। 1857 मे नाना साहब अजीमुल्लाह, अवध की बेगम हजरत महल, झांसी की रानी, बिहार के कुँवर सिंह से होते रहे सम्पर्क बाद अग्रेजों को देश से खदेड़ने का विस्तृत योजना बनीं।
भाई राजा जयलाल सिंह व राजा फतेह बहादुर सिंह, अहीरीपुर ग्राम निवासी तोपची मघई यादव, अतरौलिया के बलवन्त सिंह 49 कोस रहने वाली पालीवाल बिरादरी के लोगों मे से मुख्यतः मर्दन सिंह, भोला सिंह, तिघरा के ताल्लुकेदार पृथ्वी पाल सिंह, ग्राम भीमलपुर निवासी सेनापति ठाकुर हरिनाम सिंह व स्थानीय व निकटवर्ती क्षेत्रों के हजारों सौनिकों के साथ राजा बेनी माधव सिंह ने अग्रेजों से अनेक लड़ाइया लडीं।
अतरौलिया, भोराजपुर की बाग, कोयलसा का वह मैदान जहाँ मौजूदा समय डिग्री कालेज, इण्टर कालेज व जवाहर मैदान है मदुंरी की बाग मे हुए अग्रेजों का आक्रमण विफल कर राजा बेनी माधव सिंह ने अग्रेजों को गाजीपुर की सीमा तक खदेड़ा था। अग्रेजों ने तत्कालीन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट वेनवुत्स के निर्देशन मे बड़ी सेना गुप चुप तरीक़े से भेज कर मदुंरी बाग मे राजा बेनी माधव सिंह की सो रही सेना पर जोरदार हमला कर बड़ा कत्लेआम किया था। राजा साहब का कोर्ट तोप से ध्वस्त किया गया। सारे परिवार को अग्रेजों ने बागी करार दिया 14 मई 1857 को उनकी सारी सम्पत्ति ब्रिटिश सरकार ने जप्त कर ली थी।
अग्रेजों की बड़ी सेना से चारो तरफ से घिरे राजा बेनी माधव सिंह, राजा फतेह बहादुर सिंह, पृथ्वी पाल सिंह व विश्वस्त सौनिक के साथ केशवपुर पुल तोड़ते हुए लखनऊ पहुंचे वहाँ भाई राजा जयलाल सिंह के साथ अग्रेजों से कई लड़ाइया लड़ी। इस क्रम फतेह बहादुर सिंह शहीद हो गये, राजा जयलाल सिंह बन्दी बना लिए गये। पहली अक्टूबर 1859 को राजा जयलाल सिंह को उनके महल परिसर के समाने इमली के पेड़ पर लटाकाकर फांसी दे दी गई।
राजा बेनी माधव सिंह ने अवध की बेगम साहिब, नाना साहब व विश्वस्त सैनिकों के साथ शंकरगढ़ पर चढाई कर दी पर कम सेना के कारण परास्त हो गये। तब राजा बेनी माधव सिंह, राजा जयलाल सिंह आदेशानुसार बेगम हजरत महल पुत्र विरजिस कदर लेकर सुरक्षित नेपाल चले गये। इसी बीच अग्रेजों ने अतरौलिया पर चार बार हमला बोलकर खूब लूट पाट की। लगभग 16 वर्ष तक फरार रहते हुए देश की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए अपनी जन्मभूमि बौडरा लौटे किसी समय जहाँ उनका शस्त्रागार हुआ करता था और फिर 52 गांव खरीदकर, 52 गांव के जमींदार बने। भारत के वीर सुपुत्र राजा बेनी माधव सिंह, बौडरा जन्मभूमि पर 10 अक्टूबर 1874 को उनका स्वर्गवास हो गया।

#हमारा_प्रयास....
हमारा प्रयास है कि कुर्मी समाज के गौरव शाली इन पुरखों की कुरबानियों की कीर्ति पूरे देश मे बिखरे, राजा बेनी माधव सिंह, अमर शहीद राजा जयलाल सिंह की जन्मभूमि अतरौलिया-आजमगढ़़ में उनके नाम से भव्य स्मारक व अदमकद प्रतिमा स्थापित, राजा साहब का गृह जनपद मे निर्माणाधीन आजमगढ़ एअरपोर्ट का नाम अमर शहीद राजा जयलाल सिंह रखा जाये और पाठ्य पुस्तकों व साहित्य पुस्तकों में बलिदान की चर्चा हो। और भारत सरकार, आयोग गठित करके राजा बेनी माधव सिंह के साथ शहीद हुए हजारों हजार सैनिकों के वंशजों का पता लगायें। उन्हीं यथोचित सम्मान मिले, सड़कों व योजनाओं का नाम इनके नाम पर हो ताकि मौजूदा व भावी पीढी इनके बारे मे जाने सके और प्रेरणा ले सके।

"आओ सर्व प्रथम हम उनको श्रद्धा के सुमन चढाये ! वह शाक्ति हमें दो भारत माँ हम उन जैसा कुछ कर पायें"

1857 के क्रांतिकारी अमर शहीद राजा जयलाल सिंह (बेगम हजरत महल के सेनापति), राजा बेनी माधव सिंह पिता राजा दर्शन सिंह (गालिब जंग) राजघराने से 6वी० पीढी..
कुंवर ऋषभ सिंह
बौडरा रियासत (स्टेट)
(प्रदेश युवा सहायक मंत्री, कू.क्ष.स. लखनऊ)
अतरौलिया आजमगढ़ (उ०प्र०)
राजा दर्शन सिंह, अमर शहीद राजा जयलाल सिंह, राजा बेनी माधव सिंह, राजा फतेह बहादुर सिंह अमर रहें !!
Narendra Modi
Amit Shah
MYogiAdityanath
Anupriya Patel अनुप्रिया पटेल
Brajesh Pathak
Keshav Prasad Maurya
Rakesh Sachan
Ashish Patel
Swatantra Dev Singh
Government of UP

⚔️ अमर शहीद राजा जयलाल सिंह शहादत दिवस पर भव्य समारोह सम्पन्न  ⚔️01 अक्टूबर 2025: कूर्मि क्षत्रिय सभा, लखनऊ (राष्ट्रीय क...
02/10/2025

⚔️ अमर शहीद राजा जयलाल सिंह शहादत दिवस पर भव्य समारोह सम्पन्न ⚔️

01 अक्टूबर 2025: कूर्मि क्षत्रिय सभा, लखनऊ (राष्ट्रीय कार्यक्षेत्र) की ओर से 1857 की क्रांति में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योध्दा अमर शहीद राजा जयलाल सिंह की 168वी0 शहादत दिवस बड़े ही गरिमामयी वातावरण में अमर शहीद राजा जयलाल सिंह पार्क, हजरतगंज लखनऊ में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद गणेश सिंह जी (सतना, मध्य प्रदेश) ने अपने उद्बोधन में कहा कि “बलिदानी राष्ट्रभक्तों की कोई जाति नहीं होती।” उन्होंने राजा जयलाल सिंह को महान बलिदानी बताते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व और योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि राजा जयलाल सिंह ने नेपाल सरकार की मदद से महारानी बेगम हजरत महल और नवाब बिरजिस कदर की प्राण रक्षा कराई थी।

विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान ने राजा जयलाल सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की और कार्यक्रम में उपस्थित फिल्म निर्देशक हरीश वर्मा से राजा के जीवन चरित्र पर वृत्तचित्र फिल्म बनाने का आग्रह किया।
समारोह में आईपीएस विक्रांत वीर, आईपीएस मयंक चौधरी, वरिष्ठ जेल अधीक्षक बी.आर. वर्मा, चौधरी सेवा राम सिंह, स्वतंत्रता सेनानी के उत्तराधिकारी कृष्णकांत कटियार और क्रांति कुमार कटियार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुंबई से पधारे वी.के. वर्मा, गुलाब चंद्र, रवि भूषण, राधेश्याम पटेल एवं पुष्पलता वर्मा ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए शहीद को श्रद्धांजलि दी।

सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी.एम. कटियार जी ने राजा जयलाल सिंह के जीवन वृतांत पर प्रकाश डालते हुए समाज को एकता और अखण्डता एक सूत्र में बांधने बात की।
इस अवसर पर राजा साहब की जन्म भूमि बौडरा स्टेट, अतरौलिया जिला आजमगढ़ से 35 से ज्यादा लोग राजा साहब की स्मृति समारोह में सम्मिलित हुए, मैं आप सभी क्षेत्रवासियों और समाज बंधुओ का आभार व्यक्त करता हूंँ।🙏🙏

और साथ ही समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न क्षेत्रों के अतिथिगण और कुर्मि क्षत्रिय सभा, लखनऊ पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई।

1857 के क्रांतिकारी अमर शहीद राजा जयलाल सिंह (बेगम हजरत महल के सेनापति), राजा बेनी माधव सिंह पिता राजा दर्शन सिंह (गालिब जंग) राजघराने से 6वी० पीढी..
बड़े भाई, कुंवर भूपेंद्र सिंह
कुंवर ऋषभ सिंह
बौडरा रियासत (स्टेट)
(प्रदेश युवा सहायक मंत्री, कू.क्ष.स. लखनऊ)
अतरौलिया आजमगढ़ (उ०प्र०)

⚔️⚔️1857 क्रांति के अमर नायक अमर शहीद राजा जयलाल सिंह का शहीद दिवस⚔️⚔️         अग्रेजों के खिलाफ,1857 के प्रथम स्वतंत्रत...
01/10/2025

⚔️⚔️1857 क्रांति के अमर नायक अमर शहीद राजा जयलाल सिंह का शहीद दिवस⚔️⚔️

अग्रेजों के खिलाफ,1857 के प्रथम स्वतंत्रता सग्रांम आदोंलन के जन नायक सेनानी वीर योध्दा रण बाकुंर अवध (लखनऊ) से ब्रिटानिया हूकूमत को ईट से ईट बजाने वाले बौडरा रियासत (स्टेट), अतरौलिया जिला आजमगढ़ के कुलभूषण अमर शहीद राजा जयलाल सिंह (31 मई 1803 - 01 अक्टूबर 1859) 1857 की क्रांति मे अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योध्दा के 168वी० शहादत दिवस पर शत-शत प्रणाम..🙏💐🇮🇳
आज के दिन राजा साहब को स्मरण किया जायें ऐसे विस्मृत भारत माँ के सपूतों का नाम जन-जन तक पहुचायें जिससे हमारी भावी पीढी राजा जैसे शूरवीर बलिदानी व्यक्तियो से आत्म गौरव एवं देश भक्ति की प्रेरणा ले सकें।

"क्रांतिकारी जयलाल तुम्हारा शत्- वन्दन करते है। निज श्रद्धा के पुष्प चढाकर अभिनन्दन हम करते है। तुम भारत माँ के मस्तक हो, तुम रण मे अरि के नाशक हो,
अतरौलिया के लाल, तुम्हारा आज नमन् हम करते हैं।। अवध तुम्हारा ऋणी रहेगा तुमको कभी नही भूलेगा। अठारहसौसन्तावन के वीर, तुम्हें आचमन हम करते हैं"

अमर शहीद राजा जयलाल सिंह, राजा बेनी माधव सिंह के पिता राजा दर्शन सिंह (गालिब जंग) के राजघराने की 6वी० पीढी
कुंवर ऋषभ सिंह
बौडरा रियासत (स्टेट)
अतरौलिया आजमगढ़ (उ०प्र०) अमर शहीद राजा जयलाल सिंह अमर रहें !!
MYogiAdityanath
Brajesh Pathak
Anupriya Patel अनुप्रिया पटेल
Keshav Prasad Maurya
Ashish Patel
Swatantra Dev Singh
Rakesh Sachan
Government of UP

लखनऊ चलो!!🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पधारकर शोभा बढ़ाए...
30/09/2025

लखनऊ चलो!!

🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पधारकर शोभा बढ़ाएँ और देश व समाज को अनुग्रहीत करें। 🌹

दिनांक: 1 अक्टूबर 2025 (बुधवार)
समयः सायं 4 बजे
📍स्थानः अमर शहीद राजा जयलाल सिंह पार्क, हजरतगंज, लखनऊ

➡️विषयः
1️⃣श्रद्धांजलि अर्पण एवं शहीद राजा का संस्मरण
2️⃣समाज का आर्थिक व सामाजिक विकास पर चिंतन
3️⃣प्रजातांत्रिक सिस्टम में समाज की सहभागिता पर विचार

आज़ादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूत अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी की स्मृति समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। 🙏🙏

🌺 आपका सादर स्वागत है 🌺

आयोजक : कुर्मी क्षत्रिय सभा, लखनऊ

⚔️ अमर शहीद राजा जयलाल सिंह का इतिहास ⚔️ ⚔️⚔️ युवा तुर्क, हिंदी मासिक राष्ट्रीय पत्रिका  ⚔️⚔️1857 की क्रांति में अपने प्...
30/09/2025

⚔️ अमर शहीद राजा जयलाल सिंह का इतिहास ⚔️
⚔️⚔️ युवा तुर्क, हिंदी मासिक राष्ट्रीय पत्रिका ⚔️⚔️

1857 की क्रांति में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योध्दा अमर शहीद राजा जयलाल सिंह स्वर्णिम इतिहास को युवा तुर्क, हिंदी मासिक राष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित करने के लिए सहृदय धन्यवाद। 🙏🙏

अमर शहीद राजा जयलाल सिंह अमर रहें ।।

लखनऊ चलो!!             लखनऊ चलो!!             🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आय...
29/09/2025

लखनऊ चलो!! लखनऊ चलो!!

🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पधारकर शोभा बढ़ाएँ और देश व समाज को अनुग्रहीत करें। 🌹

दिनांक: 1 अक्टूबर 2025 (बुधवार)
समयः सायं 4 बजे
📍स्थानः अमर शहीद राजा जयलाल सिंह पार्क, हजरतगंज, लखनऊ

➡️विषयः
1️⃣श्रद्धांजलि अर्पण एवं शहीद राजा का संस्मरण
2️⃣समाज का आर्थिक व सामाजिक विकास पर चिंतन
3️⃣प्रजातांत्रिक सिस्टम में समाज की सहभागिता पर विचार

आज़ादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूत अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी की स्मृति समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। 🙏🙏

🌺 आपका सादर स्वागत है 🌺

आयोजक : कुर्मी क्षत्रिय सभा, लखनऊ

लखनऊ चलो!!             🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पधार...
26/09/2025

लखनऊ चलो!!

🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पधारकर शोभा बढ़ाएँ और देश व समाज को अनुग्रहीत करें। 🌹

दिनांक: 1 अक्टूबर 2025 (बुधवार)
समयः सायं 4 बजे
📍स्थानः अमर शहीद राजा जयलाल सिंह पार्क, हजरतगंज, लखनऊ

➡️विषयः
1️⃣श्रद्धांजलि अर्पण एवं शहीद राजा का संस्मरण
2️⃣समाज का आर्थिक व सामाजिक विकास पर चिंतन
3️⃣प्रजातांत्रिक सिस्टम में समाज की सहभागिता पर विचार

आज़ादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूत अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी की स्मृति समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। 🙏🙏

🌺 आपका सादर स्वागत है 🌺

आयोजक : कुर्मी क्षत्रिय सभा, लखनऊ

🌸 सादर आमंत्रण 🌸🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पधारकर शोभा...
24/09/2025

🌸 सादर आमंत्रण 🌸

🌹 आपसे विनम्र निवेदन है कि अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी के शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पधारकर शोभा बढ़ाएँ और देश व समाज को अनुग्रहीत करें। 🌹

➡️विषयः
1️⃣श्रद्धांजलि अर्पण एवं शहीद राजा का संस्मरण
2️⃣समाज का आर्थिक व सामाजिक विकास पर चिंतन
3️⃣प्रजातांत्रिक सिस्टम में समाज की सहभागिता पर विचार

आज़ादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर सपूत अमर शहीद राजा जयलाल सिंह जी की स्मृति समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। 🙏🙏

🌺 आपका सादर स्वागत है 🌺

आयोजक : कुर्मी क्षत्रिय सभा, लखनऊ

आज अमर शहीद राजा जयलाल सिंह 100 शैय्यायुक्त संयुक्त जिला चिकित्सालय अतरौलिया आजमगढ़ (उ.प्र.) में नये मुख्य चिकित्सा अधीक...
23/09/2025

आज अमर शहीद राजा जयलाल सिंह 100 शैय्यायुक्त संयुक्त जिला चिकित्सालय अतरौलिया आजमगढ़ (उ.प्र.) में नये मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के रूप में डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा जी (17-09-2025) ने कार्यभार ग्रहण किया।

इस शुभ अवसर पर 1857 के क्रांतिकारी की जन्म भूमि पर राजा साहब के वंशज राजा राजेंद्र प्रताप सिंह जी (पिता श्री) डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिन्हा जी (C.M.S.) से शिष्टाचार भेंट की और अमर शहीद राजा जयलाल सिंह की प्रतिमा देकर स्वागत किया गया और राजा साहब का स्मृति समारोह 01अक्टूबर, लखनऊ के लिए सादर आमंत्रण किया गया।
और साथ में बड़े भाई कुंवर भूपेंद्र सिंह, बृजेश भाई पटेल एवं चिकित्सालय के कार्यरत प्रशासनिक पदाधिकारी लोग उपस्थित रहें।
मुख्य चिकित्साधीक्षक जी द्वारा बताया गया कि चिकित्सालय आने वाले समय में मरीजों के लिए बेहतर सुविधा व गुणवत्ता पूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जायेगा और चिकित्सालय चुस्त-दुरुस्त एवं व्यवास्थित ढंग संचालित किया जायेगा।

"बस सामना करते जाओ रास्ते बनते जायेंगे"

अमर शहीद राजा जयलाल सिंह अमर रहें!!

1857 के क्रांतिकारी अमर शहीद राजा जयलाल सिंह (बेगम हजरत महल के सेनापति), राजा बेनी माधव सिंह पिता राजा दर्शन सिंह (गालिब जंग) राजघराने से 6वी० पीढी..
कुंवर ऋषभ सिंह
बौडरा रियासत (स्टेट)
अतरौलिया आजमगढ़ (उ०प्र०)

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