23/02/2026
औरंगाबाद (बिहार) — पूरी जानकारी
लोकेशन और परिचय
Aurangabad district भारत के बिहार राज्य के 38 जिलों में से एक है। यह मगध डिवीजन का हिस्सा है और इसका मुख्यालय औरंगाबाद शहर है। जिला राष्ट्रीय राजमार्गों (जैसे NH-19) पर स्थित है, जो इसे पटना और अन्य बड़े शहरों से जोड़ता है। जिला बोध गया से लगभग 70 किमी पश्चिम और पटना से लगभग 140 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
🗺️ भूगोल (Geography)
क्षेत्रफल: लगभग 3,389 वर्ग किलोमीटर।
स्थान: जलोढ़ मैदान पर स्थित है, जहाँ कई नदियाँ बहती हैं जैसे आद्री, पुनपुन, औरंगा, बटाणे, मोहर और मदर।
Son नदी जिला के पश्चिम में है और कृषि तथा सिंचाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जिला के कुल प्रखण्ड – 11, ग्राम – 1884, थाना – 32, कुल जनसंख्या लगभग 25.11 लाख के करीब है।
📜 इतिहास (History)
प्राचीन काल में यह मगध साम्राज्य का हिस्सा था, जहाँ बिम्बिसार, अजातशत्रु, चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक जैसे शासकों का शासन रहा।
यह क्षेत्र बाद में मुगल, अफगान और फिर ब्रिटिश शासन के अधीन रहा।
19 जनवरी 1973 को औपचारिक रूप से औरंगाबाद जिला के रूप में स्थापित हुआ।
🌾 अर्थव्यवस्था (Economy)
औरंगाबाद की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है।
प्रमुख फसलें: चावल, गेहूँ, दालें, सरसों आदि।
उद्योग: बिजली उत्पादन (जैसे NTPC नबीनगर), सीमेंट (श्री सीमेंट), तथा कुछ छोटे उद्योग जैसे कारपेट, कंबल, पीतल के सामान आदि।
यह जिला भारत सरकार द्वारा पिछड़े इलाकों में से एक माना गया है और Backward Regions Grant Fund Programme के तहत सहायता प्राप्त करता है।
👥 भाषा और संस्कृति
यहाँ के लोग मुख्यतः मगही और हिंदी बोलते हैं।
प्रमुख त्योहार:
छठ पूजा, होली, दीपावली आदि बड़े उत्साह से मनाए जाते हैं, जो सांस्कृतिक एकता को दर्शाते हैं।
🏛️ पर्यटन और प्रमुख स्थल (Tourism & Attractions)
औरंगाबाद जिले में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हैं:
देव (Deo) – प्रसिद्ध सन टेम्पल/दियो सूर्य मंदिर और ब्रह्म कुंड।
उमगा (Umga Sun Temple) – उमगा सुर्य मंदिर, छठ पूजा के लिए प्रसिद्ध स्थान।
अमझार शरीफ (Amjhar Sharif) – इस्लामी तीर्थ स्थल।
पिरू, सिरिस, पावई आदि पर्यटन स्थल
🚆 यातायात (Transport)
रेलवे: मुख्य रेलवे स्टेशन Anugraha Narayan Road रेलवे स्टेशन है, जिसका कोड AUBR है और यह गया-पी. डीनदयाल उपाध्याय जंक्शन सेक्शन पर आता है।
सड़क मार्ग: राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग पूरे जिले में उपलब्ध हैं, जिससे क्षेत्र अन्य भागों से जुड़ा हुआ है।
🏫 शिक्षा और विकास
– औरंगाबाद में कृषि महाविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थानों की स्थापना भी योजनाबद्ध रूप से की जा रही है। इसका उद्देश्य कृषि शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
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