12/05/2026
NEET 2026… परीक्षा नहीं, खुलेआम सौदा है।
NEET अब मेहनत से नहीं, पैसों से पास होने का रास्ता बन चुका है।
42 घंटे पहले सवाल WhatsApp पर बिक रहे थे… सोचिए, जो बच्चा साल भर रात-रात भर जागकर पढ़ता रहा, उसकी मेहनत की कीमत क्या निकली? एक PDF, एक डील, एक सौदा… और सपनों की नीलामी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की आँखों की नींद छीनी गई… लेकिन सिस्टम को फर्क नहीं पड़ा।
10 साल में 89 पेपर लीक… 48 बार दोबारा परीक्षा… और हर बार वही स्क्रिप्ट—“जांच होगी”, “दोषियों को सज़ा मिलेगी”… फिर फाइल बंद, मामला खत्म।
Narendra Modi जी, देश को विश्वगुरु बनाने की बात होती है… लेकिन यहाँ बच्चों का भविष्य ही नीलाम हो रहा है।
जब हर नाकामी का ठीकरा जनता पर फोड़ा जाता है, तो क्या इन 22 लाख युवाओं का टूटा हुआ भरोसा भी उसी ठीकरा का हिस्सा है?
सवाल सीधा है—
क्या इस देश में अब मेहनत करने वाले बच्चे बेवकूफ हैं?
क्या सिस्टम ने तय कर लिया है कि ईमानदार छात्र सिर्फ़ हारने के लिए पैदा होते हैं?
यह सिर्फ़ पेपर लीक नहीं है… यह भरोसे का कत्ल है।
यह सिर्फ़ परीक्षा में धांधली नहीं… यह पूरे भविष्य की हत्या है।
लेकिन याद रखिए—
युवा चुप है, खत्म नहीं हुआ है।
जिस दिन यह 22 लाख बच्चे सवाल पूछने लगेंगे, उस दिन जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
मैं भारत के हर उस छात्र के साथ हूँ, जिसकी मेहनत को इस सिस्टम ने कुचला है।
यह लड़ाई सिर्फ़ परीक्षा की नहीं… न्याय की है।
और यह व्यवस्था अब ज़्यादा दिन नहीं चलेगी।