07/02/2026
पिज्जा खाने के बाद बिगड़ी शिक्षक पुत्र की तबीयत, इलाज के दौरान मौत
भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहिया नगर ब्लाक रोड में गुरुवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई। पिज्जा खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से एक शिक्षक के नाबालिग पुत्र की मौत हो गई। इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
दसवीं का छात्र था मृतक
मृतक की पहचान बिहिया नगर ब्लाक रोड निवासी सरकारी शिक्षक विनय कुमार केसरी के 15 वर्षीय पुत्र बलवीर विनय के रूप में हुई है। बलवीर दसवीं कक्षा का छात्र था और इसी वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की बोर्ड परीक्षा देने वाला था। होनहार छात्र की अचानक मौत से न केवल परिवार, बल्कि मोहल्ले के लोग भी स्तब्ध हैं।
रात में बिगड़ी तबीयत, सुबह हालत गंभीर
स्वजनों के अनुसार गुरुवार को विनय कुमार केसरी किसी रिश्तेदारी में बक्सर गए हुए थे और देर रात करीब दस बजे घर लौटे थे। इसके कुछ घंटे बाद शुक्रवार की अहले सुबह करीब चार बजे बलवीर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे बार-बार दस्त होने लगे और वह गिर पड़ा। दादी ने जब यह हालत देखी तो तुरंत पिता को इसकी जानकारी दी।
पीएचसी से सदर अस्पताल तक दौड़
आनन-फानन में बलवीर को बिहिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद स्वजन उसे आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फूड प्वाइजनिंग की आशंका
चिकित्सकीय दृष्टिकोण से अचानक दस्त, उल्टी और तबीयत बिगड़ने के पीछे फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
मृतक के पिता ने बताया कि गुरुवार की रात बलवीर ने अपने एक दोस्त के घर के पास स्थित दुकान से पिज्जा खाया था। पिज्जा खाने के बाद ही उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी थी।
परिवार में मातम, उठ रहे सवाल
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि खुले में बिकने वाले फास्ट फूड बच्चों के लिए कितने खतरनाक साबित हो रहे हैं। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग भी उठ रही है।
फास्ट फूड से बढ़ रहा गंभीर बीमारियों का खतरा, सावधानी जरूरी
फास्ट फूड खाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके दुष्परिणाम भी उतने ही खतरनाक साबित हो रहे हैं। खुले में तैयार किए गए पिज्जा, बर्गर, चाउमीन और अन्य फास्ट फूड में खराब तेल, बासी सामग्री और दूषित पानी का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे फूड प्वाइजनिंग, पेट संक्रमण, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि लगातार फास्ट फूड खाने से बच्चों और युवाओं में मोटापा, लीवर की बीमारी और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए घर का ताजा और स्वच्छ भोजन ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।