17/12/2025
भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ शामिल हैं, जिनमें हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है, जबकि अन्य भाषाओं की अपनी लिपियाँ हैं (जैसे असमिया के लिए असमी, बांग्ला के लिए बंगाली, तमिल के लिए तमिल, तेलुगु के लिए तेलुगु, कन्नड़ के लिए कन्नड़, मलयालम के लिए मलयालम, पंजाबी के लिए गुरमुखी, उर्दू के लिए फारसी-अरबी, आदि), हालांकि कुछ भाषाएँ (जैसे मराठी, कोंकणी, नेपाली, बोडो, डोगरी, संथाली) भी देवनागरी में लिखी जा सकती हैं, पर उनकी अपनी भी लिपियाँ हैं.
आठवीं अनुसूची की भाषाएँ (22 भाषाएँ):
असमिया (Assamese) - असमी लिपि
बांग्ला (Bengali) - बंगाली लिपि
बोड़ो (Bodo) - बोड़ो/असमिया/देवनागरी
डोगरी (Dogri) - डोगरी/देवनागरी
गुजराती (Gujarati) - गुजराती लिपि
हिंदी (Hindi) - देवनागरी लिपि
कन्नड़ (Kannada) - कन्नड़ लिपि
कश्मीरी (Kashmiri) - शारीदा/देवनागरी/फारसी
कोंकणी (Konkani) - देवनागरी/कन्नड़/मलयालम/रोमन
मैथिली (Maithili) - मैथिली/देवनागरी
मलयालम (Malayalam) - मलयालम लिपि
मणिपुरी (Manipuri/Meitei) - मणिपुरी लिपि
मराठी (Marathi) - देवनागरी
नेपाली (Nepali) - नेपाली/देवनागरी
उड़िया (Odia) - उड़िया लिपि
पंजाबी (Punjabi) - गुरमुखी/शाहमुखी
संस्कृत (Sanskrit) - देवनागरी
संथाली (Santhali) - ओलचिकी/देवनागरी
सिंधी (Sindhi) - अरबी-फारसी/देवनागरी
तमिल (Tamil) - तमिल लिपि
तेलुगु (Telugu) - तेलुगु लिपि
उर्दू (Urdu) - अरबी-फारसी
मुख्य बिंदु:
संविधान की आठवीं अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है.
इनमें से हिंदी की लिपि देवनागरी है, जैसा कि अनुच्छेद 343(1) में उल्लेख है.
अन्य भाषाओं की अपनी विशिष्ट लिपियाँ हैं, लेकिन कुछ भाषाओं (जैसे बोड़ो, डोगरी, मैथिली, संथाली, मराठी, कोंकणी, नेपाली, सिंधी) को देवनागरी लिपि में भी लिखा जा सकता है.
भोजपुरी का तो अपनी लिपि कैथी है तो फिर आठवीं अनुसूची मे शामिल क्यो नहीं