24/03/2022
बात सिर्फ आपकी सुविधा की नही बात धरती माँ की भी, एक बार पुनः विचार करे।
1. पेपर:- सामान्य गणना के लिए पेंसिल। का प्रयोग करें ताकि पुनः वह पेपर प्रयोग में लाया जा सके।
2. पैकिंग के लिए, पेपर रैप ,पत्ते,और दूर दराज के लिए ही ऐसे कार्डबोर्ड का प्रयोग करें।
3. संतरे का छिलका :- इसे सुखाकर प्रयोग में लाये, गर्म पानी मे पेय की तरह चाय, ग्रीन टी के स्थान पर, शारिरिक सौंदर्य के लिए प्रयोग में लाये
4. च्विंगम:- प्रकृति को नुकसान पहुँचता है, चिड़िया खाना समझ कर खाती है, और मृत्यु के शिकंजे में आजाती है, फ्रेशनेस के लिए, सौंप, पान, और ऐसे कई प्रकृति उत्पाद है, जो आपके लिए स्वास्थ्यवर्द्धक भी है
5. प्लास्टिक रैपर्स:- इस भ्रम से बाहर आये की ये रिसायकल होती है, दूसरा ये खाने में माइक्रो प्लास्टिक ऐड करती है, मतलब इनमें बंद खाने के साथ हम प्लास्टिक भी खाते हैं, और तो और जंग फ़ूड किसी भी रूप में आहार नही है, ये आपको नुकसान ही पहुँचते है।
6. सिगरेट:- यह स्वस्थ के लिए कितना हानिकारक है सभी जानते हैं, डिब्बे पर मौत लिखी होती है, और यदि फिर भी जहर खाना पीना है( प्रार्थना है न खाए), तो प्रकृति में विकल्प है, तेंदू पत्ता से बनी बीड़ी, तम्बाकू, गांजा, नुकसान और नशा, दोनों इनसे भी मिल जाएगा, प्रकृति तो सुरक्षित रहेगी।
7. प्लास्टिक बैग:- यदि मार्किट निकल रहे हैं तो ध्यान से रखें एक थैला, एक कपड़े की थैली हमेशा अपने गाड़ी में रखे एक दो भूलने से भी यह उपलब्ध रहेंगे।
8. वेट वाइप्स:- इनकी आवश्यकता है ही नही, विकल्प, आप घर पर फेसपैक बना कर लगा सकते हैं, बाहर है रोज़ वाटर स्प्रे रखे, स्प्रे करे चेहरे पर, कॉटन कपड़े से वाइप करे, बेटर रिजल्ट मिलेगा।
9. कोक कैन बोत्तल:- पी कर फेकना है, तो वही बैठ कर पी ले, ग्लास बोटल मंगवाए, प्रकृति को इससे ज्यादा नुकसान नही होता
10. डाइपर:- इसके विकलप में कॉटन का कपड़ा प्रयोग में लाये, 7 परत करके, बार बार बदलना आपके लिए सायद प्रॉब्लम लाता है, पर बच्चे के लिए अच्छा है, बाहर जाने या यात्रा पर यदि आवश्यकता लगे तो ही मात्र उपयोग में लाये, ताकि इसका प्रयोग तो कम हो सके।
11. फिशिंग लाइन:- प्रकृति उत्पाद चुने मांसाहार का त्याग करें, प्रकृति ने बहुत ही स्वादिष्ट चीजे दी है, बिना प्राकृतिक प्रदत्त चीज़ों के ये मांस भी खाने योग्य नही होती,
तेल, मसाला, नमक, लहसुन मिर्च प्याज, सब प्रकृत्ति है, इनके स्वाद को ही आप एन्जॉय करते हैं, न कि मांस के। इसलिए एक बार पुनः विचार करें।
12. प्लास्टिक बोतल:- प्लास्टिक बॉटल में पानी गर्म होते या ज्यादा देर तक होने से उसमे माइक्रो प्लास्टिक एड होने लगती है, नुकसान से बचे, स्टील, तांबे, बांस से बने बोतल का विकल्प चुने, घर से हमेशा पानी लेकर निकले।
यदि इन छोटे प्रयास जो इतने कठिन नही, का चुनाव हम करें तो माँ धरती की सेवा में बहुत बड़ा योगदान होगा , आपको सुलभता देने वाली ये वस्तुएं, प्रकृति को इनका पाचन करने में कितना कष्ट सहना पड़ता है और इसके प्रभाव से आप भी अछूते नही रहते।
मंजुला सिंह
धन्यवाद।
पर्यावरण संरक्षक पर्यावरण शिक्षा एवं संरक्षण समिति Additional district magistrate vimlesh singh Akhil Bharatiya Gond Samaj Jamshedpur