भाजपा हराओ लोकतंत्र बचाओ Defeat BJP Save Democracy

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रेड स्टार हिंदी (कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों का मंच)खण्ड: 24, अंक: 1, जनवरी 2023वर्ष 2023 के आगमन पर आरएसएस नव-फासी वाद को...
08/01/2023

रेड स्टार हिंदी (कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों का मंच)
खण्ड: 24, अंक: 1, जनवरी 2023

वर्ष 2023 के आगमन पर आरएसएस नव-फासी वाद को परास्त करने के लिये अपने प्रयासों में तेजी लायें
आरएसएस मनुवादी हिन्दुत्व के खिलाफ अभियान

पार्टी दस्तावेज: राजनीतिक प्रस्ताव

- एलिजाबेथ युग: ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा विनाश गाथा
- जातिसूचक पदनाम/टाइटल त्यागना एक शुरुआत है
- ईरान में महसा अमीनी की शहादत
- आर्थिक आधार पर आरक्षण के निहितार्थ
- छत्तीसगढ़ डायरी

बहस: हमारे मतभेद

पीडीएफ के लिए लिंक पर जाएं: shorturl.at/eCLZ8

प्रेस विज्ञप्तिबलिया के सुल्तानपुर में आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस और बाबरी मस्जिद विध्वंस पर "आरएसएस का हिंदुराष्ट्र और डॉक...
06/12/2022

प्रेस विज्ञप्ति
बलिया के सुल्तानपुर में आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस और बाबरी मस्जिद विध्वंस पर "आरएसएस का हिंदुराष्ट्र और डॉक्टर आंबेडकर का सपना" विषय पर संगोष्ठी संपन्न
6 से 25 दिसंबर तक आरएसएस के वैचारिक आधार मनुवादी हिंदुत्व के खिलाफ जाति उन्मूलन आंदोलन और क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच के साझा अभियान का आगाज़

आज ६ दिसंबर को जाति उन्मूलन आंदोलन और क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच द्वारा आरएसएस के वैचारिक आधार मनुवादी हिंदुत्व के खिलाफ अभियान की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बलिया के सुल्तानपुर में "आरएसएस का हिंदुराष्ट्र और बाबासाहेब आंबेडकर का सपना" विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी की अध्यक्षता अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन की राज्य संयोजिका कॉमरेड अंजू ने किया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच(कसम) के महासचिव और जाति उन्मूलन आंदोलन के केंद्रीय कमिटी सदस्य कॉमरेड तुहिन थे।संचालन युवा नेता कॉमरेड कन्हैया ने किया।वक्ताओं में कॉमरेड श्री राम चौधरी(सम्मानित अध्यक्ष अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा व केंद्रीय कमिटी सदस्य,भाकपा माले लिबरेशन,कॉमरेड मुनि सिंह(अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष), कॉमरेड श्री राम भारती ( भाकपा मनियर ब्लॉक सचिव), कॉमरेड श्री राम नारायण(जिला सचिव खेत मजदूर यूनियन),साथी गणेश तथा पत्रकार अमरनाथ यादव शामिल थे।कॉमरेड सुरेंद्र राम ने जन गीत प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की शुरुआत में डॉक्टर आंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए क्षेत्र के दिवंगत कम्युनिस्ट नेता कॉमरेड एस पी सुल्तानपुरी का भी स्मरण किया गया। कार्यक्रम में मनियर व सुल्तानपुर के जनवादी कार्यकर्ता,दलित/शोषित व महिला संगठनों के साथी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
वक्ताओं ने कहा कि 2014 के मध्य में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से, दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा फासीवादी संगठन आरएसएस , भारत को एक हिंदूराष्ट्र के रूप में बदलने की दिशा में सुनियोजित ताबड़तोड़ आक्रमण में लगा हुआ है। आरएसएस का वैचारिक आधार मनुस्मृति है जिसके अनुसार दलितों/उत्पीड़ितों और महिलाओं दोनों को इंसान नहीं समझा जाता।इसके अलावा इसके तथाकथित हिंदुराष्ट्र में आरएसएस , मुसलमानों को नागरिकता और मानवाधिकारों से वंचित करती है। विशेष रूप से, मोदी के दूसरे कार्यकाल के तहत 2019 के बाद से, भारत "मोदीनॉमिक्स" का एक क्रूर स्वरूप भी देख रहा है, जो आज क्रोनी कैपिटलिज्म का भारतीय संस्करण है और अखिल भारतीय स्तर पर पूर्ण रूप से कॉर्पोरेट-भगवा फासीवाद का बहु-आयामी संस्करण है।
आज भगवा नव-फासीवाद के तहत देश का समूचा सामाजिक ताना-बाना,अत्यधिक विभाजनकारी नीतियों और साम्प्रदायिक उकसावे के जरिए भयावह विघटन का सामना कर रहा है.
इस तथाकथित हिंदुराष्ट्र में लोगों के बीच आपसी द्वेष,नफरत और विभाजन पैदा किया जाता है जिससे दलितों और अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना पैदा हो। राज्य सत्ता के समर्थन से, आरएसएस ने भारत में सभी संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थानों के भगवाकरण के अलावा सामाजिक जीवन के हर पहलू को अपने जाल में फंसाने में सफलता हासिल की है। 2019 के मध्य से, यानी मोदी के नेतृत्व में, हिंदुत्व आक्रमण को एक अतिरिक्त गति मिली।
दूसरी बार सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर, मोदी ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के साथ शुरू होने वाली फासीवादी चालों की एक श्रृंखला शुरू की, जिससे संविधान को मानने की शपथ लेने के बावजूद धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करते हुए, मोदी ने स्वयं बाबरी मस्जिद के स्थान पर राम मंदिर निर्माण की नींव रखी, जिसके बाद सीएए/एन आर सी के जरिए
मुसलमानों के खिलाफ नागरिकता के अधिकार के मुद्दे पर भेदभाव करना और उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की ओर अग्रसर है। अगला कदम NEP 2020 के माध्यम से शिक्षा का भगवाकरण और कॉरपोरेटीकरण राज्यों पर हिंदी और संस्कृत को थोपना और भारत के इतिहास व संस्कृति को साम्प्रदायिक तथा विकृत बनाना था। बेशक, उनका एजेंडा बहुराष्ट्रीय, बहुभाषी, बहुसांस्कृतिक, बहु-जातीय और बहु-धार्मिक भारत को कॉरपोरेट के प्रभुत्व वाले एक बहुसंख्यक हिंदुराष्ट्र में बदलना है।
अब इस भगवा आक्रमण की श्रृंखला में नवीनतम चोट, समान नागरिक संहिता और आर्थिक आधार पर आरक्षण हैं। जाहिर है, डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तुत किए गए संवैधानिक रूप से अनिवार्य जाति-आधारित आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक जीवन के सार्वजनिक क्षेत्रों में उच्च जातियों के हमले से उत्पीड़ित जातियों की रक्षा करना था। हालांकि, आर्थिक आरक्षण को शामिल करके
103वां संवैधानिक संशोधन, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में समर्थन दिया है, मोदी शासन ने जाति-आधारित आरक्षण को कमजोर कर दिया है, जिसका उद्देश्य ब्राह्मणवादी ऊंची जातियों द्वारा अछूत और उत्पीड़ित जातियों के खिलाफ किए गए ऐतिहासिक अन्याय को सुधारना था।

इसी संदर्भ में जाति उन्मूलन आंदोलन के साथ समान विचार वाले संगठनों ने 6 दिसंबर से 25 दिसंबर तक तीखे होते आरएसएस नवफासीवाद के खिलाफ देशव्यापी राजनीतिक अभियान शुरू करने का फैसला किया है. जाहिर है, दिसंबर 6, भगवा गुंडों द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस के साथ-साथ भारतीय संविधान के निर्माता अम्बेडकर की पुण्यतिथि का प्रतीक है, जबकि 25 दिसंबर वह दिन है जब अम्बेडकर ने आरएसएस फासीवाद के वैचारिक आधार मनुस्मृति को जलाया था। मुस्लिम-विरोधी, दलित-विरोधी,किसान,मजदूर,आम मेहनतकश जनता और पितृसत्तात्मक घोर महिला विरोधी संघी मनुवादी फासीवाद के खिलाफ हम मेहनतकश वर्ग, देशभक्त,जनवादी,धर्मनिरपेक्ष ,प्रगतिशील अवाम और तमाम उत्पीड़ितों से अपील करते हैं कि आरएसएस के वैचारिक आधार मनुवादी हिंदुत्व के खिलाफ इस महत्वपूर्ण राजनैतिक अभियान को एक बड़े पैमाने पर सफल बनाएं।

कन्हैया,अंजू,राजाराम
जाति उन्मूलन आंदोलन,क्रांतिकारी सांस्कृतिक मंच,अखिल भारतीय क्रांतिकारी महिला संगठन,क्रांतिकारी नौजवान भारत सभा की ओर से
६ दिसंबर २०२२

12/04/2022

According to a newspaper, this time the RSS is going to do a big program to connect the Dalits. According to this, for the first time on Ambedkar Jayanti,

प्रेस विज्ञप्तिलखनऊ 28 फरवरी 2022।27 फरवरी को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की शहादत दिवस को लखनऊ के जन आंदोलन से जुड़े साथियों...
28/02/2022

प्रेस विज्ञप्ति

लखनऊ 28 फरवरी 2022।

27 फरवरी को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की शहादत दिवस को लखनऊ के जन आंदोलन से जुड़े साथियों ने हज़रतगंज स्थित कॉमरेड सी बी सिंह स्मृति हॉल में मनाया।वक्तागणों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद के व्यक्तित्व के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला कि वे जातिवाद, धार्मिक कट्टरता, क्षेत्रीयता से नफ़रत करते थे।उन्होंने अपने जातिगत श्रेष्ठता के चिन्हों को उतार फेंका था और इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करते थे।वे शहीद भगत सिंह के सान्निध्य में आकर समाजवाद के प्रति आकृष्ट हुए।शचीन्द्रनाथ सान्याल के द्वारा स्थापित हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाया गया और वे इसके आजीवन कमांडर इन चीफ बने रहे। मीडिया /पाठ्यपुस्तकों में उनकी मूंछों को ताव देते हुए जनेउ पहने पिस्तौल हाथ में लिए गलत तस्वीर प्रस्तुत की जाती है। उन्होंने तो HSRA की ओर से बम का दर्शन पर्चा लिखकर साम्राज्यवाद-सामंतवाद-पूंजीवाद के विरुद्ध जनक्रान्ति की जरूरत को बताया था।वे साम्राज्यवाद-पूंजीवाद के भीषण शोषण के फलस्वरूप समाज मे पैदा भेदभाव व तबाही को मिटाकर एक समतापूर्ण समाज की स्थापना के लिए शहीद हुए।आज कॉरपोरेट घरानों के दलाल जनता के दुश्मन संघी फासिस्टों को उखाड़ फेंकने के लिए और शोषण विहीन समाज बनाने के लिए युवाओं के रोल मॉडल चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह ही हो सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भगवती सिंह व संचालन कॉमरेड वीरेंद्र त्रिपाठी ने किया। साथीगण के के शुक्ला, तुहिन,आदियोग, रामकृष्ण, ज्योति राय, के पी यादव,उदय सिंह, यादवेंद्र सहित नगर के कई बुद्धिजीवी उपस्थित थे।

आज बलिया जिले के मनियर नगर पंचायत में "बीजेपी हराओ,लोकतंत्र बचाओ मंच  बलिया" और "सामाजिक न्याय मंच" बलिया द्वारा  संघी फ...
27/02/2022

आज बलिया जिले के मनियर नगर पंचायत में "बीजेपी हराओ,लोकतंत्र बचाओ मंच बलिया" और "सामाजिक न्याय मंच" बलिया द्वारा संघी फासीवाद के खिलाफ जागृति शिविर आयोजित की गई।जागृति शिविर में साम्राज्यवाद और कॉरपोरेट घरानों के दलाल आरएसएस के वास्तविक स्वरूप और उसके तथाकथित हिन्दुराष्ट्र की विचारधारा का पर्दाफाश किया गया।आरएसएस की वैचारिक अवधारणा फासीवादी मनुवाद के खिलाफ सांस्कृतिक अभियान चलाने की जरूरत को उपस्थित जन आंदोलन के साथियों ने शिद्दत से महसूस किया।शिविर में बीजेपी हराओ,लोकतंत्र बचाओ के जनघोषणापत्र के साथ साथ संयुक्त किसान मोर्चा की अपील 'बीजेपी को सजा दो' का वितरण किया गया और उसके तात्पर्य को स्पष्ट किया गया। 3 फरवरी के मतदान के पूर्व बीजेपी को हराओ,लोकतंत्र बचाओ अभियान को और तेज करने तथा चुनाव के बाद राज्य में नव फासीवाद विरोधी जन मोर्चा बनाने का फैसला लिया गया।अभी तक बलिया जिले में अभियान की उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जागृति शिविर में सामाजिक न्याय मंच के साथीगण- अमरजीत मनाववंशी व दिनेश राजभर तथा बीजेपी हराओ, लोकतंत्र बचाओ मंच की ओर से साथीगण-कन्हैय्या साही, अंजू,बाबूराम (AIKKS अध्यक्ष)व तुहिन ने अपनी बात रखी।कॉमरेड कैलाश, हरेन्द्र आज़ाद,अलाउद्दीन अंसारी,अक्षय पासवान,डॉक्टर जगदीश,सानमती ,रामबचनएवं राजेश्वर राजभर सहित क्षेत्र के किसान-मजदूर-युवा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।बलिया जो कि ब्रिटिश साम्राज्यवाद व उसके देशीय सामंतवाद के खिलाफ आज़ादी की लड़ाई में अग्रणी रहा है, फिर से संघी फासीवाद के खिलाफ उभार के मुहाने पर खड़ा है।

01/02/2022

जनता के दुश्मन कॉरपोरेट घरानों के दलाल फासिस्ट बीजेपी को हराओ,लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत लखनऊ में नुक्कड़ सभा करते हुए मंच के साथीगण।

28/01/2022
उत्तर प्रदेश के चुनाव का राष्ट्रीय महत्व क्यों है- तुहिन  उत्तरप्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव फरवरी -मार्च 202...
28/01/2022

उत्तर प्रदेश के चुनाव का राष्ट्रीय महत्व क्यों है
- तुहिन

उत्तरप्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव फरवरी -मार्च 2022 में एक महत्वपूर्ण समय में हो रहे हैं, जब गरीब मेहनतकश और उत्पीड़ित जनता का विशाल बहुमत सहित पूरा देश, कॉर्पोरेट फासीवादी मोदी राज के कारण त्राहि त्राहि कर रहा है। मोदी की कॉर्पोरेट फासीवादी तानाशाही नीतियों को जारी रखते हुए, योगी के हिंदुराष्ट्र तक पहुंचने के तेज कदमों के चलते, मुसलमानों के खिलाफ नफरत की राजनीति को तेज करने और जो भी लोकतांत्रिक जगह मौजूद थी, उसे खत्म करने के मुहिम ने यूपी को एक खतरनाक स्थिति में धकेल दिया है। यूपी में किसी भी कीमत पर चुनाव जीतने के लिए, बीजेपी/आरएसएस अपनी धार्मिक कट्टरपंथी विचारधारा और अपने द्वारा जमा किए गए विशाल धन(जो कि धन्ना सेठ कॉरपोरेट घरानों से मिला है) का उपयोग करके समाज का अधिक अपराधीकरण और विभाजन कर रही है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान योगी ने राजनीति में जो सकारात्मक बहुलतावादी मूल्य मौजूद थे, उन्हें नष्ट कर दिया है। जैसे जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है वैसे वैसे ये "धर्म खतरे में है" के नाम पर धार्मिक उन्माद तेज़ गति से पैदा कर रही है।पिछले 5 सालों में इस जुल्मी सरकार ने सिवाय बेहिसाब गरीबी- बेरोजगारी- जातिवादी दबंगों व पुलिस का बर्बर दमन तथा किसानों, मेहनतकशों की बर्बादी के सिवाय जनता को दिया क्या है? ऐसे में यूपी में बीजेपी की एक और जीत के भयावह परिणाम होंगे.
यूपी, उत्तराखंड में बीजेपी की जीत को ऐतिहासिक किसान आंदोलन के खिलाफ और अधिक भयावह फासीवादी कदमों के लिए हरी झंडी के रूप में लिया जाएगा।सभी सार्वजनिक क्षेत्र को समाप्त करने वाली अधिक क्रूर निजीकरण वाली आर्थिक नीतियों के लिए,भीषण मंहगाई, बेरोजगारी,गरीबी, सभी क्षेत्रों का कुल कॉरपोरेटीकरण,आरएसएस के नेतृत्व में बहुसंख्यकवादी ताकतों के फासीवादी आधिपत्य को थोपते हुए, सभी लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन लिये जाने की स्थिति को आमंत्रित करना होगा। इस स्थिति में, क्रांतिकारी वामपंथी और संघर्षरत ताक़तों ने एकजुट होकर, 17 अगस्त को लखनऊ सम्मेलन का आयोजन किया और भाजपा को हराने के लिए जोरदार अभियान शुरू करने का फैसला किया।तद्नुसार प्रदेश में जनवादी संघर्ष शील संगठनों ने मिलकर"बीजेपी हराओ,लोकतंत्र बचाओ मंच" का गठन किया।मंच ,प्रदेश के मेहनतकशों, किसानों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों,महिलाओं, बेरोजगारों,युवाओं, विद्यार्थियों के ज्वलंत मुद्दों पर आधारित जन घोषणापत्र के आधार पर कॉरपोरेट -फासीवादी राज के खिलाफ, पिछले 5 महीनों से उत्तरप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नुक्कड़ नाटक, नुक्कड़ सभाओं,घर-घर जनसंपर्क, सेमिनार,वेबिनार व पदयात्रा के जरिए बीजेपी हराओ,लोकतंत्र बचाओ अभियान चला रहे हैं।देश के प्रगतिशील बुद्धिजीवी, संस्कृति कर्मी,विद्यार्थी व जनवादी संगठनों के लोग देश के विभिन्न स्थानों से आकर इस अभियान को ताकत प्रदान कर रहे हैं।
आज की परिस्थिति मजदूर वर्ग, विद्यार्थियों , युवाओं, महिलाओं, दलितों,अल्पसंख्यकों और आदिवासियों सहित तमाम उत्पीड़ित वर्गों को कॉर्पोरेट फासीवादी मोदी शासन के खिलाफ उठने और लड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।
मोदी और योगी सरकार ने मजदूर वर्ग के सभी अधिकारों को छीन लिया है, किसानों की बदहाली जगजाहिर है,लाखों युवा बेरोजगार हैं, जिनका भविष्य बहुत अंधकार मय है।कोरोना काल में योगी सरकार की लापरवाही से ऑक्सिजन व स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में बड़ी संख्या में लोग मरे। गरीबी इतनी बढ़ी है प्रदेश में कि लाशों को गंगा मे बहाना पड़ा।हाथरस से गोहरी प्रयागराज तक महिलाओं विशेषकर दलित महिलाओं पर अत्याचार चरमोत्कर्ष पर पहुंच गया है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार दलितों, महिलाओं, अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे आगे है।शिक्षा, साक्षरता,स्वास्थ्य,पोषण, महिला सशक्तिकरण आदि तमाम कल्याणकारी मानकों के संदर्भों में (मानव विकास सूचकांक) यह राज्य देश मे सबसे नीचे के स्तर पर है।योगी सरकार किस बात पर अपनी गाल बज रही है।इस राज्य में विकास हुआ है तो सिर्फ और सिर्फ धन्ना सेठों,कॉरपोरेट घरानों, जातिवादी दबंगों, ढोंगी स्वयम्भू बाबाओं ,अंधविश्वास फैलाने वाले धर्मगुरुओं और घोर जन विरोधी संघियों का।
बाकी सभी मेहनतकश गरीब उत्पीड़ित वर्ग, एक तरह से मोदी-योगी के फासीवादी राज के चौतरफा हमले से तबाह हो गए हैं। हमारा प्राथमिक कार्य लोगों के इन तबकों और वर्गों को लामबंद करना, उन्हें चल रहे किसान आंदोलन से जोड़ना और मोदी के नेतृत्व वाले भाजपा/आरएसएस फासीवादी राज को खत्म करने के लिए देशव्यापी आंदोलनों को विकसित करने का प्रयास करना है।
ऐसे में आने वाले यूपी चुनाव में बीजेपी को हराना बेहद अहम है। कई लोगों का कहना है कि बीजेपी को हराएं तो किसे जिताएं? हमारा उत्तर है: इस चुनाव में संघी फासीवादी बीजेपी जो कि आम जनता की शत्रु है को हराना ,देश और प्रदेश को बचाने के लिए जरूरी है ,इस दृष्टिकोण से,जो प्रत्याशी , कॉरपोरेट घरानों के दलाल संघी फॉसिस्टों के खिलाफ ताल ठोक कर चुनावी मैदान में उतरे हैं को जनता अपने विवेक से मतदान करे।
प्रदेश समेत पूरे देश के आम जनता की दुश्मन नम्बर एक और कॉरपोरेट धन्नासेठों की अव्वल नम्बर की दोस्त आरएसएस के मार्गदर्शन वाली बीजेपी को हराना और लोकतंत्र को बचाना ही सच्ची देशभक्ति है।

संपर्क-9425560952

26 जनवरी को अमृतसर में आयोजित किसान पंचायत में दिल्ली शाहीन बाग आंदोलन की नेतृत्व कारी साथी और उत्तरप्रदेश के "बीजेपी हर...
28/01/2022

26 जनवरी को अमृतसर में आयोजित किसान पंचायत में दिल्ली शाहीन बाग आंदोलन की नेतृत्व कारी साथी और उत्तरप्रदेश के "बीजेपी हराओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान" से जुडी मेहरुन्निसा जी , मंच का जन घोषणापत्र व पर्चा किसान नेताओं के बीच वितरित करती हुई।

27 जनवरी को बीजेपी हराओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान की ओर से अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन(AIRSO) के अखिल भारतीय अध...
28/01/2022

27 जनवरी को बीजेपी हराओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान की ओर से अखिल भारतीय क्रांतिकारी विद्यार्थी संगठन(AIRSO) के अखिल भारतीय अध्यक्ष कॉमरेड अक्षय, AIRSO महाराष्ट्र अध्यक्ष कॉमरेड अमित तथा AIRSO महाराष्ट्र राज्य कमेटी सदस्य कॉमरेड अक्षय म्हात्रे ने कैसर बाग व बलरामपुर हॉस्पिटल लखनऊ के इलाके में प्रचार प्रसार किया।

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