03/06/2025
फ्लॉवर नहीं फायर है मे, नाम याद रखना ठाकुर पूरन सिँह ....🚩
ना माफ़ी मांगी है और न ही मांगेंगे!
विवाद की शुरुआत बेनिवाल ने राजस्थान से की जवाब दिया उत्तरप्रदेश के पश्चिमी उत्तरप्रदेश से एक किसान संगठन से आने वाले किसान नेता ने, क्योंकि कहीं न कहीं समाज के लिए अपनापन था और आज भी है किसी पार्टी से क्षत्रिय समाज के नेता ने बेनिवाल के बयान पर कहीं से भी जवाब नहीं दिया जिनको हमने विधानसभा और संसद मे चुनकर भेजा।
यहाँ सवाल ये उठता है कि क्या चुने हुए प्रतिनिधियो की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है ?
क्या हमारे नेता दब्बू है या जनता ?
दरअसल हमारा समाज दब्बू नहीं है नेता ही दब्बू है, उसकी आड़ मे इन बेनिवाल जैसे नेताओं ने पूरे समाज को दब्बू मान लिया है राजस्थान के क्षत्रिय समाज का मुझे पता है उनका खून तो खैर पानी हो चुका है जो उस बेनिवाल की इस तरह की बात करने के इतने दिनों बाद आज भी उसके खिलाफ मांग पत्र तैयार करके घूम रहे है और सुना है नागौर मे कोई पंचायत संचायत भी कर रहे है, तुम बस यही करो ये ही बसकी रह गया है ।
समाज के लोगो से एक विनती है आगे से ज़ब भी अपना जनप्रतिनिधि चुने तो किसी रीड की हड्डी वाले व्यक्ति को ही चुनकर सदन मे भेजे , रीढ़विहीन हो चुके नेता को चुनोगे तो आपका शोषण ही करेगा और ऐसे मौको पर वो कहीं नजर भी न आये, फिर आप ऐसे मौको पर बगले ही झाँकते नजर आओगे।
Thakur Puran Singh जी ने अपनी बात मजबूती के साथ रखी है और हम और हमारे समाज की एक एक राजपूतो की पूरी बेल्ट पूर्णतया कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खडे है।
#ठाकुर_पूरण_सिंह_जिंदाबाद