15/03/2026
राघव चड्ढा हाल के महीनों में संसद में कई महत्वपूर्ण और सामयिक मुद्दे उठा रहे हैं। वे लगातार केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा रुख अपनाए हुए हैं। वे जिन प्रमुख मुद्दों पर हाल में सक्रिय रहे, उनमें ये शामिल हैं:
संसद सुरक्षा उल्लंघन मामला (मार्च 2026):
राघव चड्ढा ने संसद में हुई सुरक्षा चूक पर केंद्र को घेरा और कहा कि “जिनके हस्ताक्षर से आरोपी अंदर आए, वही सांसद अभी सदन में मौजूद हैं”। उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों को निलंबित कर देना लोकतंत्र को सस्पेंड करने जैसा है
टैक्स नीति पर व्यंग्य (फरवरी 2026):
उन्होंने संसद में बीजेपी सरकार की टैक्स नीतियों पर तंज कसते हुए एक कविता सुनाई — जिसमें कहा कि “जागने से लेकर सोने और रोने तक टैक्स” लगा दिया गया है। उन्होंने टैक्स प्रणाली को “सरकार का एकसूत्री मिशन” बताया
डिलीवरी बॉय और गिग वर्कर्स के अधिकार (दिसंबर 2025):
राघव चड्ढा ने राज्यसभा में एक बिल पेश किया, जिसमें डिलीवरी बॉयज़ और गिग वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों की मांग की गई। उन्होंने कहा, “ये भी किसी के बेटे, पिता और पति हैं”
मिडिल क्लास की समस्याएं और बजट पर सवाल (फरवरी 2025):
बजट चर्चा के दौरान उन्होंने सरकार पर “मिडिल क्लास के कंकाल पर पांच ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने” का आरोप लगाया। कहा कि अमीरों के कर्ज़ माफ़ होते हैं, गरीबों को योजनाएं मिलती हैं, लेकिन मिडिल क्लास निचोड़ा जा रहा
संक्षेप में, राघव चड्ढा ने अपने हालिया भाषणों में संसद की सुरक्षा, टैक्स सिस्टम, गिग इकॉनमी कर्मियों के अधिकार और मिडिल क्लास की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठाए हैं।