Thanagazi-The City of Love

Thanagazi-The City of Love Exploring the Thanagazi like never before. Be Ready to falling in love with Thanagazi.

1. कोमल छिपा 2. मनीषा गुर्जर 3.सियाराम मीणा 4. कमलेश कटुंबरिया 5.  प्रज्ञा गुर्जरइनको बहुत-बहुत शुभकामनाएं,ने हाल ही RAS...
27/04/2026

1. कोमल छिपा 2. मनीषा गुर्जर 3.सियाराम मीणा 4. कमलेश कटुंबरिया 5. प्रज्ञा गुर्जर
इनको बहुत-बहुत शुभकामनाएं

,ने हाल ही RAS की भर्ती में सेलेक्ट होकर थानागाजी के भावी RAS एस्पायरेंट्स को एक सपना दिया है अब उन्हें भी लग रहा है की RAS जैसी भर्ती पास करना संभव है

यह पांचो भावी RAS एस्पायरेंट्स को इंस्पायर किया है |

14/04/2026

बाबा अंगारी थानागाजी का रहने वाला है इसके एक लड़की भी है इस बाबा की पत्नी इसको छोड़कर लड़की को साथ लेकर चली गई क्योंकि बाबा दारु पीता था पत्नी को छोड़कर जाने के बाद और दारु पीने लगा
जब से गोवर्धन जी जाने लगे तब से दारु पीना बंद कर दिया अब यह ज्यादातर पैदल थानागाजी से गोवर्धन जी और वापस गोवर्धन जी से थानागाजी आते हैं

Video credit - Pawan Saini

14/04/2026

I got over 1,000 reactions on my posts last week! Thanks everyone for your support! 🎉

05/04/2026

Thanagazi से मथुरा - वृन्दावन direct Roadways Bus कितने बजे है? 😊👍💛🚏🚌
COMMENT में झांके 😇

भर्तृहरि बाबा के मंदिर की सबसे पुरानी तस्वीर सन 1924 की है
31/03/2026

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सेंटर लाइन से 75 मीटर का मार्क हो चुका है ये हरी लाइन 75 मीटर का पॉइंट है
04/03/2026

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09/09/2025

#धतूरा केवल धार्मिक महत्व नहीं रखता, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. इसके पत्ते, बीज और फल औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. आयुर्वेद में इसे दर्द निवारक और सूजन कम करने वाली औषधि माना गया है. धतूरा जोड़ों के दर्द, गठिया, अस्थमा और त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी होता है. यह पाचन तंत्र को सुधारने में भी सहायक है. हालांकि, धतूरा जहरीला होता है, इसलिए इसका सेवन केवल डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

धतूरे के तेल की तासीर गर्म होती है, साथ ही, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-सेप्टिक के गुण होते हैं। ऐसे में इसका इस्तेमाल करने से स्किन को हेल्दी रखने (Datura Oil Benefits in Hindi) और त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं से राहत देने में मदद मिलती है।

धतूरे के औषधीय गुण,
धतूरा, जिसे अंग्रेजी में “जिम्सनवीड” कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है. इसके पत्ते, बीज और फल में कई औषधीय गुण होते हैं. आयुर्वेद में धतूरा का उपयोग विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता है. यह एक प्रभावी दर्द निवारक है और गठिया, मांसपेशियों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है. धतूरा अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी श्वसन समस्याओं में भी उपयोगी होता है, क्योंकि यह श्वसन नलियों को आराम पहुंचाता है।

फोड़े और खुजली के इलाज में सहायक
धतूरे के बीज पाचन तंत्र को सुधारने में मददगार होते हैं. इसके अलावा यह त्वचा की समस्याओं, जैसे फोड़े और खुजली के इलाज में भी सहायक है. धतूरा अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी श्वसन समस्याओं में राहत देता है. क्योंकि यह श्वसन तंत्र को आराम प्रदान करता है. इसके पत्तों और बीजों का सेवन पाचन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. हालांकि, धतूरा का सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा जहरीली हो सकती है. विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसका उपयोग नहीं करना चाहिए. ये एक शक्तिशाली औषधि है, जो सही तरीके से प्रयोग करने पर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

धतूरे के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी के गुण पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल करने से स्किन को कई लाभ मिलते हैं। इसको त्वचा पर लगाने से त्वचा की सूजन और रेडनेस को कम करने और दर्द से राहत देने में मदद मिलती है, साथ ही, इससे एक्जिमा और सोरायसिस जैसी स्किन से जुड़ी समस्याओं से राहत देने में मदद मिलती है।

स्ट्रेस से दिलाए राहत
धतूरे में एट्रोपिन नामक तत्व होता है, जो तनाव को दूर करने में बहुत ही असरदार माना जाता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति स्ट्रेस की समस्या से परेशान है, तो उसे धतूरे के बीजों को पीसकर शहद में मिलाकर रात को सोने से पहले सिर और दोनों कानों के पास लगा लें। ऐसा करने से दिमाग शांत और खुश रहता है और स्ट्रेस से राहत मिलती है।

पैरों में सूजन और भारीपन होता है दूर
अगर किसी को पैरों में सूजन और भारीपन की समस्या है, तो उन्हें धतूरे का इस्तेमाल करना चाहिए यह काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए धतूरे की पत्तियों को पीसकर इसका लेप बना लें। फिर इसे दर्द और सूजन वाली जगह पर लगाएं। इससे तुरंत राहत मिलती है, क्योंकि धतूरे की तासीर गर्म होती है। जिसके कारण कारण मांसपेशियों की प्राकृतिक सिकाई होती है और मांसपेशियां नरम पड़ जाती हैं।

#दमा करे दूर
जिन लोगों को दमे की शिकायत हो वह धतूरे के बीजों को अपामार्ग और जवासा नाम की जड़ी बूटी के साथ मिलाकर चूरन बना लें। फिर इसे रोजाना सूंघे इससे दमे के शिकायत जल्द ही दूर होती है।

नोट: धतूरा एक जहरीला पौधा है, इसलिए इसका इस्तेमाल बड़ी ही सावधानी से करना चाहिए। इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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