15/01/2023
स्विगी का बैग लिए महिला,
अभी कुछ दिनों पहले एक महिला की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही थी जिसमें वो अपने कंधे पर स्विगी का बैग लिए दिख रहीं थीं। आइए जानते हैं लखनऊ कि सड़कों पर संघर्ष करती इस महिला के बारे में…
इस महिला का नाम रिज़वाना है, और वो 4 बच्चों कि माँ हैं, इनके पति रिक्शा चलाते थे, 10 बाई 10 के कमरे में रहने वाली रिज़वाना के परिवार का गुजारा किसी तरह पति के कमाई से हो जाता था,
लेकिन जिंदगी ने रुख तब मोड़ा जब इनके परिवार का एकमात्र सहारा इनका रिक्शा चोरी हो गया, पति सदमे में चले गए और भीख मांग गुजारा करने लगे, कई कई दिन घर नहीं लौटते, फिर अचानक 3 साल पहले कहीं चले गए और आजतक नहीं लौटे…
तीन बेटियों की माँ रिज़वाना पर परिवार का सारा बोझ आन पड़ा, उन्होंने भीख मांगने से बेहतर काम कर बच्चों का पेट पालने का फैसला किया, हालांकि वो स्विगी का खाना डिलेवर नहीं करतीं लेकिन मेहनत इससे किसी भी मामले में कम नहीं करती हैं…
दो साल पहले उन्होंने अपनी बड़ी बेटी का निकाह करवाया और अब वो अपने ससुराल में रहती है…
एक बेटी 19 साल की है, और दो छोटे बच्चे जिनका पेट पालने के लिए वो किसी भी बात की परवाह किये बिना सुबह और शाम लोगों के घरों में बर्तन और झाड़ू पोछा का काम करती हैं। इससे उन्हें 1500 रुपये मिलते हैं।
वहीं दोपहर में डिस्पोजेबल ग्लास और कपे बेंचने बाजार में छोटी-छोटी दुकानों और ठेलों पर फेरी वाला काम करती हैं, इससे उन्हें प्रत्येक पैकेट पर 2-3 रुपये की कमाई होती है। रिज़वाना के मुताबिक महीने भर में वो 5 से 6 हजार रुपये ही कमा पाती हैं।
यकीन मानिए रिज़वाना जैसी माँ हिम्मत और हौसले की वो मिसाल हैं जिनपर आपको भी फख्र होगा।