Maagangasatyagraha माँ गंगा सत्याग्रह

Maagangasatyagraha माँ गंगा सत्याग्रह Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Maagangasatyagraha माँ गंगा सत्याग्रह, Nature Preserve, Village, Bheekampura – Kishori, Thanagazi, District: Alwar, Alwar City.

*डॉ राजेंद्र सिंग साहेब तुमचे पट्ट शिष्य गोदावरीचा बळी घेत आहेत*.जागतिक कीर्तीचे जलपुरुष डॉ राजेंद्र सिंग हे कित्येक राज...
24/04/2023

*डॉ राजेंद्र सिंग साहेब तुमचे पट्ट शिष्य गोदावरीचा बळी घेत आहेत*.
जागतिक कीर्तीचे जलपुरुष डॉ राजेंद्र सिंग हे कित्येक राज्य सरकारला ,केंद्र सरकारला,दुसऱ्या अनेक देशांना ज्ञान देत आहेत.
त्यांचे पट्ट शिष्य *डॉ सुमंत पांडे,नरेंद्र चुग*,विनोद बोधनकर,प्रमोद देशमुख ,पंडित असे अनेक जण जलबिरादारी नावाखाली महाराष्ट्र सरकार सोबत जुडून चला जानुया नदीला उपक्रम 2 ऑक्टोबर ला सुरू केला.महाराष्ट्रातील 75 नद्या वर काम करायचे असे ठरले.त्यासाठी डॉ राजेंद्र सिंग यांच्या मार्गदर्शनाखाली काम करणारी अनोंदणी कृत संघटन जलबिरादारी च्या बोगस लोकांना शासकीय समिती मध्ये घेण्यात आले.राज्य सरकारच्या समिती सदस्य झाल्या बरोबर या लोकांचा सुरच बदलला .त्यांची मजल एवढी वाढली की त्यांनी *75 नद्यांच्या मधून गोदावरी नदीचे नावच वगळले*.गोदावरी नदीच्या समावेश करण्यात यावा यासाठी आम्ही आग्रह धरला असता त्यांनी मुजोर पणे आम्ही समाविष्ट करत नाही काय करायचे करून घ्या असे सांगितले. गोदावरी नदी साठी आम्ही गोदावरी नदी संसद मार्फत राज्य सरकार कडे पाठपुरावा केला,सरकारने ही चूक दुरुस्ती केली.जलबिरादारी यांनी गोदावरी नदी साठी नदी प्रहरी नावे देतांना यांनी जालना,नागपूर येथील नावे दिली.नांदेड येथील प्रत्यक्ष काम करणाऱ्या नदी प्रहरी ना जाणीवपूर्वक डावलून गोदावरीचे काम पूर्णपणे थांबविले.त्यांना माहीत होते की आमच्याकडे प्रदूषण रोखण्यासाठी वैज्ञानिक उपाय आहे,संघटन आहे.आम्हाला फक्त शासनाच्या सपोर्ट ची गरज होती,जलबिरादारी ने जाणीवपूर्वक आमचे खच्चीकरण करून आमचे काम बंद कसे होईल यासाठी प्रयत्न केले.ही बाब वेळोवेळी डॉ राजेंद्र सिंग यांच्या निदर्शनास आणून दिली त्यांनी दुर्लक्ष करून एका प्रकारे गोदावरी नदी चा बळीच दिला.एका जागतिक दर्जाच्या व्यक्ती कडून असे हीन दर्जाच्या व्यक्तींची पाठराखण होते हे जल क्षेत्रासाठी अत्यंत दुर्दैवी आहे.
असेही ऐकण्यात आले आहे की राजेंद्र सिंग यांचा सर्व खर्च ही मंडळी करत असतात त्यामुळे त्यांना पाठीशी घातल्या जाते .
या सर्व गोष्टी चा पत्रव्यवहार माझ्याकडे आहे,2 ऑक्टोबर ते 24 एप्रिल आपण या गोष्टीकडे काना डोळा का केला.
*डॉ राजेंद्र सिंग साहेब आपणास याचे उत्तर द्यावेच लागेल.*🙏🏻
दिपक मोरताळे
गोदावरी नदी संसद समूह नांदेड

05/11/2022

माँ गोदावरी सत्याग्रह
महाराष्ट्र सरकारने भाईजी के सूचना पर अमृतवाहिनी नदी यात्रा का कार्यक्रम बनाया है,प्रदूषण माफिया के हाथो में यह यात्रा जा चुकी है.यह माफियाने माँ गोदावरी को इस प्रोग्राम में ना लेकर माँ का अपमान किया.हम कार्यकर्ता आवाज उठा रहे तो आवाज दबाई जा रही है.
हम सत्य का आग्रह कर रहे है.क्या भाईजी हमे न्याय देंगे ?

नमस्कार भाईजीजलबिरादिरी महाराष्ट्र के अध्यक्ष श्रीमान नरेंद्र चुग उनके पर्वतारा सोसायटी के STP वेस्ट वॉटर में बोअर का ला...
03/11/2022

नमस्कार भाईजी
जलबिरादिरी महाराष्ट्र के अध्यक्ष श्रीमान नरेंद्र चुग उनके पर्वतारा सोसायटी के STP वेस्ट वॉटर में बोअर का लाखो लिटर शुद्ध जल मिलाकर प्रदूषण नियंत्रण मंडळ और महानगरपालिका के आखों में धुल झोक रहे है.वो खुद नदी प्रदूषण के माफिया है.क्या ऐसे व्यक्ती को आप समर्थन कर माँ का अपमान नही कर रहे है.
माँ गोदावरी का समावेश अमृत वहिनी कार्यक्रम में ना कर माँ का अपमान भी इन्ही लोगोने किया है.

दिपक मोरताळे
संस्थापक गोदावरी नदी संसद महाराष्ट्र
9422174647

https://youtu.be/pqExoReuHKQ
09/02/2021

https://youtu.be/pqExoReuHKQ

चमोली (Chamoli) के रैणी गांव (Reni Village) के ठीक ऊपर रविवार सुबह एक ग्लेशियर (Glacier) टूटता है, जो तबाही सबसे पहले रैणी गांव के लोगों न...

https://youtu.be/ywJBS2Q3XbA
08/02/2021

https://youtu.be/ywJBS2Q3XbA

रिपब्लिक का अब वही भरोसा हिंदी में भी. जुड़ें सही और सटीक खबरों के लिए सिर्फ रिपब्लिक.भारत के साथ.Click here to subscribe to R.भारत ► http:...

07/11/2020

Very good effective presentation of the Ganga ji pollution issue at Patna. We can see a vast expanse of Ganga and a polluted tributary carrying toxic industrial effluent and turning the Ganga Amrut into vishh (poisoned water),thereby threatening the entire riverine ecosystem.
Thanks Manohar ji for highlighting.
It is earnest request to all to share these kind of videos of rivers of your respective regions.
Thank you manoharbhai once again for spreading truth in the face of massive falsehood and propaganda being unleashed by the administration about cleaning of River Ganga.

02/11/2020

Due to INTERNET problem Today's Webinar postponed.

26/10/2020
17/10/2020

💐💐सुख, शान्ति एवम समृध्दि की मंगलमयी कामनाओं के साथ आप को और आप के पुरे परिवार को नवरात्री की हार्दिक मंगलमय कामनायें ।
माँ अम्बे आपको सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करे।

*या देवी सर्वभूतेषु शक्ति* *रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः* |
🙏🙏🙏🙏🙏 *जय माता दी* 🙏🙏🙏🙏

03/10/2020

भाग -2
#गंगा_तू_ही_तू_है
हे गंगे मांँ तू कानपुर में पहुँचकर मैला ढोने वाली मालगाड़ी बन जाती है। तुझे सरकार ने यहाँ फिर से माँ बनाने के लिए अब तक हजारों करोड़ खर्च किया है, लेकिन तू मैले का बोझ ज्यादा ही झेल रही है। लाखों-करोंडो तेरी सफाई पर खर्च हो रहे है, लेकिन कोविड-19 से कोई सीख लेने को तैयार नही है। कोविड-19 में लॉकडाउन के दौरान तेरे स्वास्थ्य का सुधार स्वयं दिखने लगा था, कोई समझदार राजा होता तो अपने लॉकडाउन के इस परिणाम से सीख लेकर तेरे नाम पर लाखों-करोडों खर्च रोककर तुझमे गंदे नाले मिलने पर रोक लगाता; लेकिन वह नही हुआ। अब और ज्यादा गंदे नाले उद्योगपति डाल रहे है। ऐसा लगता है की भारत मे ंतेरी पवित्रता का राज नही है। तुझ में प्रदूषण करने वाले उद्योगपतियों का राज्य है।

तू कब कानपुर में निर्मल होगी! आशा बची नही है। अब ऐसा लगता है कि तुझे नमामि बनाकर निर्मलता के नाम पर लाखों-करोंडो खर्च होते रहेंगे। लेकिन प्रदूषण बढ़ता ही जायेगा। जब तक तेरी अविरलता पर विचार नहीं किया जायेगा, तब तक तेरा निर्मल बनना संभव नहीं है। आज तुझे राष्ट्रीय नदी घोषित करने वाली भारत सरकार में ‘‘ अजगर करे न चाकरी, पंक्षी करे न बैर ‘‘ जिन्हें कुछ नहीं करना होता उन्हें हडबढ़ी होती है।
हे गंगे अब आप चलते - चलते इलाहाबाद पहुँच गयी । आप अपनी पवित्रता की शक्ति से, अपनी गठरी उठाकर जहाँ चाहती है, वहाँ पहुँच जाती है। यहाँ तुझे हर्षित करने के लिए हर वर्ष माघ मैला कुंभ और 144 वर्षो में महाकुंभ तेरे किनारे होता है। कहा जाता है कि, भारतीय लोक तुझे सम्मानित करने के लिए तेरे किनारे इक्ट्ठा होता है। लेकिन वो अपने पाप धाने के लालच के कारण तेरे किनारे आता है, यह तू भी जानती है। पर फिर भी तू उनका स्वागत ही करती है। तूने भगीरथ से यह बात कही थी कि
‘‘मैं इस कारण भी पृथ्वी पर नहीं जाऊँगी कि लोग मुझमें अपने पाप धोयेंगे। फिर उस पाप को धोने मैं कहां जाऊंगी?‘‘
भगीरथ- ‘‘ माता! जिन्होंने लोक-परलोक, धन-सम्पत्ति और स्त्री-पुत्र की कामना से मुक्ति ले ली है , जो संसार से ऊपर होकर अपने आप में शांत हैं, जो ब्रह्मनिष्ठ और लोकों को पवित्र करने वाले परोपकार सज्जन हैं..... वे आपके द्वारा ग्रहण किये गए पाप को अपने अंग स्पर्श व श्रम निष्ठा से नष्ट कर देंगे।‘‘
ऐसे ही स्वामी सानंद व स्वामी शिवानंद है।

सम्भवतः इसीलिए गंगा रक्षा सिद्धांतो ने ऐसे परोपकारी सज्जनों को ही गंगा स्नान का हक दिया। गंगा नहाने का मतलब ही है-सम्पूर्णता। जीवन में सम्पूर्णता का भाव जगाये बगैर गंगा स्नान का कोई मतलब नहीं। न ही उन्हें गंगा स्नान का कोई अधिकर है, जो अपूर्ण है... लक्ष्य से भी और विचार से भी। इसीलिए किसी अच्छे काम के सम्पन्न होने पर हमारे समाज ने कहा - हम तो गंगा नहा लिये।
अब इलाहाबाद में तेरी रेत निकालकर तुझ में जहर घोलते है। यह जहर केवल तुझे बीमार करता ऐसा नही है, यह जहर डालने वालों को भी बीमार करता है। ज्यादातर यह जहर कानपुर से गंगा जी और दिल्ली से यमुना जी लेकर आती है । इलाहाबाद में दोनों का जहर एक-दूसरे से मिल जाता है। यहाँ से चलकर आप फतेहपुर होते हुए काशी में पहुँच जाती है। काशी में असी और वरुणा दोनों अपना जहर तेरी देह में डालते है।
आज भी कुछ लोग प्रतिदिन तेरे तटों की सफाई करते है जैसे कि केथी में गुरुदास गोस्वामी दो घंटे सफाई करते है। यह कार्य ये वर्षो से कर रहे है। जब गंगा थोडी और आगे बड़ी तो, गोमती का बेहाल होकर तुझ में आकर मिल गई है। गाजीपुर-बकसर के बीच करमनासा आकर मिल गई। करमनासा के बारे में कहते है कि इसका जल छूने से पुण्य का नाश हो जाता है। बकसर में विश्वामित्र ने जब दूसरी सृष्टि रची तब इन्द्र स्थापित हुए। करमनासा के दूसरी पार बौद्ध धर्म था। बिहार में गंगा तट पर बकसर एकेला तीर्थ है। वैसे तो बनारस और मगध दोनों एक जैसे है। गंगा के दूसरी पार मगहर है। आमी नदी के किनारे ये सभी गंगा ही है। मगहर कबीर के साथ जुड़ा है और बिहार बौद्ध के साथ जुड़ा इसलिए गंगा स्नान का पुण्य दोनों जगहों पर कुछ न कुछ गंगा में जुड़ने वाली दूसरी नदियों के साथ गलत धारणायें जोड़ ली गई है।
गंगा जी नरभसा पहुँचकर, पंडो के मोक्ष तथा सिचाई का जल व उद्योगों के प्रदूषण से मुक्ति पा जाती है। वाराणसी से भागलपुर तक गंगा का ढाल बहुत विनम्र है। एक कोस अर्थात् तीन किलोमीटर में केवल 10 इंच का ढाल है। जब राजा भगीरथ के पुरखों की आत्मा को मोक्ष हेतु यहाँ-जहाँ यह शब्द प्रचलित हुआ, वहाँ-वहाँ मोक्ष का बाजार पहुँचा, तो बोधगया से बौद्ध धर्म उखड़ गया।
हे गंगे, ‘तू ही तू है‘ अब तेरे किनारे बहुत कुछ बना, पला, आगे बड़ा, साथ के साथ उस सबको तूने टिकाकर रखा है। आशा है कि आगे भी टिकाकर रखेगी। उन्हें चलने वालों को तू उखड कर नष्ट करती है। इसीलिए तुझमें ब्रह्म-विष्णु-महेश का वास माना जाता है। तू ही तू है, तू ही तू है, तू ही तू है। यह बात केवल पौराणिक ही नही, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक सत्य भी हुई है। तेरे किनारे आनंद की बूंद बनने वाले ब्रह्म के रास्ते पकड़ते है। तेरे आनंद की बूंद को सहेजने वाले विष्णु बनकर पालक बनते है। तेरे क्रोध का शिकार बनने वाले शंकर-संहारक बन जाते है।
प्रकाशनार्थ - जलपुरुष राजेन्द्र सिंह

Address

Village, Bheekampura – Kishori, Thanagazi, District: Alwar
Alwar City

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Maagangasatyagraha माँ गंगा सत्याग्रह posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share