07/12/2025
उनके पास पूंजी , मीडिया, भांड और रंडियां हैं और हम अहीरों के पास अदम्य हौसला और सामाजिक एकजुटता ... भारत में लड़ाई जाति धर्म की है ही नहीं लड़ाई है हिस्सेदारी बनाम पूंजी के एकाधिकार की..
**********************
भारत की पैदायिशी मूर्ख सवर्ण जातियां ही प्रसंशनीय सिर्फ इस लिए बनी हुई हैं क्योंकि पूंजी के आगे झुकना बिकना स्वीकार लिया इन्होंने, नौकर बनना स्वीकार लिया इन्होंने, स्त्रियों की दलाली करना स्वीकार लिया इन्होंने और अहीर जाट गुर्जर सिर्फ और सिर्फ इस लिए बुरे हैं क्योंकि इन्होंने पूंजी को श्रेष्ठ माना ही नही, इन्होंने श्रम को महत्व दिया, इन्होंने उत्पादन को महत्व दिया.. श्रम और उत्पादन पर पकड़ रखने वालो को न तो झुकने की जरूरत पड़ती है न ही झूठ बोलने की और न ही औरतों की दलाली करने की.. न ही नौकर बनने की।।
********************
आप गौर से देखेंगे तो स्पष्ट दिखेगा कि अहीर, जाट, गुर्जर को लगातार टारगेट करके अपमानित किया जाता रहा है तथाकथित सवर्णों द्वारा .. और सत्य यही है कि जाट भी अब लगभग बिकना स्वीकार कर चुका है सो उसकी चर्चा कम हो गई है मीडिया में। लेकिन अहीर गुर्जर अब भी अड़े खड़े हैं पूंजी के एकाधिकार के खिलाफ सो लगातार टारगेट किया जा रहा है अहीरों को। चूंकि सत्य और नैतिकता से लड़ाई में सवर्ण अहीरों से कभी जीत नहीं सकते सो सरेआम अन्याय अंधेर और बेईमानी के बल पर अहीरों को हारा हुआ दिखाया जा रहा है..
***********************
भारत में ये लड़ाई आज की नहीं है न ही कभी रुकने वाली है क्योंकि न ही हरामखोर लॉबी मिटने जा रही है धरती से और न ही हम।। लालू प्रसाद जी व अखिलेश यादव ने दूरगामी रणनीति बनाई है PDA की.. इस पर सख्ती से अमल में लाया जाना चाहिए और जनसंख्या पर आधारित टिकट ही बांटना चाहिए 2027 में। PDA पर और अधिक मुखर होने की जरूरत है।। सरकारी नौकरी मोदी जी की कृपा से समाप्त हो गई है इसे बांटने से बचना चाहिए, श्रम और उत्पादन के क्षेत्र पर पकड़ और मजबूत करनी चाहिए चीन मॉडल की तरफ बढ़ना चाहिए और दलालों, हरामखोरो को अपमानित करना चाहिए खास कर यादव समाज से हो तो अनिवार्य रूप से ।अकाट्य तथ्य व सत्य यही है कि उपरोक्त वजह से ही सत्ता आने जाने से अधिकांश अहीरों पर कोई फर्क नहीं पड़ता ..