19/08/2024
सेवा में,
*प्रान्तीय अध्यक्ष महोदय*
*प्रान्तीय महासचिव महोदय*
*एवं प्रान्तीय कार्यकारिणी*
*भारत विकास परिषद*
*ब्रज उत्तर प्रान्त, Ncr-1,अलीगढ़*
निवेदन यह है कि कुछ निम्नलिखित जिज्ञासाऐं, जो कि परिषद की कार्यशैली व विधान से संम्बन्धित होती हैं, वह शाखा स्तर पर बार-बार ज्वलंत हो जातीं हैं। जिनकी गंभीर उपेक्षा करने के कारण, निरंतर अनुशासनहीनता एवं विधान विपरीत वातावरण को प्रोत्साहन मिलता है।
कृपया निम्नलिखित जिज्ञासाओं पर,अपना मत स्पष्ट करते हुए, मेरा मार्गदर्शन करने की कृपा करें :-
1- क्या कोई सदस्य, शाखा व प्रान्त के अनेकों पदों पर आसीन रहकर, विधान विपरीत व परिषद की कार्यशैली के विरुद्ध, मनमानी आचरण करने के लिए अनुमन्य है ?
2- क्या किसी नवीन शाखा को गठित करने मात्र से, कोई सदस्य उस शाखा के मालिक की हैसियत से, आचरण कर सकता है ? उसकी भूमिका शाखा में क्या होगी ?
3- क्या सदस्य को, एक शाखा को छोड़कर दूसरी शाखा का सदस्य बनने के लिए, सम्बंधित शाखाओं की वैधानिक प्रक्रिया को अपनाना आवश्यक नहीं है ? जैसे एक शाखा का मुक्ति पत्र और दूसरी शाखा का स्वीकृति पत्र प्राप्त करना जरुरी नंही है ? दीक्षा लिए बिना ही, क्या शाखा में सदस्य बना जा सकता है ?
4- क्या कोई सदस्य, एक से अधिक शाखाओं का सदस्य बनने का अधिकारी है ?
5- क्या 40 सदस्यों की शाखा में तीन संरक्षक नियुक्त किये जा सकते हैं । शाखा में संरक्षक कौन बन सकता है ?
6- क्या परिषद के विधान में, शाखा स्तर पर, कार्यकारिणी के अतिरिक्त, निदेशकों की फौज बनाने का कोई प्रावधान है ?
7- क्या शाखा का संस्थापक, विधान की दृष्टि में, शाखा के अध्यक्ष से भी बडा समझा जायेगा ?
*समर्पित सदस्य*
मुकेश चित्रा
संस्थापक अध्यक्ष
सेवा शाखा अलीगढ
दिनांक- 13/08/2024