30/10/2024
प्राकृतिक धरोहर को सहेजना हमार परम कर्तव्य
सूरसरोवर आगरा
8 अक्टूबर 2024
● सूरसरोवर पक्षी विहार में वन्यजीव सप्ताह में आयोजित हुए विभिन्न ज्ञानवर्धक और जागरूकता कार्यक्रम
● विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत इंटर कॉलेज व डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियो ने लिया भाग
वन्यजीव सप्ताह के अंतिम दिन आगरा के सूरसरोवर पक्षी विहार में बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी द्वारा आयोजित बटरफ्लाई वाॅक, नेचर वाॅक और सेमीनार मे मथुरा के आरसीए गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने शामिल होकर वन्यजीव संरक्षण के महत्व को जाना।
● जलीय जीवों की नदियों की सफाई में होती है महत्वपूर्ण भूमिका
भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा नमामि गंगे अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यक्रम मे संस्थान की कार्यक्रम प्रभारी स्नेहा शर्मा ने जलीय ईको-सिस्टम, जलीय जीवों में विभिन्न प्रजाति के कछुओ, डाल्फिन, मगरमच्छ व घडिय़ाल की नदी ईको-सिस्टम में महत्व पर जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में जलीय जैव विविधता पर एक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया । विजयी प्रतियोगियों को उपहार प्रदान किए गए ।
● मिट्टी में मौजूद उपयोगी फंगस पर निर्भर होते हैं वन
सेमीनार में बोलते हुए वनस्पति शास्त्री एवं बीएसए कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ अशोक कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियो को जैव विविधता के अंतर्गत मृदा पारिस्थितिकी में फंगस की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकरी प्रदान की । उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर मौजूद सभी प्रकार की वनस्पति का जीवन मृदा की गुणवत्ता पर निर्भर है जिसमे फंगस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके संरक्षण की बहुत आवश्यकता है। हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम वन्यजीवो के हेविटाट के संरक्षण पर विशेष ध्यान दें।
● ईको-सिस्टम में बहुत महत्व की हैं छोटी तितलियां
वाइल्डलाइफ ईकोलोजिस्ट के पी सिंह ने छात्राओ को सूरसरोवर पक्षी विहार में मौजूद तितली की विभिन्न प्रजातियों और ईको-सिस्टम में इनकी भूमिका पर जानकारी दी । और बताया कि सूरसरोवर 50 से अधिक प्रजातियो का घर है। अतः इस प्रकार के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखने के लिए वन्य जीवों का संरक्षण आवश्यक है।
● औषधीय महत्व की वानस्पति हमारी अमूल्य धरोहर
बीआरडीएस के वनस्पति वैज्ञानिक डाॅ देवपाल ने छात्राओ को नेचर वाॅक में औषधीय महत्व वाली वनस्पति की पहचान करना सिखाया और कहा कि
वन्य जीवों का संरक्षण पर्यावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में सहायक सिद्ध होता है। वन्य जीवों का संरक्षण हमारी संस्कृति और धरोहर का अभिन्न हिस्सा है। औषधीय घरोहर में अतिबला, नागबला, कुंदरू, कुप्पी, वन करेला, जंगली तिल, जंगली पालक, जंगली तंबाकू, भूई आंवला, बडी दूधी, छोटी दूधी के औषधीय गुण प्रमुख रूप से बताए ।
● रेंज ऑफिसर ने किया सभी का धन्यवाद
सूरसरोवर की रेंज ऑफिसर अनामिका सिंह ने राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित करने वाली संस्थाओं का आभार प्रकट किया ।
कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित: डाॅ राजेश वर्मा, वन दरोगा सुबराज सिंह, राहुल, योगेश, अब्दुल कलाम ,निधि यादव, अनुज, सुनीता आदि उपस्थित रहे।