Opinion STAGE

Opinion STAGE CASTE: RAJPUT
JAI BHIM, NAMO BUDDHAY

हम समाजवादी लोग इस उम्मीद में थे कि नीतीश कुमार हमारे साथ रहकर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन भाजपा का खेल देखिया अब व...
15/04/2026

हम समाजवादी लोग इस उम्मीद में थे कि नीतीश कुमार हमारे साथ रहकर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन भाजपा का खेल देखिया अब वह प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे ।

कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी - जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांग...
14/04/2026

कल नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वो इस देश के श्रमिकों की आख़िरी चीख़ थी - जिसकी हर आवाज़ को अनसुना किया गया, जो मांगते-मांगते थक गया।

नोएडा में काम करने वाले एक मज़दूर की ₹12,000 महीने की तनख्वाह,₹4,000-7,000 किराया। जब तक ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500 सालाना किराया बढ़ा देता है।

तनख्वाह बढ़ने तक ये बेलगाम महंगाई ज़िंदगी का गला घोंट देती है, कर्ज़ की गहराई में डुबा देती है - यही है “विकसित भारत” का सच।

एक महिला मज़दूर ने कहा - “गैस के दाम बढ़ते हैं, पर हमारी तनख्वाह नहीं।” इन लोगों ने शायद इस गैस संकट के दौरान अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए ₹5000 का भी सिलेंडर खरीदा होगा।

यह सिर्फ़ नोएडा की बात नहीं है। और यह सिर्फ़ भारत की भी बात नहीं है। दुनियाभर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं - पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से सप्लाई चेन टूट गई है।

मगर, अमेरिका के टैरिफ़ वॉर, वैश्विक महंगाई, टूटती सप्लाई चेन - इसका बोझ Modi जी के “मित्र” उद्योगपतियों पर नहीं पड़ा। इसकी सबसे बड़ी मार पड़ी है उस मज़दूर पर जो दिहाड़ी कमाता है, तभी रोज़ खाता है।

वो मज़दूर, जो किसी युद्ध का हिस्सा नहीं, जिसने कोई नीति नहीं बनाई - जिसने बस काम किया। चुपचाप। बिना शिकायत। और उसके बदले अपना हक मांगने पर उन्हें मिलता क्या है? दबाव और अत्याचार।

एक और ज़रूरी मुद्दा - मोदी सरकार ने 4 लेबर कोड जल्दबाज़ी में बिना संवाद नवंबर, 2025 से लागू कर, काम का समय 12 घंटे तक बढ़ा दिया।

जो मज़दूर हर रोज़ 12-12 घंटे खड़े होकर काम करता है फिर भी बच्चों की स्कूल फ़ीस क़र्ज़ लेकर भरता है - क्या उसकी मांग ग़ैरवाजिब है? और जो उसका हक़ हर रोज़ मार रहा है - वो “विकास” कर रहा है?

नोएडा का मज़दूर ₹20,000 माँग रहा है। यह कोई लालच नहीं - यह उसका अधिकार, उसकी जिंदगी का एकमात्र आधार है।

मैं हर उस मज़दूर के साथ हूं - जो इस देश की रीढ़ है और जिसे इस सरकार ने बोझ समझ लिया है।

मंडी हाउस, नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के SC विभाग द्वारा आयोजित "मैं भी अंबेडकर" मैराथन की तिरंगा दिखाकर शुरुआत की।यह...
14/04/2026

मंडी हाउस, नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के SC विभाग द्वारा आयोजित "मैं भी अंबेडकर" मैराथन की तिरंगा दिखाकर शुरुआत की।

यह दौड़ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी के विचारों और भारत के संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन है।

आज जब संवैधानिक मूल्यों पर प्रहार हो रहे हैं, हमें हर अन्याय और भेदभाव के खिलाफ बाबासाहेब जैसा संकल्प लेकर मिलकर लड़ना होगा।

जय भीम, जय संविधान, जय हिंद।

पॉन्डिचेरी विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। विभिन्न ओपिनियन पोल के अनुसार, कांग्रेस को 18 से 25 स...
13/04/2026

पॉन्डिचेरी विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। विभिन्न ओपिनियन पोल के अनुसार, कांग्रेस को 18 से 25 सीटों का अनुमान मिला है, जिसके आधार पर पार्टी बहुमत के साथ चुनाव जीतने की संभावना है।

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे की लंबी वार्ता किसी ठोस समझौते के बिना समाप्त हो गई। परमाणु कार्यक्रम,...
12/04/2026

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे की लंबी वार्ता किसी ठोस समझौते के बिना समाप्त हो गई। परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल प्रतिबंधों और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव जैसे मुद्दों पर दोनों पक्ष असहमत रहे। ईरान ने अमेरिका की 'अत्यधिक मांगों' को खारिज कर दिया, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

ईरान-अमेरिका वार्ता के मुख्य परिणाम (12 अप्रैल 2026):

बातचीत विफल: इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली बातचीत में कोई सफलता नहीं मिली और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल खाली हाथ लौट आया।

असहमतियां: मुख्य टकराव परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर था।

ईरान का रुख: ईरान ने अमेरिका की कड़ी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया और उन्हें "अनुचित" बताया।
आगे का रास्ता: हालांकि बातचीत विफल रही, लेकिन ईरान ने कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नहीं किए हैं।
विवाद के मुख्य बिंदु:
अमेरिका चाहता था कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम सीमित करे और मिसाइल प्रोग्राम पर रोक लगाए।
ईरान ने अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय नीति में हस्तक्षेप को अस्वीकार कर दिया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। विभिन्न ओपिनियन पोल के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को 1...
12/04/2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। विभिन्न ओपिनियन पोल के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस को 180 से 280 सीटों का अनुमान मिला है, जिसके आधार पर पार्टी बहुमत के साथ चुनाव जीतने की संभावना है।

असम विधानसभा चुनाव नतीजे 4 मई 2026 आयेंगे। इस पर कोई ओपिनियन पोल में कांग्रेस प्लस को 70-80 सीट का सर्वे प्राप्त हुआ, जि...
12/04/2026

असम विधानसभा चुनाव नतीजे 4 मई 2026 आयेंगे। इस पर कोई ओपिनियन पोल में कांग्रेस प्लस को 70-80 सीट का सर्वे प्राप्त हुआ, जिसके आधार पर कांग्रेस बहुमत से असम विधानसभा चुनाव जीत रही है। यह एक अनुमति संख्या है।

बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर एक और गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जब अररिया जिले के फारबिसगंज में एक सत्तू विक्रेता...
10/04/2026

बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति पर एक और गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जब अररिया जिले के फारबिसगंज में एक सत्तू विक्रेता द्वारा वाहन चालक की हत्या और उसके बाद मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई है। इस घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

In anticipation of the state elections, Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma has outlined his position on beef consu...
08/04/2026

In anticipation of the state elections, Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma has outlined his position on beef consumption, emphasizing that Muslims are permitted to eat beef as long as it is consumed in private and not within 5 kilometers of a temple. He also highlighted that individuals who consume beef remain eligible to receive votes. The comments underscore the sensitive interplay between dietary preferences and religious sentiments in the lead-up to Assam's elections.

During a No Confidence Motion session in the Lok Sabha, the All India Trinamool Congress (TMC) leader delivered a scathi...
01/04/2026

During a No Confidence Motion session in the Lok Sabha, the All India Trinamool Congress (TMC) leader delivered a scathing critique of the government's parliamentary practices, emphasizing the need for transparency and democratic accountability. Key highlights of her address include criticism of the Lok Sabha's functioning, where she noted a significant reduction in sitting days, citing it as the shortest full-term since 1952 . She also pointed out that crucial discussions on important bills are frequently bypassed, with many being passed without debate . Furthermore, she expressed concerns regarding the opposition's role, highlighting issues such as the suspension of members and the absence of a Deputy Speaker for seven years, which she believes hampers healthy parliamentary debate. Specific policy concerns mentioned included the merger of the Railway Budget with the Union Budget, lack of transparency in CAG reports, and the adverse impact of government policies on sectors like education, health, and national security. She concluded her speech with a poetic sentiment, stating, "तू लाख बेवफा है मगर सर उठाकर चल, दिल रो पड़ेगा तुझे पशेमान देख कर", reiterating her stance while maintaining respect for Speaker Om Birla.
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भारत में चार नए श्रम संहिताएं लागू की जा रही हैं, जो21 नवंबर, 2025 से प्रभावी होंगी और अप्रैल 2026 में पूरी तरह से लागू ...
01/04/2026

भारत में चार नए श्रम संहिताएं लागू की जा रही हैं, जो21 नवंबर, 2025 से प्रभावी होंगी और अप्रैल 2026 में पूरी तरह से लागू होने की उम्मीद है। इनका उद्देश्य29 केंद्रीय कानूनों को एक आधुनिक ढांचे में सुव्यवस्थित करना है। प्रमुख परिवर्तनों में अनिवार्य रूप से 50% मूल वेतन घटक शामिल है, जिससे हाथ में आने वाला वेतन कम हो जाएगा लेकिन पीएफ/ग्रेच्युटी बढ़ जाएगी। इसके अलावा, 48 घंटे के कार्य सप्ताह की सीमा (8-12 घंटे की शिफ्ट के साथ) और गिग वर्कर्स के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा भी शामिल है।नए श्रम संहिता के प्रमुख घटक:वेतन संहिता, 2019: सार्वभौमिक न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करती है, वेतन भुगतान की समयबद्धता में सुधार करती है, और संगठित/असंगठित दोनों क्षेत्रों पर लागू होती है।औद्योगिक संबंध संहिता, 2020: औद्योगिक विवादों को सरल बनाती है, 300 से कम कर्मचारियों वाली फर्मों में तेजी से भर्ती/बर्खास्तगी की अनुमति देती है, और एक पुनर्कौशल निधि की शुरुआत करती है।सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020: गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पीएफ/ईपीएफ और बीमा जैसे लाभों का विस्तार प्रदान करती है।व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों संहिता, 2020: यह विभिन्न उद्योगों में मानकीकृत कार्य स्थितियों को निर्धारित करती है, जिससे 48 घंटे के सप्ताह के भीतर 8-12 घंटे के कार्यदिवसों की अनुमति मिलती है।श्रमिकों और नियोक्ताओं पर प्रमुख प्रभाव:वेतन संरचना: मूल वेतन कुल मुआवजे का 50% या उससे अधिक होना चाहिए, जिससे भविष्य निधि (पीएफ) और ग्रेच्युटी योगदान अधिक होगा, लेकिन घर ले जाने योग्य वेतन कम होगा।कार्य के घंटे: 4 दिन/12 घंटे या 6 दिन/8 घंटे काम करने की सुविधा उपलब्ध है। ओवरटाइम अनिवार्य है और इसका भुगतान सामान्य दर से दुगुना किया जाएगा।अनुपालन: एकल पंजीकरण और फाइलिंग के माध्यम से नियोक्ताओं के लिए अनुपालन संबंधी बोझ को कम करता है।नोट: यद्यपि इसे 21 नवंबर, 2025 को लागू किया गया था, लेकिन पूर्ण संचालन और अंतिम नियमों की अधिसूचना अप्रैल 2026 में होने की उम्मीद है, जिसके तहत पिछले श्रम कानूनों से बदलाव किया जाएगा
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1 अप्रैल, 2026 तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महावीर जयंती के बाद गुजरात के सक्रिय दौरे पर हैं, जहां वे कोबा तीर्थ स्थित ...
01/04/2026

1 अप्रैल, 2026 तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महावीर जयंती के बाद गुजरात के सक्रिय दौरे पर हैं, जहां वे कोबा तीर्थ स्थित सम्राट संप्रति संग्रहालय और सानंद में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन कर रहे हैं।हाल के अपडेट में केंद्रीय राष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय विकास परियोजनाओं और क्षेत्रीय जनसभाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
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